Iran US Relations: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका के साथ हुए समझौते को लेकर बेहद सख्त बयान दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति के हस्ताक्षर पर अब कोई भरोसा नहीं किया जा सकता। इतना ही नहीं, उन्होंने संकेत दिया कि मौजूदा हालात में दोनों देशों के बीच किसी नए समझौते या बातचीत की गुंजाइश भी नहीं बची है।
सोशल मीडिया पर किए गए कई पोस्ट में खामेनेई ने अमेरिका पर समझौते तोड़ने का आरोप लगाया और कहा कि बार-बार वादाखिलाफी करना अमेरिका की नीति का हिस्सा बन चुका है।
‘ईरान के दुश्मन डर और गुस्से में हैं’| Iran US Relations
अपने सिलसिलेवार पोस्ट में खामेनेई ने हाल ही में एक शहीद ईरानी नेता के अंतिम संस्कार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अंतिम विदाई में उमड़ी बड़ी भीड़ ने ईरान की एकता और इस्लामिक-ईरानी पहचान को दुनिया के सामने मजबूती से पेश किया है। उनके मुताबिक, अंतिम संस्कार में लोगों की मौजूदगी ने ईरान के समर्थकों के मन में सम्मान पैदा किया, जबकि विरोधियों को हैरानी, गुस्से और डर में डाल दिया। उन्होंने इसे ईरानी जनता की एकजुटता और देश के प्रति समर्पण का प्रतीक बताया।
The repeated breaches of the agreement by the Great Satan [the US] regarding the MOU signed by the Presidents of Iran and the US have once again laid bare a fundamental truth: the signature of the US President is utterly worthless and devoid of credibility.
— Ayatollah Mojtaba Khamenei (@MKhamenei_ir) July 18, 2026
अमेरिका पर लगाए गंभीर आरोप
खामेनेई ने अमेरिका के साथ हुए समझौता ज्ञापन (MOU) का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका ने एक बार फिर अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी राष्ट्रपति के हस्ताक्षर अब किसी भरोसे के लायक नहीं रह गए हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका की नीतियों में जबरदस्ती, दबाव और वादाखिलाफी शामिल है। उनके अनुसार, हालिया घटनाओं ने एक बार फिर अमेरिका का “असली चेहरा” दुनिया के सामने ला दिया है और यह उसकी अविश्वसनीयता का प्रमाण है।
‘ईरान जवाब देना जानता है’
अपने बयान में खामेनेई ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अमेरिका तनाव बढ़ाने की कोशिश करेगा तो उसे इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने दावा किया कि ईरानी जनता और तथाकथित “रेजिस्टेंस फ्रंट” के पास ऐसे जवाब हैं जिन्हें अमेरिका लंबे समय तक नहीं भूल पाएगा। उन्होंने दक्षिणी इलाकों के लोगों और ईरानी लड़ाकों की सराहना करते हुए कहा कि देश की एकता बनाए रखना और ईरान की गरिमा तथा आजादी की रक्षा करना इस समय सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
ईरान ने बातचीत पर भी लगाया ब्रेक
इस बीच ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने भी सरकारी टीवी से बातचीत में कहा कि अमेरिका ने लगभग एक महीने पहले हुए समझौते के तहत अपनी जिम्मेदारियों का उल्लंघन किया है। उनका कहना था कि इसी वजह से ईरान ने समझौते की शर्तों को फिलहाल निलंबित कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौजूदा परिस्थितियों में ईरान अमेरिका के साथ नई बातचीत के लिए तैयार नहीं है। यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के रिश्ते पहले से ही तनावपूर्ण बने हुए हैं।
तेहरान में फिर लगा विवादित पोस्टर
तनाव के बीच तेहरान में लगाया गया एक नया बड़ा पोस्टर भी चर्चा का विषय बन गया है। इस पोस्टर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके परिवार के सदस्यों की तस्वीरें अमेरिकी झंडे से ढके ताबूतों के ऊपर दिखाई गई हैं। पोस्टर की पृष्ठभूमि में जलता हुआ व्हाइट हाउस भी दिखाया गया है। इसमें ट्रंप के साथ उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप और उनके बच्चों इवांका, डॉन जूनियर, एरिक, टिफ़नी और बैरन ट्रंप की तस्वीरें भी शामिल हैं। पोस्टर पर फारसी भाषा में “खून का बदला खून” लिखा गया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह दूसरी बार है जब ईरान में पब्लिक बिलबोर्ड के ज़रिए US प्रेसिडेंट के बारे में ऐसा मैसेज दिखाया गया है।






























