Bharat Tiwari Encounter को लेकर भरत के भाई के बयान से हिला प्रशासन!

Rajni | Nedrick News Bihar Published: 25 जून 2026, 01:14 PM Updated: 25 जून 2026, 01:14 PM
Google News
Follow Us on Google News
Prefer Nedrick News
on Google

Bharat Tiwari Encounter: क्या समाज की सेवा करना अपराध है? अगर नहीं, तो फिर भरत तिवारी का एनकाउंटर क्यों हुआ? आज देश के हर नागरिक के मन में यही सवाल है कि जिसने खुद सरेंडर कर दिया था, उसे गोलियों से छलनी क्यों किया गया? भरत के एनकाउंटर को आज पूरे 8 दिन हो चुके हैं, लेकिन आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा।

बिलौटी गांव की महापंचायत में खुद को बिहार पुलिस का जवान बताने वाले भरत के चचेरे भाई आशीष तिवारी ने मंच से रोते और गरजते हुए बड़ा ऐलान कर दिया है। उन्होंने सीधे पुलिस की नौकरी छोड़ने की घोषणा करते हुए सिस्टम को खुली चुनौती दी है कि, ‘अगर एक हफ्ते में भाई भरत को इंसाफ नहीं मिला, तो मैं खुद इंसाफ लूंगा और सिस्टम के खिलाफ दूसरा भरत तिवारी पैदा होगा।’ इस गुस्से के बीच भरत के सगे भाई चंदन तिवारी का भी साफ कहना है कि अगर इंसाफ नहीं मिला, तो वे 12वीं की रस्म के बाद न्याय के लिए दिल्ली तक जाएंगे।

और पढ़ें: 50 हजार का इलाज, 17 लाख का बिल और मौत! Kanchan Gupta की खौफनाक कहानी सुनकर कांप जाएगी रूह!

भरत तिवारी के भाई का बड़ा ऐलान

बिहार के भोजपुर जिले के इस चर्चित एनकाउंटर (Bharat Tiwari Encounter) के बाद, भरत भूषण तिवारी के भाई चंदन तिवारी ने एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि वे अपने भाई के अंतिम संस्कार और 12वीं (श्राद्ध कर्म) की रस्मों को पूरा करने के बाद दोषियों के खिलाफ न्याय के लिए दिल्ली में बड़ा आंदोलन करेंगे। हालांकि, प्रशासन ने इस मामले में शाहपुर थाना प्रभारी समेत छह पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर उन्हें निलंबित (सस्पेंड) कर दिया है, लेकिन पीड़ित परिवार इस कार्रवाई को नाकाफी बताते हुए दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग पर अड़ा है।

इसी न्याय की लड़ाई को देश की राजधानी तक ले जाने के लिए चंदन तिवारी ने सोशल मीडिया और मीडिया बयानों के जरिए आम जनता और समर्थकों से एक भावुक अपील भी की है। उन्होंने कहा है कि जब वे दिल्ली पहुंचें, तो देश के कोने-कोने से लोग वहां बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर उनका समर्थन और सहयोग करें।

भरत के चचेरा भाई ने मंच से किया ऐलान

बिलौटी गांव में आयोजित महापंचायत के दौरान, खुद को भरत भूषण तिवारी का चचेरा भाई बताने वाले आशीष तिवारी ने एक बेहद भावुक और आक्रामक बयान देकर सनसनी फैला दी है। खुद को बिहार पुलिस का जवान बताने वाले आशीष ने मंच से सीधे सरकार और प्रशासन को चुनौती दी। उन्होंने खुलेआम घोषणा की कि वे आज से ही बिहार पुलिस की नौकरी छोड़ रहे हैं। आशीष ने कहा, ‘नौकरी छोड़ देनी है आज से… इंसाफ न मिलल एक हफ्ता के अंदर… तो देखिए आशीष तिवारी का क्या है।’

उन्होंने बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन को केवल एक सप्ताह (7 दिन) का अल्टीमेटम दिया है। उनका साफ कहना है कि यदि 7 दिनों के भीतर एनकाउंटर में शामिल दोषी पुलिसकर्मियों को कड़ी सजा नहीं मिली, तो परिवार न्याय की गुहार लगाना बंद कर देगा। आशीष तिवारी ने तीखे तेवर दिखाते हुए खुली चेतावनी दी कि ‘अगर एक हफ्ते में भाई भरत तिवारी को इंसाफ नहीं मिला, तो मैं खुद इंसाफ लूंगा और सिस्टम के खिलाफ दूसरा भरत तिवारी जल्द ही खड़ा होगा।’

भरत तिवारी एनकाउंटर पर गरमाई सियासत

भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर (Bharat Tiwari Encounter) मामले पर अब बिहार की राजनीति पूरी तरह गरमा गई है। सोशल मीडिया से लेकर जमीन तक उठे भारी जनाक्रोश के बाद अब यह मामला पूरी तरह एक बड़ा सियासी और राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। इस एनकाउंटर को लेकर पक्ष और विपक्ष के कई बड़े नेता पीड़ित परिवार से मिलने पहुंच रहे हैं और सरकार पर लगातार सवाल उठा रहे हैं।

जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने इस घटना के लिए सीधे गृह विभाग और मुख्यमंत्री को जिम्मेदार ठहराते हुए पटना में बैठे एसटीएफ (STF) के आला अधिकारियों की जांच की मांग की है। पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव और भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री अश्विनी चौबे भी परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने इस घटना को “कोल्ड-ब्लडेड मर्डर” (सोची-समझी हत्या) करार दिया है और कहा कि एक सामाजिक कार्यकर्ता की आवाज को दबाया गया है।

दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा

बढ़ते सियासी दबाव और पीड़ित परिवार के भारी विरोध प्रदर्शनों के बाद पुलिस प्रशासन ने जगदीशपुर के एसडीपीओ (SDPO) राजेश वर्मा को पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय से अटैच कर दिया है। इससे पहले शाहपुर थाना प्रभारी सहित छह पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज कर उन्हें सस्पेंड किया जा चुका है। मामले पर बढ़ते विवाद को देखते हुए जदयू (JDU) और लोजपा (R) के नेताओं ने बयान दिया है कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर मामले की न्यायिक जांच (Judicial Inquiry) के आदेश दे दिए गए हैं। सरकार का कहना है कि जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी और किसी को बख्शा नहीं जाएगा।

एक तरफ जहां पीड़ित परिवार अपने लाल को खोने के गम में डूबा है, वहीं दूसरी तरफ इस एनकाउंटर (Bharat Tiwari Encounter) ने बिहार की कानून-व्यवस्था और पुलिसिया कार्रवाई पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री द्वारा आदेशित न्यायिक जांच में क्या सच सामने आता है और चंदन तिवारी के दिल्ली आंदोलन को जनता का कितना साथ मिलता है। इस पूरे मामले पर आपकी क्या राय है? क्या पुलिसकर्मियों का सस्पेंशन और ट्रांसफर ही इस मौत का इंसाफ है?

Rajni

rajni@nedricknews.com

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

Latest News

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds