Kirti Chakra 2026: राष्ट्रपति भवन में आयोजित वीरता सम्मान समारोह का एक ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने पूरे देश को भावुक कर दिया। देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया, लेकिन सम्मान ग्रहण करने के दौरान जो हुआ, उसने वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम कर दीं। समारोह में जब शहीद अधिकारी के माता-पिता को मंच पर बुलाया गया, तो बेटे की याद में उनकी मां नीता तिवारी खुद को संभाल नहीं सकीं। वर्षों का दर्द और बेटे को खोने की पीड़ा उनकी आंखों से आंसुओं के रूप में छलक पड़ी। वह सम्मान ग्रहण करने के दौरान भावुक हो गईं और रोते हुए राष्ट्रपति से लिपट गईं। यह पल इतना मार्मिक था कि कुछ देर के लिए पूरा सभागार शांत हो गया।
राष्ट्रपति ने दिखाई संवेदनशीलता| Kirti Chakra 2026
आमतौर पर ऐसे राष्ट्रीय समारोहों में प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जाता है, लेकिन इस मौके पर भावनाएं नियमों पर भारी पड़ गईं। शहीद की मां की हालत देखकर राष्ट्रपति स्वयं भावुक हो गईं। उन्होंने औपचारिकताओं को पीछे छोड़ते हुए खुद आगे बढ़कर शहीद के माता-पिता को सांत्वना दी और कीर्ति चक्र सम्मान उन्हें सौंपा।
#WATCH | राष्ट्रपति भवन में सम्मान समारोह का आयोजन…
शहीद लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को देश की सेवा में उनकी असाधारण वीरता, साहस और सर्वोच्च बलिदान के लिए मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया।
यह क्षण अत्यंत भावुक रहा, जब उनकी माताजी ने सम्मान ग्रहण किया और अपने… pic.twitter.com/t9esqY3Co9
— डीडी न्यूज़ (@DDNewsHindi) June 8, 2026
राष्ट्रपति भवन में मौजूद लोगों के लिए यह सिर्फ एक सम्मान समारोह नहीं था, बल्कि एक मां के दर्द और एक सैनिक के सर्वोच्च बलिदान को नजदीक से महसूस करने का क्षण था। वहां मौजूद कई लोगों की आंखें भर आईं।
पीएम मोदी और राजनाथ सिंह भी हुए भावुक
इस भावुक पल का असर मंच पर मौजूद देश के शीर्ष नेताओं पर भी दिखाई दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी शहीद के माता-पिता के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए हाथ जोड़कर खड़े नजर आए। कुछ समय के लिए पूरा माहौल गमगीन हो गया। सभागार में मौजूद अधिकारी, सैन्यकर्मी और अतिथि भी इस दृश्य को देखकर भावुक हो उठे। सोशल मीडिया पर भी इस पल की तस्वीरें और वीडियो तेजी से साझा किए जा रहे हैं, जिन्हें देखकर लोग शहीद परिवार के प्रति सम्मान व्यक्त कर रहे हैं।
असाधारण साहस के लिए मिला कीर्ति चक्र
लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को देश के दूसरे सबसे बड़े वीरता सम्मान कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें उनकी बहादुरी, कर्तव्यनिष्ठा और देश सेवा के दौरान दिए गए सर्वोच्च बलिदान के लिए मरणोपरांत प्रदान किया गया। शशांक तिवारी सिक्किम स्काउट्स में तैनात थे। 22 मई 2025 को उत्तर सिक्किम में एक ऑपरेशनल गश्त के दौरान उन्होंने अपने साथी सैनिक अग्निवीर स्टीफन सुब्बा की जान बचाने के लिए अपनी जान की परवाह नहीं की। इस दौरान उन्होंने अदम्य साहस का परिचय दिया और कर्तव्य निभाते हुए शहीद हो गए।
देश को याद दिला गया बलिदान का महत्व
राष्ट्रपति भवन में हुआ यह भावुक क्षण एक बार फिर देश को यह याद दिला गया कि सीमा पर तैनात सैनिक केवल अपनी ड्यूटी नहीं निभाते, बल्कि देशवासियों की सुरक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर देते हैं। उनके पीछे रह जाने वाले परिवार भी उसी त्याग और संघर्ष का हिस्सा होते हैं।
































