Milk Price Hike 2026: पहले गैस, अब दूध आम आदमी की जेब पर एक और वार, 10 दिन बाद क्या होगा?

Shikha Mishra | Nedrick News India Published: 17 मार्च 2026, 04:27 PM Updated: 17 मार्च 2026, 04:27 PM
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Milk Price Hike 2026: महंगाई की दोहरी मार से जूझ रहे आम आदमी की कमर पहले ही टूट चुकी है, और अब डेयरी उद्योग से आ रही खबरों ने जनता की चिंता और बढ़ा दी है। रसोई गैस की किल्लत के बाद अब दूध की सप्लाई पर मंडराता यह खतरा मध्यम वर्गीय परिवारों के बजट को पूरी तरह बिगाड़ने की ओर इशारा कर रहा है। मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में चल रहे युद्ध के कारण गहराते ऊर्जा संकट को देखते हुए, महाराष्ट्र के कई डेयरी संचालकों ने अब गंभीर चेतावनी जारी की है।

क्यों आई दिक्कत

मीडिया द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र के कई डेयरी संचालकों का कहना है कि एलपीजी की भारी किल्लत की वजह से दूध की प्रोसेसिंग (पाश्चुरीकरण) और पैकेजिंग का काम बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। संचालकों ने चेतावनी दी है कि अगर स्थिति जल्द नहीं सुधरी, तो आने वाले कुछ दिनों में दूध की किल्लत और बढ़ सकती है।

दूध को लंबे समय तक सुरक्षित रखने और कीटाणुओं से बचाने के लिए उसे एक निश्चित तापमान पर गर्म करना (पाश्चुरीकरण) अनिवार्य है, और इस पूरी प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए भारी मात्रा में गैस (ईंधन) की आवश्यकता होती है।

क्या है समस्या ?

चूंकि अभी एलपीजी (LPG) की भारी किल्लत है, इसलिए डेयरी संचालक दूध को सही तापमान पर गर्म नहीं कर पा रहे हैं। अगर दूध पाश्चुरीकृत नहीं होगा, तो वह कुछ ही घंटों में फट जाएगा और सप्लाई चेन तक पहुंचने से पहले ही खराब हो जाएगा।

10 दिनों की पैकेजिंग सामग्री का स्टॉक

इसके अलावा, डेयरी उद्योग के सामने एक और बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। दरअसल, अब डेयरियों के पास पैकेट और कार्टन की भारी कमी होने लगी है। गैस संकट के कारण दूध के पैकेट बनाने वाली फैक्ट्रियों को पर्याप्त ईंधन नहीं मिल पा रहा है, जिससे उत्पादन की रफ्तार धीमी हो गई है। गोवर्धन डेयरी के संस्थापक देवेंद्र शाह के मुताबिक, उनके पास अब केवल 10 दिनों की पैकेजिंग सामग्री का स्टॉक बचा है। वहीं चेंबूर की सुरेश डेयरी के मैनेजर शारीब शेख ने बताया कि अगर अगले 10 दिनों में गैस आपूर्ति के हालात में सुधार नहीं आया, तो डेयरी उद्योग एक बड़े संकट (Major Crisis) में फंस सकता है।

बड़ी डेयरी पर राहत

राहत की बात यह है कि फिलहाल बड़ी डेयरी कंपनियों पर इसका असर कम देखने को मिल रहा है। अमूल (Amul) के एमडी जयेन मेहता के अनुसार, उनकी करीब 80 प्रतिशत गैस जरूरतें पूरी हो रही हैं, जिससे फिलहाल उनकी सप्लाई पर बड़ा खतरा नहीं है।

Shikha Mishra

shikha@nedricknews.com

शिखा मिश्रा, जिन्होंने अपने करियर की शुरुआत फोटोग्राफी से की थी, अभी नेड्रिक न्यूज़ में कंटेंट राइटर और रिसर्चर हैं, जहाँ वह ब्रेकिंग न्यूज़ और वेब स्टोरीज़ कवर करती हैं। राजनीति, क्राइम और एंटरटेनमेंट की अच्छी समझ रखने वाली शिखा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और पब्लिक रिलेशन्स की पढ़ाई की है, लेकिन डिजिटल मीडिया के प्रति अपने जुनून के कारण वह पिछले तीन सालों से पत्रकारिता में एक्टिव रूप से जुड़ी हुई हैं।

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