NEET UG Exam 2026: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG को लेकर आज संसद में अहम मंथन होने जा रहा है। संसद की शिक्षा, महिला एवं बाल विकास संबंधी स्थायी समिति की बैठक में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। बैठक का मुख्य फोकस 21 जून को दोबारा आयोजित की गई NEET-UG परीक्षा, परीक्षा प्रणाली में सुधार और भविष्य में ऐसी गड़बड़ियों को रोकने की रणनीति पर रहेगा। इसके साथ ही शिक्षा और रोजगार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव को लेकर भी विस्तार से चर्चा की जाएगी।
NTA के डीजी से पूछे जाएंगे अहम सवाल| NEET UG Exam 2026
बैठक में NTA के महानिदेशक (DG) अभिषेक सिंह संसदीय समिति के सामने पेश होंगे। उनसे दोबारा आयोजित की गई NEET-UG परीक्षा से जुड़े अनुभवों, परीक्षा प्रक्रिया में किए गए बदलावों और भविष्य में परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की तैयारियों पर सवाल पूछे जाएंगे। बैठक में उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी भी मौजूद रहेंगे। वह शिक्षा मंत्रालय की ओर से समिति के सवालों का जवाब देंगे और परीक्षा व्यवस्था में किए जा रहे सुधारों की जानकारी साझा करेंगे।
NTA सुधार समिति पेश करेगी प्रगति रिपोर्ट
बैठक में NTA सुधार समिति के प्रमुख और इसरो के पूर्व अध्यक्ष डॉ. के. राधाकृष्णन भी शामिल होंगे। वह बताएंगे कि समिति की ओर से सुझाए गए सुधारों पर अब तक कितनी प्रगति हुई है। संसदीय समिति इस बात की समीक्षा करेगी कि कौन-कौन से सुझाव लागू किए जा चुके हैं, किन प्रस्तावों पर अभी काम जारी है और परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।
परीक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर रहेगा जोर
बैठक में परीक्षा केंद्रों की निगरानी, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, तकनीकी व्यवस्थाओं, परीक्षा संचालन और अभ्यर्थियों को मिलने वाली सुविधाओं जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा होगी। समिति यह जानना चाहती है कि भविष्य में किसी भी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में गड़बड़ी या अनियमितता की संभावना को किस तरह कम किया जा सकता है। इसके अलावा परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के उपायों पर भी विस्तार से विचार किया जाएगा।
AI का शिक्षा और रोजगार पर क्या होगा असर?
आज होने वाली दूसरी महत्वपूर्ण बैठक का विषय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) रहेगा। समिति इस बात पर चर्चा करेगी कि AI का शिक्षा व्यवस्था और रोजगार के अवसरों पर क्या प्रभाव पड़ रहा है और आने वाले वर्षों में छात्रों को किस तरह तैयार किया जाना चाहिए।
इस बैठक में AICTE के पूर्व अध्यक्ष डॉ. टी. जी. सीताराम समेत कई शिक्षा और तकनीकी विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे। विशेषज्ञ बताएंगे कि AI के दौर में छात्रों को किन नए कौशलों की जरूरत होगी और शिक्षा व्यवस्था में किस तरह के बदलाव किए जाने चाहिए, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।
रोजगार क्षमता बढ़ाने पर भी होगा मंथन
बैठक में छात्रों की रोजगार क्षमता (Employability) बढ़ाने पर भी विशेष चर्चा होगी। इसके तहत स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में आवश्यक बदलावों पर विचार किया जाएगा, ताकि पढ़ाई पूरी करने के बाद छात्र बदलते उद्योगों और नई तकनीकों की जरूरतों के अनुरूप खुद को बेहतर ढंग से तैयार कर सकें। विशेषज्ञों का मानना है कि AI के बढ़ते उपयोग को देखते हुए पारंपरिक शिक्षा मॉडल में बदलाव की जरूरत है। ऐसे में छात्रों को तकनीकी कौशल, समस्या समाधान क्षमता और नई डिजिटल तकनीकों की समझ देने पर जोर दिया जाएगा।
शिक्षा नीति और परीक्षा प्रणाली पर पड़ सकता है असर
आज होने वाली दोनों बैठकों को शिक्षा क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक ओर देश की सबसे बड़ी परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी NTA की जवाबदेही और उसके सुधारों की समीक्षा होगी, तो दूसरी ओर AI के दौर में भारत की शिक्षा व्यवस्था को भविष्य के लिए तैयार करने पर व्यापक चर्चा की जाएगी।





























