लाठीचार्ज के बाद BJP ने हेमंत सरकार पर साधा निशाना, छात्रों पर बर्बरता की कौन लेगा जिम्मेदारी? | JharKhand Student Protest Update

Rajni | Nedrick News JharKhand Published: 11 अगस्त 2026, 08:50 PM Updated: 11 अगस्त 2026, 08:50 PM
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JharKhand Student Protest Update: सत्ता का नशा और तख्त का मखमल अक्सर हुक्मरानों को जमीनी हकीकत से अंधा कर देता है। उन्हें जनता की चीखें और गुहार सुनाई देना बंद हो जाती हैं। आज झारखंड से जो तस्वीरें आ रही हैं, वे इसी अहंकार की गवाही देती हैं। चाहे रांची की सरकार हो या दिल्ली की सत्ता का ताज पहनने वाले, ये नेता भूल जाते हैं कि लोकतंत्र में असली राजा सिर्फ और सिर्फ जनता जनार्दन है।

कल विधानसभा मार्च के दौरान छात्रों के साथ जो बर्बरता हुई, उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? या बस ब्लेम-गेम खेलकर सत्ताधारी इससे पल्ला झाड़ लेंगे? चाहे दिल्ली का जंतर-मंतर छात्र आंदोलन हो या रांची का छात्र आंदोलन, दोनों ही सूरतों में सरकार की जवाबदेही बनती है। लेकिन सत्ता पर बैठे हुक्मरानों को एक-दूसरे पर कीचड़ उछालने से ही फुर्सत नहीं मिल रही। तो चलिए इस लेख के जरिए जानेंगे कि लाठीचार्ज के बाद क्या-क्या हुआ और किसने क्या कहा?

और पढ़ें: क्या जंतर-मंतर की राह पर चल पड़ा झारखंड, छात्रों पर बरसीं लाठियां और वॉटर कैनन | JharKhand Student Protest

BJP ने चौतरफा खोल मोर्चा

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में आज, 11 अगस्त 2026 को, झारखंड विधानसभा में भारी हंगामा हुआ। विपक्ष के वॉकआउट के बाद सदन की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा। इस पुलिसिया बर्बरता के खिलाफ अब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने चौतरफा मोर्चा खोल दिया है।

बता दें कि पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में उतरे एबीवीपी (ABVP) कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर टायर जलाकर भारी आक्रोश जताया है और रांची की मुख्य सड़कों को जाम कर दिया है। आंदोलित छात्रों के समर्थन में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आज पूरे झारखंड बंद का आह्वान किया है। बीजेपी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी कर रहे हैं। इधर, एबीवीपी के हजारों छात्र आज सुबह ओल्ड असेंबली तीनकोनिया ग्राउंड से विधानसभा घेराव के लिए कूच कर चुके हैं। माहौल को देखते हुए रांची में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 3,000 से अधिक अतिरिक्त पुलिस जवानों की तैनाती की गई है।

JharKhand Student Protest में क्या हुआ था कल?

अपनी मांगों को लेकर सोमवार को लगभग 60,000 छात्र विधानसभा घेराव के लिए सड़कों पर उतरे थे। उग्र प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने सुरक्षा के लिए लगाए गए कई घेरे (बैरिकेड्स) तोड़ दिए और कुछ छात्र तो विधानसभा परिसर के बेहद करीब तक पहुंच गए। इसके बाद बेकाबू हुई भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, वाटर कैनन (पानी की बौछार) चलाई और दो बार बर्बर लाठीचार्ज किया। इस तीखी झड़प में 100 से अधिक छात्र और करीब 14 पुलिसकर्मी घायल हो गए। वहीं, पिछले 9 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो की हालत लाठीचार्ज के दौरान और बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें स्ट्रेचर पर तुरंत सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।

किसने किस पर साधा निशाना

रांची में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज के बाद सत्तारूढ़ गठबंधन, विपक्ष और छात्र नेताओं की तरफ से बेहद तीखे बयान सामने आए हैं। इस घटना ने झारखंड से लेकर दिल्ली तक की सियासत को पूरी तरह गरमा दिया है।

राहुल गांधी ने की हिंसा की निंदा

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस पुलिसिया कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की है और अपनी ही गठबंधन सरकार (JMM-कांग्रेस) के प्रशासन की चूक को स्वीकार किया है। उन्होंने कहा, “झारखंड के छात्रों के लिए मेरा संदेश स्पष्ट है कि हम शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा की निंदा करते हैं। यह चाहे जहां भी हो, हम इसके खिलाफ हैं। जब तक प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से हो रहा है, उस पर हिंसक कार्रवाई करना पूरी तरह गलत है और हम इसके साथ नहीं हैं।”

बीजेपी बाबूलाल मरांडी ने सोरेन सरकार पर बोला हमला

दूसरी तरफ, बीजेपी नेता बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन सरकार पर सीधा हमला बोला और कांग्रेस को भी घेरे में लिया। उन्होंने कहा, “छात्रों पर हुआ यह लाठीचार्ज जेएमएम-कांग्रेस सरकार के ताबूत में आखिरी कील साबित होगा। अगर राहुल गांधी और कांग्रेस में थोड़ी भी नैतिकता बची है, तो वे युवाओं पर अत्याचार करने वाली हेमंत सोरेन सरकार से अपना समर्थन तुरंत वापस लें।”

अनुराग ठाकुर ने हेमंत सोरेन और राहुल गांधी पर साधा निशाना

दिल्ली से बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने भी इस मुद्दे पर हेमंत सोरेन और राहुल गांधी दोनों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, “अपनी नौकरियों और पारदर्शी परीक्षा की मांग कर रहे युवाओं को न्याय देने के बजाय हेमंत सोरेन सरकार ने उन पर लाठियां बरसाईं, कंटीले तार लगाए और आंसू गैस के गोले छोड़े। राहुल गांधी और हेमंत सोरेन मिलकर झारखंड के युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रहे हैं।”

सुनील सोरेन ने की इस्तीफे की मांग

पूर्व सांसद और बीजेपी नेता सुनील सोरेन ने इस घटना के बाद मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा, “छात्र बेहद लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से विधानसभा घेराव करने आए थे, लेकिन प्रशासन ने उन पर बर्बर लाठीचार्ज किया। अगर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन में थोड़ी भी नैतिकता बची है, तो उन्हें तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।”

आंदोलित छात्रों की हुंकार

लाठीचार्ज के बाद घायल और आंदोलित छात्र नेताओं ने अब सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। छात्र नेताओं का कहना है, “मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तानाशाह न बनें। यह सूबे के युवा ही थे जिन्होंने आपको सत्ता की कुर्सी पर बैठाया था और यही युवा अब आपको सत्ता से बेदखल भी करेंगे।” वहीं अन्य प्रदर्शनकारी छात्रों ने साफ कहा, “आप लाठियों के दम पर छात्रों की आवाज को नहीं दबा सकते। हम लाठियां खाने को तैयार हैं, लेकिन अपने अधिकारों और परीक्षाओं की सीबीआई (CBI) जांच के लिए हमारी लड़ाई जारी रहेगी।”

पुलिस और प्रशासन का पक्ष

दूसरी तरफ, पूरे मामले पर कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए रांची के सिटी एसपी ने पुलिस कार्रवाई का बचाव किया है। सिटी एसपी ने कहा, “विधानसभा मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों की तरफ से किए गए भारी पथराव में पुलिसकर्मी घायल हो गए थे, जिसके बाद बेकाबू भीड़ को तितर-बितर करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को मजबूरन बल प्रयोग करना पड़ा।”

Rajni

rajni@nedricknews.com

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