भीम आर्मी संस्थापक चन्द्रशेखर का दोहरा चरित्र आया दुनिया के सामने, लगा महिलाओं संग शोषण का आरोप

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दलित समुदाय के बड़े नेता माने जाने वाले भीम आर्मी के संस्थापक चन्द्रशेखर आजाद उर्फ रावण दलितों पर हो रहे अत्याचार को देखकर सामाजिक कार्यकर्ता बने थे। मीडिया में उनके बारे में ये सब दिखाया जाता है कि वो दलितों के मसीहा हैं। लेकिन हर सिक्के के दो पहलू होते हैं और उसी तरह चन्द्रशेखर के चरित्र के भी दो पहलू हैं। एक चरित्र वह है जो वह समाज के सामने दिखाते हैं और दूसरा वह है जिसमें वह अपनी समाज की महिलाओं का शोषण करके असली रावण बन रहें हैं। दरअसल, ये हम नहीं कह रहे हैं, ये बात दलित समाज की बेटी रोहिणी ने दुनिया के सामने उजागर की है। वाल्मीकि समुदाय से आने वाली रोहिणी घावरी ने भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण पर धोखाधड़ी और यौन शोषण का आरोप लगाया है। आइए आपको बताते हैं क्या है पूरा मामला।

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वायरल हो रही “रावण” की रोने वाली वीडियो

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो इन दिनों वायरल हो रही है। जिसमें चंद्रशेखर को रोते हुए देखा जा सकता है। रोहिणी ने इस पोस्ट में लिखा है कि यह उनकी गलती थी कि उन्होंने सच्चा आंदोलनकारी इंसान मानकर, उनके साथ खड़ी हुईं।

रोहिणी इस वीडियो के साथ लिखा, “अब कभी जीवन में किसी मर्द पर भरोसा नहीं कर पाऊंगी इसलिए शादी रिश्ते जैसी चीजों से बहुत दूर हो चुकी हूं। अब मेरा बचा हुआ जीवन देश और समाज को समर्पित है। मैं झूठे आरोप झेल झेल के थक गई हूँ अब जब भी कुछ अच्छा करती हूं लोग मेरा चीरहरण करना शुरू कर देते हैं। मुझे एक लड़की होने की सज़ा मिल रही है मुझे। जैसे पूरा समाज बेवकूफ बन रहा है मैं भी बन गई। मैंने तो पूरी ईमानदारी से दूसरे देश में रहकर भी साथ निभाया था यही सोच के त्याग था की समाज के लिए दोनों मिलकर कुछ अच्छा करेंगे।”

चंद्रशेखर पर लगे शोषण के आरोप     

21 अप्रैल को रोहिणी ने चंद्रशेखर पर गंभीर आरोप लगाए थे। स्विट्जरलैंड में पीएचडी कर रही घावरी ने चन्द्रशेखर पर कई लड़कियों की जिंदगी से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। साथ ही घावरी ने इस बात का खुलासा किया कि वह चन्द्रशेखर के साथ रिलेशनशिप में इसलिए थी क्योंकि चंद्रशेखर रावण को सच्चा आंदोलनकारी मान रहीं थी, लेकिन उन्हें धोखा मिला। आरोप है कि रावण ने रोहिणी से ये बात छुपाई थी कि वो पहले से ही शादीशुदा है। उन्होंने कहा कि अगर उनकी हकीकत पहले ही सार्वजनिक कर दी गई होती तो कई मासूम लड़कियों की जिंदगी बर्बाद होने से बच जाती।

रोहिणी के बयानों से प्रतीत होता है कि चन्द्रशेखर रावण ने जय भीम के नाम पर देश भर में ‘अराजकता’ फैलाने की कई कोशिशें की हैं। इसके अलावा इसके नाम को लेकर भी काफी विवाद हो चुके हैं। अब जब चन्द्रशेखर रावण की सच्चाई उन्हें पता चली है तो रोहिणी घावरी रावण को बेनकाब कर रही है। सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रही चीजों के बावजूद भी मीडिया से चंद्रशेखर की ये खबरें गायब हैं। कुछ गिने चुने संस्थानों ने ही इस खबर को चलाया है।

कौन हैं रोहिणी घावरी?

रोहिणी घावरी मध्य प्रदेश के इंदौर की रहने वाली हैं और उनके पिता मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में सफाई कर्मचारी हैं। रोहिणी पहली बार 2019 में सुर्खियों में आईं। तब मध्य प्रदेश सरकार के अनुसूचित जनजाति विभाग ने उन्हें 1 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप दी थी। रोहिणी ने जिनेवा में आयोजित संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन में कहा था कि भारत के प्रधानमंत्री ओबीसी समुदाय से आते हैं, वहां के दलित सरकारी सहायता से ऑक्सफोर्ड-हार्वर्ड में पढ़ते हैं, फिर भी विदेशी संस्थाएं भारत को गलत नजरिये से पेश करती हैं। इसी तरह वह कई बार संयुक्त राष्ट्र में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।

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