CJP Protest Updates: राजधानी दिल्ली में सोमवार को जनपथ से संसद मार्ग तक निकला CJP का संसद मार्च हिंसक झड़प में बदल गया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव इतना बढ़ गया कि पत्थरबाजी, बैरिकेड तोड़ने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं सामने आईं। इस हिंसा में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। दिल्ली पुलिस का दावा है कि 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनमें 5 से ज्यादा आईपीएस अधिकारी भी शामिल हैं। वहीं, करीब 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है और कई एफआईआर दर्ज की जा रही हैं।
दिल्ली पुलिस ने यह भी कहा है कि हिंसा के पीछे किसी साजिश की आशंका को देखते हुए पाकिस्तान (PAK) एंगल से भी मामले की जांच की जाएगी। हालांकि, फिलहाल पुलिस ने किसी विदेशी भूमिका की पुष्टि नहीं की है और जांच जारी है।
DCP राजा बांठिया समेत कई वरिष्ठ अधिकारी घायल| CJP Protest Updates
हिंसा के दौरान डीसीपी (नॉर्थ) राजा बांठिया गंभीर रूप से घायल हो गए। उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। पुलिस के मुताबिक, घायलों में स्पेशल कमिश्नर, जॉइंट कमिश्नर, एडिशनल कमिश्नर, डीसीपी, एडिशनल डीसीपी, एसीपी स्तर के अधिकारी, कई महिला पुलिसकर्मी और अन्य जवान शामिल हैं। सभी घायलों का मेडिकल परीक्षण (MLC) कराया जा रहा है। पुलिस ने यह भी बताया कि करीब 60 प्रदर्शनकारियों के घायल होने की सूचना है।
‘अचानक दोनों तरफ से शुरू हो गई पत्थरबाजी’
घटना में घायल एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि वह जनपथ स्थित क्लेरिजेस होटल के सामने ड्यूटी पर तैनात थे। उनके मुताबिक, शुरुआत में स्थिति सामान्य थी, लेकिन अचानक दोनों तरफ से पत्थरबाजी शुरू हो गई। उन्होंने बताया कि पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों को शांत रहने और पीछे हटने के लिए समझाती रही, लेकिन हालात बिगड़ते चले गए। इस दौरान कई पुलिसकर्मियों के सिर पर चोट लगी, एक महिला पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुईं और कई जवानों के हाथ-पैर में चोट आई। अधिकारी के अनुसार, एक एएसआई के गिरने के बाद कथित तौर पर उन पर दोबारा हमला किया गया। उन्हें बचाने पहुंचे सब-इंस्पेक्टर अजय कुमार भी इस दौरान घायल हो गए।
‘ऐसा लगा जैसे पत्थर पहले से इकट्ठा किए गए थे’
घायल अधिकारी ने दावा किया कि जिस तरह से पत्थरबाजी हुई, उससे ऐसा लगा कि पत्थर पहले से मौके पर जमा किए गए थे। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जा सकेगी। उनके मुताबिक, संसद मार्ग पर मुख्य प्रदर्शन समाप्त होने के बाद वहां मौजूद कुछ प्रदर्शनकारी अधिक आक्रामक हो गए और इसके बाद हिंसक झड़प शुरू हो गई।
पुलिस का दावा- चेतावनी के बावजूद नहीं मानी भीड़
दिल्ली पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने कई बार दिए गए कानूनी निर्देशों और लागू निषेधाज्ञा का उल्लंघन किया। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की, पुलिसकर्मियों पर पत्थर और अन्य वस्तुओं से हमला किया तथा सरकारी वाहनों और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। पुलिस के मुताबिक, इस हिंसा के दौरान 15 से 20 सरकारी वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। नुकसान का पूरा आकलन किया जा रहा है और घटना से जुड़े वीडियो तथा अन्य साक्ष्यों की जांच जारी है।
70 लोग हिरासत में, कई FIR दर्ज
दिल्ली पुलिस ने बताया कि अब तक करीब 70 लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस का दावा है कि हिरासत में लिए गए लोगों में कोई भी छात्र शामिल नहीं है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत दंगा, सरकारी कर्मचारियों पर हमला, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने सहित कई मामलों में एफआईआर दर्ज की जा रही है।
साथ ही पुलिस वीडियो फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर हिंसा में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है।
PAK एंगल से भी होगी जांच
दिल्ली पुलिस का कहना है कि हिंसा के पीछे साजिश की आशंका को देखते हुए मामले की PAK एंगल से भी जांच की जाएगी। पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद पाकिस्तान से जुड़े कई सोशल मीडिया हैंडल पर प्रदर्शन और हिंसा को लेकर पोस्ट किए गए। पुलिस का दावा है कि कुछ पोस्ट में यह अफवाह फैलाई गई कि हिंसा में 7 प्रदर्शनकारियों की मौत, 391 लोग घायल और 250 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। पुलिस का कहना है कि इन दावों की जांच की जा रही है और यदि जांच में किसी राजनीतिक दल या अन्य संगठन की भूमिका सामने आती है, तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
अफवाहों से बचने की अपील
घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने, कानून का पालन करने और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करने का अनुरोध किया।
साथ ही आम लोगों से भी कहा गया कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों या अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक व विश्वसनीय स्रोतों से मिली जानकारी को ही सही मानें। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध वीडियो फुटेज, डिजिटल सबूत और अन्य साक्ष्यों के आधार पर हिंसा की पूरी तस्वीर सामने लाई जाएगी और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
































