PoK Protests: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ विरोध अब और तेज होता दिखाई दे रहा है। रावलाकोट में आयोजित एक विशाल जनसभा के दौरान प्रदर्शनकारियों ने न सिर्फ पाकिस्तान की नीतियों का विरोध किया, बल्कि पहली बार खुले मंच से PoK पर पाकिस्तान के नियंत्रण को भी चुनौती दी। इस रैली का नेतृत्व जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के वरिष्ठ नेता सरदार अमान खान ने किया, जिनके बयान ने पूरे इलाके में नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है।
‘यह आजाद या विवादित नहीं, कब्जे वाला इलाका है’ | PoK Protests
रावलाकोट के ईदगाह मैदान में हजारों लोगों को संबोधित करते हुए सरदार अमान खान ने कहा कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर को “आजाद” या “विवादित” बताना वास्तविकता से दूर है। उन्होंने कहा, “यह कोई विवादित इलाका नहीं है। यह कब्जे वाला इलाका है और इस पर कब्जा किया गया है।” उनके इस बयान पर सभा में मौजूद लोगों ने जोरदार तालियां बजाईं और पाकिस्तान विरोधी नारे लगाए।
Pakistan referred to #PoJK as “Azad Kashmir” for decades.#JAAC leader Sardar Aman Khan, in front of 80,000 people, said:
“Kashmir is not disputed territory. It is occupied territory. And it was never truly Azad.”
Pak propaganda exposed from within!#PoJKBleeds #Muzaffarabad pic.twitter.com/zHHOd9YDCn
— Tahima Beig (@TahimaBeig) July 15, 2026
रैली में शामिल कई लोगों ने भी खुद को पाकिस्तान से अलग बताते हुए कहा कि वे अपने अधिकारों और पहचान के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन और तेज किया जाएगा।
‘अधिकार मिलने तक जारी रहेगा आंदोलन’
सरदार अमान खान ने कहा कि यह लड़ाई किसी एक दिन की नहीं, बल्कि अधिकारों की लड़ाई है और इसे जीत मिलने तक जारी रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी हर कीमत पर अपने हक की आवाज उठाते रहेंगे, चाहे इसके लिए उन्हें अपनी जान ही क्यों न गंवानी पड़े। रैली के दौरान पाकिस्तान सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई और लोगों ने आंदोलन जारी रखने का संकल्प दोहराया।
प्रदर्शनों के बीच हिंसा, सात लोगों की मौत का दावा
इस बीच, यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी (यूकेपीएनपी) ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शन के दौरान पाकिस्तानी सुरक्षाबलों की कार्रवाई में सात नागरिकों की मौत हो गई। अंग्रेजी अखबार डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, रावलाकोट में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच हुई झड़प के बाद गोलीबारी हुई, जिसमें सात लोगों की जान चली गई। इन घटनाओं के बाद इलाके में तनाव और बढ़ गया है। स्थानीय संगठनों का कहना है कि लोगों में प्रशासन के खिलाफ नाराजगी लगातार गहरी होती जा रही है।
मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप, अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग
यूकेपीएनपी ने पाकिस्तानी प्रशासन पर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग, मनमानी गिरफ्तारियां, जबरन लोगों को गायब करने, डराने-धमकाने और नागरिक स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी ने इन सभी मामलों की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच कराने की मांग की है। संगठन ने पाकिस्तान सरकार से अपील की है कि वह कथित अवैध हत्याओं और जबरन हिरासत में लेने की घटनाओं पर तुरंत रोक लगाए। साथ ही, गिरफ्तार किए गए सभी लोगों को सक्षम अदालतों के सामने पेश कर उचित कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाए।
संयुक्त राष्ट्र समेत दुनिया से हस्तक्षेप की अपील
यूकेपीएनपी ने संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ, अमेरिका, ब्रिटेन और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों से भी हस्तक्षेप की मांग की है। पार्टी चाहती है कि PoK में एक स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय फैक्ट-फाइंडिंग मिशन भेजा जाए, जो कथित मानवाधिकार उल्लंघनों, मौतों और मौजूदा हालात की निष्पक्ष जांच कर सके। इसके अलावा संगठन ने क्षेत्र में खाद्य सामग्री, दवाइयों, स्वास्थ्य सेवाओं और मानवीय सहायता की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने, संचार प्रतिबंध हटाने और लोगों की आवाजाही पर लगी पाबंदियां समाप्त करने की भी मांग की है।































