Bhopal Raid News: पूर्व आरटीओ कांस्टेबल Saurabh Sharma की तलाश जारी, करोड़ों के लेन-देन पर सवाल

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 24 दिसम्बर 2024, 05:30 AM Updated: 24 दिसम्बर 2024, 05:30 AM
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Bhopal Raid News: मध्य प्रदेश में लोकायुक्त द्वारा की गई छापेमारी ने प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था को हिला कर रख दिया है। छापेमारी के मुख्य आरोपी, पूर्व आरटीओ कांस्टेबल सौरभ शर्मा (Ex RTO Constable Saurabh Sharma), का फिलहाल कोई पता नहीं है। लोकायुक्त ने सौरभ शर्मा के खिलाफ समन जारी किया है और उनकी तलाश के लिए जांच तेज कर दी है।

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कौन है सौरभ शर्मा? (Bhopal Raid News)

सौरभ शर्मा ग्वालियर के निवासी हैं और उन्होंने 2015 में अनुकंपा नियुक्ति के माध्यम से पुलिस सेवा में कदम रखा था। केवल सात साल की नौकरी के बाद, उन्होंने आरटीओ विभाग से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ले ली। वीआरएस के बाद सौरभ ने रियल एस्टेट का कारोबार शुरू किया और प्रदेश के प्रभावशाली लोगों से करीबी संबंध बना लिए।

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कैसे बढ़ा सौरभ का साम्राज्य?

सौरभ शर्मा ने रियल एस्टेट कारोबार में तेजी से नाम कमाया। लोकायुक्त की छापेमारी में सौरभ के घर से 4 लग्जरी गाड़ियां और करोड़ों की संपत्ति के दस्तावेज मिले हैं।

  • डायरियों में 97 करोड़ का लेन-देन: छापेमारी में बरामद डायरियों में दिसंबर 2024 तक 97 करोड़ रुपये के लेन-देन का रिकॉर्ड मिला है।
  • अवैध गतिविधियां: इन रकम को अवैध लेन-देन और रिश्वत से जोड़ा जा रहा है।

टीम यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि अगर डायरी में करोड़ों के लेन-देन का रिकॉर्ड है तो यह पैसा कहां से आया और किसे मिलना था? फिलहाल जांच की दिशा इसी खुलासे पर निर्भर करती है।

लोकायुक्त की कार्रवाई

लोकायुक्त डीजी जयदीप प्रसाद (Lokayukta DG Jaideep Prasad) ने जानकारी दी कि सौरभ शर्मा, चेतन गौर, और शरद जायसवाल को मामले में आरोपी बनाया गया है। वहीं, सौरभ के हवाला नेटवर्क से जुड़े होने की संभावना पर भी जांच हो रही है। हालांकि, अभी तक हवाला का कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है। डीएसपी वीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में एक तीन सदस्यीय टीम बनाई गई है, जो दस्तावेजों और लेन-देन की जांच कर रही है।

नौकरी छोड़ने के बाद भी विभाग में सक्रिय

लोकायुक्त की जांच में यह सामने आया है कि नौकरी छोड़ने के बावजूद सौरभ शर्मा परिवहन विभाग में सक्रिय थे। वे अपने लोगों को चेक पोस्ट पर भेजते थे और अधिकारियों के बीच अपना प्रभाव बनाए रखते थे।

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डायरियों में रसूखदारों के नाम?

छापेमारी में बरामद दस्तावेजों और डायरियों में कई रसूखदारों के नाम होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, अभी तक किसी राजनेता के साथ सौरभ का सीधा संबंध स्थापित नहीं हुआ है। जांच जारी है कि यह रकम कहां से आई और कहां भेजी गई।

सौरभ शर्मा की संपत्ति और जीवनशैली

छापेमारी में सौरभ के घर से 4 लग्जरी गाड़ियां मिली हैं। वीआरएस लेने के बाद रियल एस्टेट में उनकी सक्रियता बढ़ी और उन्होंने प्रभावशाली लोगों से संबंध बनाकर अपना साम्राज्य खड़ा किया। केवल सात साल की नौकरी में उन्होंने करोड़ों की संपत्ति बना ली।

आगे की जांच और कार्रवाई

लोकायुक्त का कहना है कि सौरभ देश या विदेश में कहीं भी हो, उसे गिरफ्तार कर जांच के दायरे में लाया जाएगा। आयकर विभाग और अन्य जांच एजेंसियां भी इस मामले में शामिल हो रही हैं।

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