Meerut  News: इलाज के नाम पर शर्मनाक हरकत! डॉक्टर ने बच्चे की आंख के घाव पर लगाया फेविक्विक

👤 vickynedrick@gmail.com | Nedrick News 🕒 Published: 21 नवम्बर 2025, 12:00 AM 🔄 Updated: 21 नवम्बर 2025, 12:00 AM
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Meerut News: उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने लोगों को हैरान कर दिया है। यहां एक प्राइवेट अस्पताल में डॉक्टर की लापरवाही ने ढाई साल के बच्चे को पूरी रात दर्द से तड़पने पर मजबूर कर दिया। घटना मेरठ के जागृति विहार एक्सटेंशन स्थित मेपल्स हाइट की है, जहां रहने वाले फाइनेंसर जसपिंदर सिंह का छोटा बेटा खेलते समय हादसे का शिकार हो गया। गुरुवार 19 नवंबर की शाम बच्चा मेज के कोने से टकरा गया, जिससे उसकी आंख के पास चोट लग गई और काफी खून बहने लगा। घबराए माता-पिता तुरंत उसे पास के एक प्राइवेट हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां जो हुआ उसने सभी को स्तब्ध कर दिया।

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टांके लगाने के बजाय डॉक्टर ने लगा दी फेविक्विक (Meerut News)

माता-पिता के मुताबिक, बच्चे की चोट देखकर डॉक्टर ने पहले घाव साफ किया और फिर टांके लगाने के बजाय उनसे 5 रुपये वाली फेविक्विक लाने को कहा। माता-पिता ने यह सोचकर कि डॉक्टर जो कर रहे हैं सही कर रहे होंगे, वैसा ही किया और फेविक्विक डॉक्टर को दे दी। डॉक्टर ने बच्चे की चोट पर यही गोंद लगाकर घाव को चिपका दिया। माता-पिता का आरोप है कि डॉक्टर ने न बच्चे को ठीक से देखा और न ही उसकी हालत को समझने की कोशिश की।

पूरी रात दर्द से तड़पता रहा बच्चा

फेविक्विक लगाने के बाद स्थिति सुधरने के बजाय बिगड़ती चली गई। बच्चा पूरी रात दर्द से तड़पता रहा। डॉक्टर बार-बार पैरंट्स को भरोसा दिलाते रहे कि थोड़ी देर में सब ठीक हो जाएगा, लेकिन दर्द कम होने के बजाय बढ़ता चला गया। हालात बिगड़ते देख अगली सुबह माता-पिता बच्चे को लेकर तुरंत दूसरे अस्पताल पहुंचे।

तीन घंटे की मेहनत के बाद मिला बच्चे को आराम

दूसरे अस्पताल के डॉक्टरों ने जब पैरंट्स से फेविक्विक वाली बात सुनी तो उन्होंने बिना देरी किए बच्चे का इलाज शुरू कर दिया। डॉक्टरों को सबसे पहले बच्चे की त्वचा से गोंद हटाने में ही काफी समय लग गया। लगभग तीन घंटे की सावधानीपूर्वक प्रक्रिया के बाद फेविक्विक पूरी तरह हटाई गई, ताकि बच्चे की त्वचा और आंख को नुकसान न पहुंचे।

जैसे ही गोंद हटाकर घाव साफ नजर आने लगा, डॉक्टरों ने तुरंत उस पर चार टांके लगाए। बच्चे के पिता के मुताबिक, डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि फेविक्विक लगाना बेहद खतरनाक था। अगर थोड़ी सी भी गोंद बच्चे की आंख में चली जाती तो उसकी आंख की रोशनी तक जा सकती थी।

सीएमओ ने दिए जांच के आदेश

माता-पिता ने इस घटना की शिकायत मेरठ के सीएमओ से भी की है। सीएमओ डॉ. अशोक कटारिया ने बताया कि उन्हें शिकायत मिली है और यह मामला बेहद गंभीर और चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि इस घटना की जांच के लिए एक समिति गठित कर दी गई है, जो पूरे मामले की विस्तार से जांच करेगी। उनकी रिपोर्ट आने के बाद जिस भी व्यक्ति की लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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