Ghaziabad News: कांवड़ यात्रा को लेकर मौलाना साजिद रशीदी की कथित टिप्पणी के बाद गाजियाबाद में विवाद बढ़ता जा रहा है। मुरादनगर निवासी हिंदूवादी नेता आयुष त्यागी काकड़ा ने मौलाना के बयान पर कड़ी नाराजगी जताते हुए एक वीडियो जारी किया। इसमें उन्होंने कथित तौर पर मौलाना के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक और धमकी भरा बयान दिया और उनकी गर्दन लाने वाले को 11 लाख रुपये देने की बात कही। मामला सामने आने के बाद पुलिस सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और दोनों पक्षों के बयानों की जांच कर रही है।
कांवड़ियों को लेकर टिप्पणी पर शुरू हुआ विवाद| Ghaziabad News
विवाद की शुरुआत मौलाना साजिद रशीदी की कांवड़ यात्रा को लेकर सामने आई कथित टिप्पणी से हुई। आरोप है कि उन्होंने कांवड़ियों के लिए नशेड़ी, लुटेरे और आतंकवादी जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। सावन के दौरान लाखों शिवभक्त हरिद्वार और दूसरे गंगातटों से जल लेकर अपने गंतव्य की ओर लौट रहे हैं। ऐसे में कांवड़ियों को लेकर की गई कथित टिप्पणी के बाद हिंदू संगठनों और कांवड़ यात्रा से जुड़े लोगों में नाराजगी देखने को मिली।
आयुष त्यागी काकड़ा ने अपने वीडियो में कहा कि मौलाना लगातार सनातन धर्म और हिंदू समाज को निशाना बनाते हैं। उन्होंने दावा किया कि इस बार कांवड़ियों को लेकर की गई टिप्पणी ने सारी सीमाएं पार कर दी हैं।
‘गर्दन लाने वाले को 11 लाख रुपये देंगे’
वायरल वीडियो में आयुष त्यागी ने कथित तौर पर मौलाना साजिद रशीदी के खिलाफ हिंसक धमकी देते हुए कहा कि जो उनकी गर्दन काटकर लाएगा, उसे 11 लाख रुपये दिए जाएंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी सनातन धर्म को लेकर आपत्तिजनक बयान देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
त्यागी ने यह भी कहा कि कांवड़िए अपनी आस्था के साथ यात्रा कर रहे हैं और उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली बयानबाजी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने मौलाना से सनातन धर्म से जुड़े मामलों पर टिप्पणी करने को लेकर भी सवाल उठाए।
नंदकिशोर गुर्जर भी दे चुके हैं तहरीर
इस विवाद में इससे पहले लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर का नाम भी सामने आ चुका है। उन्होंने कथित टिप्पणी के खिलाफ लखनऊ कोतवाली में तहरीर देकर मौलाना साजिद रशीदी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। विवाद बढ़ने के बाद अब आयुष त्यागी के बयान ने मामले को और गरमा दिया है। दोनों पक्षों की ओर से सामने आए बयानों को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस तेज है।
पुलिस कर रही वीडियो और बयानों की जांच
कांवड़ यात्रा को देखते हुए गाजियाबाद पुलिस-प्रशासन पहले से ही अलर्ट मोड में है। अधिकारियों की ओर से लगातार लोगों से अपील की जा रही है कि धार्मिक मामलों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी या भड़काऊ सामग्री सोशल मीडिया पर शेयर न करें। पुलिस सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और बयानों की सत्यता की जांच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
और पढ़ें: बारिश ने खोली स्मार्ट सिटी की पोल! दिल्ली-NCR से पहाड़ों तक जलसैलाब, सिस्टम बेबस| Delhi NCR Rain













































