Iqra Hasan पर BJP विधायक के बयान से मचा बवाल! भड़की सपा

Rajni | Nedrick News Ghaziabad Published: 05 अक्टूबर 2026, 11:36 PM Updated: 05 अक्टूबर 2026, 11:37 PM
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BJP MLA Nand Kishore Gurjar on Iqra Hasan: उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर भूचाल आ गया है। गाजियाबाद की लोनी सीट से भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर ने समाजवादी पार्टी की कैराना सांसद इकरा हसन को लेकर एक बेहद निजी और विवादित टिप्पणी की है, जिसके बाद राजनीति में जाति और सामुदायिक पहचान का मुद्दा एक बार फिर बेहद व्यक्तिगत स्तर पर आ गया है।

सहारनपुर में एक सामुदायिक कार्यक्रम के दौरान भाजपा विधायक ने कहा कि यदि इकरा हसन खुद को गुर्जर मानती हैं, तो उन्हें किसी हिंदू गुर्जर युवक से शादी करनी चाहिए, तभी समाज उन्हें “परिवार की बेटी” के रूप में स्वीकार करेगा। एक मंच से खुलेआम दी गई इस ‘सलाह’ ने व्यक्तिगत प्राथमिकताओं, जातिगत पहचान और धार्मिक राजनीति पर एक नई बहस छेड़ दी है। आइए इस लेख के जरिए जानते हैं कि क्या है पूरा मामला और विधायक ने इस बयान के पीछे क्या तर्क दिया।

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क्या है पूरा मामला?

NDTV India और अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, यह पूरा विवाद कैराना से समाजवादी पार्टी (सपा) की सांसद इकरा हसन के एक पुराने चुनावी दावे और गाजियाबाद की लोनी सीट से भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर की उस पर आई हालिया टिप्पणी से जुड़ा है।

लोकसभा चुनाव के दौरान कैराना क्षेत्र में प्रचार करते समय इकरा हसन ने स्थानीय लोगों के बीच खुद को गुर्जर समाज का हिस्सा बताते हुए भावनात्मक रूप से पूछा था, “क्या मैं आपके समाज की बेटी नहीं हूँ?”।

सहारनपुर के गुर्जर भवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर ने इकरा हसन के इसी दावे का जिक्र किया। उन्होंने मंच से कहा कि चुनाव में हमारे गुर्जर भाइयों ने उन्हें अपनी बेटी मानकर वोट तो दे दिया, लेकिन अगर वह सच में खुद को गुर्जर मानती हैं, तो उन्हें केवल राजनीतिक फायदे के लिए ऐसा नहीं कहना चाहिए।

विधायक ने आगे कहा कि इकरा हसन को हिंदू गुर्जर समाज के किसी योग्य युवक से शादी करनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि यदि वह ऐसा करती हैं, तो पूरा समाज उन्हें अपने परिवार की बेटी के रूप में ससम्मान अपना लेगा और समाज उनकी पसंद के लड़के से शादी कराने में पूरी मदद करेगा।

विपक्ष की प्रतिक्रिया

भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर के इस बयान के बाद मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) और विपक्ष के अन्य नेताओं ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। मीडिया रिपोर्ट्स और राजनीतिक बयानों के अनुसार, समाजवादी पार्टी ने भाजपा विधायक के बयान को बेहद आपत्तिजनक और किसी के व्यक्तिगत जीवन में अनुचित हस्तक्षेप बताया है। विपक्ष का कहना है कि शादी और निजी पसंद किसी भी नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है, जिस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।

समाजवादी पार्टी और विपक्षी नेताओं ने भाजपा विधायक की इस टिप्पणी को उनकी “महिला विरोधी मानसिकता” का प्रतीक बताया है। विपक्ष का आरोप है कि भाजपा नेता एक चुनी हुई महिला जनप्रतिनिधि (सांसद) का सम्मान करने के बजाय उनके व्यक्तिगत जीवन पर ओछी टिप्पणियां कर रहे हैं।

विपक्षी नेताओं का तर्क है कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं जैसे असली मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए भाजपा नेता जानबूझकर जाति, धर्म और व्यक्तिगत टिप्पणियों का सहारा ले रहे हैं।

कैराना और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विपक्षी नेताओं का कहना है कि चुनाव नजदीक आते ही भाजपा समाज में विभाजन और सांप्रदायिक ध्रुवीकरण पैदा करने के लिए ऐसे बयान जारी करती है, ताकि सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचाया जा सके।

विधायक नंद किशोर गुर्जर का पलटवार

विपक्ष के इन तीखे हमलों के बाद भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर ने अपने रुख को और कड़ा कर लिया। उन्होंने न सिर्फ अपने बयान को दोबारा सही ठहराया, बल्कि उल्टा समाजवादी पार्टी पर ही कई गंभीर आरोप लगाते हुए उसे महिला विरोधी करार दिया।

विधायक ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी का इतिहास हमेशा से महिला विरोधी रहा है। उन्होंने दावा किया कि सपा नेताओं ने पहले भी गुर्जर और जाट समाज की बेटियों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की हैं और पार्टी हमेशा दुष्कर्म के आरोपियों का बचाव करती आई है।

उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि महिलाओं के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने वाले एक मौलाना के खिलाफ अखिलेश यादव ने जानबूझकर कोई स्टैंड नहीं लिया।

नंद किशोर गुर्जर ने लोनी में हाल ही में दो बेटियों के साथ हुए दुराचार के मामले को उठाते हुए सपा को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दर्दनाक घटना पर समाजवादियों की तरफ से कोई संवेदना या प्रतिक्रिया नहीं आई।

उन्होंने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए कहा कि जहाँ समाजवादी इस संवेदनशील मुद्दे पर मौन रहे, वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों का एनकाउंटर कर पीड़ित बेटियों को इंसाफ दिलाया और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता भी प्रदान की।

Rajni

rajni@nedricknews.com

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