अखिलेश यादव से 10 दिन में दूसरी बार मिले लोकदल प्रमुख सुनील सिंह, 2027 के लिए मांगी 35 सीटें| Akhilesh Sunil Singh meeting

Nandani | Nedrick News Uttar Pradesh Published: 20 सितम्बर 2026, 02:30 AM Updated: 20 सितम्बर 2026, 02:30 AM
Google News
Follow Us on Google News
Prefer Nedrick News
on Google

Akhilesh Sunil Singh meeting: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से सियासी बिसात बिछनी शुरू हो गई है। खासकर पश्चिमी यूपी में अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटे समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव की एक नई सियासी जुगलबंदी ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। महज 10 दिनों के भीतर लोकदल अध्यक्ष सुनील सिंह ने दूसरी बार अखिलेश यादव से मुलाकात की है। शुक्रवार को राजधानी लखनऊ स्थित जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट में दोनों नेताओं के बीच लंबी बातचीत हुई, जिसके बाद पश्चिमी यूपी के सियासी गलियारों में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।

और पढ़ें: शिवसेना, NCP और अब TMC! कब-कब टूटे दल और किसे मिला असली हक? राहुल Vs बीजेपी की तीखी जंग का पूरा सच| TMC symbol freeze drama

‘2027 में अखिलेश को बनाना है सीएम’ – सुनील सिंह| Akhilesh Sunil Singh meeting

अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद लोकदल अध्यक्ष सुनील सिंह ने खुलकर अपनी रणनीति सामने रखी। उन्होंने दो टूक कहा कि उनका मुख्य मकसद वर्ष 2027 में अखिलेश यादव को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाना है, ताकि किसानों, युवाओं और गरीबों के हक की लड़ाई मजबूती से लड़ी जा सके। सुनील सिंह ने दावा किया कि गठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर भी चर्चा हुई है। उन्होंने कहा:

  • सीटों पर दावा: लोकदल ने आगामी चुनाव के लिए 35 सीटों की मांग रखी है और इस पर आगे भी बातचीत जारी रहेगी।
  • इंडी गठबंधन की एकजुटता: उन्होंने कहा कि कांग्रेस, सपा और लोकदल ‘इंडी’ गठबंधन का हिस्सा हैं और लोकतांत्रिक ताकतों को मिलकर बीजेपी का मुकाबला करना होगा।
  • अखिलेश का भरोसा: सुनील सिंह के अनुसार, सपा प्रमुख ने उन्हें पूरा भरोसा दिलाया है कि गठबंधन में लोकदल का पूरा मान-सम्मान रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि 2027 का चुनाव सिर्फ यूपी की सत्ता का नहीं, बल्कि देश की दशा और दिशा तय करने वाला साबित होगा।

रालोद से तकरार के बीच लोकदल से नजदीकी के मायने

इस मुलाकात के गहरे राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। दरअसल, 2022 के विधानसभा चुनाव में जयंत चौधरी की राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) सपा के साथ थी, लेकिन अब वह एनडीए (NDA) का हिस्सा बन चुकी है। हाल ही में अखिलेश यादव के ‘चवन्नी को रुपया बनाने’ वाले बयान के बाद सपा और रालोद में तीखी जुबानी जंग चल रही है। इसी तकरार के बीच पहले 9 सितंबर और अब शुक्रवार को सुनील सिंह की अखिलेश से मुलाकात दर्शाती है कि सपा पश्चिमी यूपी में जाट और किसान वोट बैंक को साधने के लिए नए समीकरण तैयार कर रही है।

बाढ़ के बीच दीया जलाने पर अखिलेश का बीजेपी पर हमला

इधर, चुनावी समीकरणों के बीच अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर भी सीधा हमला बोला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम को लेकर उन्होंने तीखे सवाल खड़े किए। बाराबंकी में बाढ़ की गंभीर स्थिति का वीडियो पोस्ट करते हुए अखिलेश ने लिखा कि जब लोगों के घर उजड़ गए हैं, न राहत सामग्री पहुंच रही है और न कोई सुध लेने वाला है, तो ऐसे संकट के समय बीजेपी उत्सव मनाने जैसा निंदनीय काम कैसे कर सकती है? एक अन्य पोस्ट में अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि अब तक तो बीजेपी राजनीति का ‘अपराधीकरण’ कर रही थी, लेकिन अब उसने राजनीति का ‘अधिकारीकरण’ करना शुरू कर दिया है।

और पढ़ें: यूसुफ पठान बाहर से देंगे समर्थन… 17 सांसदों के दल-बदल वाले दावे पर बीजेपी ने क्यों दिखा दिया नो एंट्री बोर्ड? West Bengal politics

Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

Recent News

Editor's Picks

Latest News

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds