Nitin Gadkari E20 petrol: देश में पेट्रोल के अंदर इथेनॉल मिलाने और E20 फ्यूल को लेकर चल रही तमाम चर्चाओं और चिंताओं के बीच केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का बड़ा बयान सामने आया है। दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने साफ किया कि भारत में इथेनॉल का दायरा तेजी से बढ़ रहा है और अब तक E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से गाड़ियों में किसी बड़े स्तर की खराबी की शिकायत सामने नहीं आई है। इसके साथ ही उन्होंने ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ा एक बड़ा ऐलान करते हुए बताया कि इसी साल अक्टूबर में टोयोटा की 100 फीसदी इथेनॉल से चलने वाली कार बाजार में पेश की जा सकती है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि यह कार दौड़ते समय खुद ही बिजली भी बनाएगी।
E20 पर गडकरी का रुख और सरकार की दलील| Nitin Gadkari E20 petrol
नितिन गडकरी ने कहा कि आज दुनिया के करीब 19 देश सफलतापूर्वक इथेनॉल का इस्तेमाल ईंधन के रूप में कर रहे हैं। भारत भी प्रदूषण घटाने और कच्चे तेल के भारी आयात को कम करने के लिए पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा लगातार बढ़ा रहा है। लोगों के मन में उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि E20 ईंधन से बड़े पैमाने पर इंजन में दिक्कत आने की कोई शिकायत नहीं मिली है।
इससे पहले जुलाई में भी यह बात सामने आ चुकी है कि देश की सड़कों पर करोड़ों दोपहिया और चार पहिया वाहन बिना किसी परेशानी के E20 पर दौड़ रहे हैं। इसे लागू करने से पहले गाड़ियों की इंजन क्षमता, फ्यूल सिस्टम, टिकाऊपन और प्रदूषण के स्तर जैसे कड़े मानकों पर पूरा परीक्षण किया गया था। अब तक कहीं से भी ऐसा कोई पुख्ता प्रमाण नहीं मिला है जिससे साबित हो कि इस ईंधन से गाड़ियां बड़े स्तर पर बंद पड़ रही हैं या इंजन खराब हो रहे हैं।
100% इथेनॉल वाली कार और फ्लेक्स-फ्यूल का भविष्य
अक्टूबर में आने वाली टोयोटा की नई कार को लेकर गडकरी ने बताया कि यह पूरी तरह वैकल्पिक ईंधन पर चलेगी और चलते समय बिजली पैदा करने में भी सक्षम होगी। इससे गाड़ी चलाने का खर्च पेट्रोल की तुलना में काफी कम हो जाएगा और पर्यावरण को भी भारी नुकसान से बचाया जा सकेगा।
असल में ये फ्लेक्स-फ्यूल वाहन होते हैं, जो पेट्रोल और इथेनॉल के किसी भी अनुपात वाले मिश्रण चाहे वह E20 हो या सीधे E100 (100% इथेनॉल) पर आसानी से दौड़ सकते हैं। देश की दिग्गज ऑटोमोबाइल कंपनी मारुति सुजुकी भी इस दिशा में तेजी से कदम बढ़ा चुकी है और जून के महीने में अपनी पहली फ्लेक्स-फ्यूल पैसेंजर कार पेश कर चुकी है। आने वाले समय में फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियों को देश के ट्रांसपोर्ट का मजबूत भविष्य माना जा रहा है।
किसानों की जेब में पहुंचे ₹45,000 करोड़
इथेनॉल को सिर्फ गाड़ियों के ईंधन तक सीमित न रखते हुए गडकरी ने इसे सीधे किसानों की तरक्की से जोड़ा। उन्होंने बताया कि मक्के से इथेनॉल तैयार करने के फैसले से उत्तर प्रदेश और बिहार के किसानों को लगभग 45,000 करोड़ रुपये का सीधा फायदा पहुंचा है। जब देश में इथेनॉल का उत्पादन और बढ़ेगा, तो किसानों को अपनी फसलों के लिए एक नया और बड़ा बाजार मिलेगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिलेगी और अन्नदाताओं की आमदनी में इजाफा होगा।
युवाओं के लिए बाइक टैक्सी को बढ़ावा देने की वकालत
अपने संबोधन के दौरान गडकरी ने युवाओं के रोजगार पर भी जोर दिया। उन्होंने सभी राज्यों के परिवहन मंत्रियों से अपील की कि वे दोपहिया वाहन चलाने वाले नौजवानों को बाइक टैक्सी सेवा से जोड़ने के लिए आसान और बेहतर प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराएं। उनका मानना है कि बाइक टैक्सी एक ऐसा जरिया है, जहां युवा बिना किसी बड़े निवेश या पूंजी के अपनी खुद की गाड़ी से सम्मानजनक कमाई कर सकते हैं।












































