क्या ED बीते वर्षों में एक सेलेक्टिव अजेंडे से काम कर रहीं है, अगर ऐसा है तो विपक्ष के सवाल कितने हद तक जायज ?
आज कल हमारे देश के नेताओं को अपनी संसदीय या विधायकी जाने से भी बड़ा खतरा ED से लगता है। वे हमेशा इस बात से सहमें रहते हैं कि कहीं उनके घर ED यानि परिवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) का छापा ना पड़ जाएं। खास तौर पर विपक्ष के नेताओं को भूत से ज्यादा डर ED के...
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