Ketan Agarwal Murder Update: महाराष्ट्र के चर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस की जांच में लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं। अब पुलिस जांच में यह दावा किया गया है कि मुख्य आरोपी सिया गोयल अपने मंगेतर केतन अग्रवाल से शादी नहीं करना चाहती थी। जांचकर्ताओं के मुताबिक, सिया का मानना था कि अगर केतन की मौत हो जाती है तो उसे शादी के फैसले को टालने के लिए कम से कम तीन साल का समय मिल जाएगा। पुलिस को यह भी संदेह है कि सह-आरोपी चेतन चौधरी ने भी सिया से शादी करने से पहले कुछ वर्षों का समय मांगा था। हालांकि पुलिस अभी इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है और अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
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शादी से बचने के लिए रची गई कथित साजिश? Ketan Agarwal Murder Update
पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि सिया और चेतन दोनों समाज में अरेंज मैरिज टूटने से होने वाली बदनामी को लेकर चिंतित थे। जांच एजेंसियों का मानना है कि इसी वजह से दोनों ने कथित तौर पर केतन अग्रवाल को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। हालांकि पुलिस इस संभावित मकसद की पुष्टि के लिए इलेक्ट्रॉनिक और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि क्या वास्तव में हत्या का उद्देश्य केवल शादी टालना था या इसके पीछे कोई और कारण भी मौजूद था।
उदयपुर ट्रिप भी जांच के दायरे में
इस मामले में एक और अहम जानकारी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, फरवरी में सिया और केतन की सगाई होने से पहले जनवरी में सिया गोयल और चेतन चौधरी अपने कुछ दोस्तों के साथ राजस्थान के उदयपुर घूमने गए थे। दोनों करीब पांच दिनों तक वहां रहे थे। चेतन मूल रूप से राजस्थान का रहने वाला है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस यात्रा के दौरान दोनों के बीच क्या बातचीत हुई थी और क्या इसी दौरान कथित हत्या की योजना तैयार की गई थी। इसके लिए ट्रैवल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन, होटल डिटेल्स और डिजिटल साक्ष्यों की बारीकी से जांच की जा रही है।
क्या सिर्फ शादी टालना था मकसद?
पुलिस के सामने इस समय सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर अब तक सामने आए दावे सही साबित होते हैं, तो क्या पूरी कथित साजिश सिर्फ शादी से बचने के लिए रची गई थी या इसके पीछे कोई अन्य वजह भी थी। जांच टीम मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, चैट हिस्ट्री, यात्रा से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की टाइमलाइन तैयार कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले की असली तस्वीर सामने आएगी।
18 जून को कैसे हुई घटना?
पुलिस के मुताबिक, 18 जून को 26 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल अपनी मंगेतर सिया गोयल के साथ पुणे के लोहागढ़ किले पर घूमने गए थे। जांच एजेंसियों का आरोप है कि पहले से तय योजना के तहत चेतन चौधरी भी वहां पहुंचा था। पुलिस का दावा है कि तय इशारे के बाद चेतन ने पीछे से आकर केतन को गहरी खाई में धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। शुरुआत में इस घटना को दुर्घटना माना गया था, लेकिन बाद में पुलिस जांच में मामला कथित तौर पर सुनियोजित हत्या का निकला। फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है।
डिलीट चैट्स से मिल सकते हैं अहम सुराग
जांच एजेंसियों के अनुसार, इस केस की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी अब डिजिटल साक्ष्य हैं। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों ने कथित तौर पर अपने मोबाइल फोन से व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य बातचीत डिलीट कर दी थी। इतना ही नहीं, फोन के रीसायकल बिन को भी खाली कर दिया गया था ताकि कोई रिकॉर्ड न बच सके। अब दोनों मोबाइल फोन फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। विशेषज्ञ डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस को उम्मीद है कि इससे कथित साजिश की पूरी टाइमलाइन, दोनों आरोपियों की भूमिका और यह भी स्पष्ट हो सकेगा कि क्या इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भी संलिप्तता थी।
क्रिकेट के जरिए हुई थी पहली पहचान
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि चेतन चौधरी की पहचान सिया के बड़े भाई साहिल गोयल से क्रिकेट खेलने के दौरान हुई थी। बाद में सिया की भी चेतन से मुलाकात हुई। वर्ष 2025 में एक कॉमन फ्रेंड की दिवाली पार्टी में दोनों फिर मिले और यहीं से उनकी बातचीत बढ़ने लगी। कॉल डिटेल रिकॉर्ड के मुताबिक, जनवरी से दोनों के बीच 2,004 फोन कॉल हुईं, जिनकी कुल अवधि करीब 238 घंटे बताई जा रही है। पुलिस अब इन बातचीत के विषय और उनके आपसी संबंधों की गहराई से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले के हर पहलू की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

































