पढ़े-लिखे इलाकों से ज्यादा अंडरवर्ल्ड और रेड लाइट एरिया में मिले वोट… गडकरी के बयान से मची खलबली| Nitin Gadkari News

Nandani | Nedrick News Ghaziabad Published: 10 सितम्बर 2026, 08:50 PM Updated: 10 सितम्बर 2026, 08:50 PM
Google News
Follow Us on Google News
Prefer Nedrick News
on Google

Nitin Gadkari News: देश भर में शानदार हाईवे और एक्सप्रेसवे का जाल बिछाने के लिए ‘रोडमैन’ के नाम से मशहूर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी अपने बेबाक और अनोखे बयानों के लिए जाने जाते हैं। नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान गडकरी ने अपने चुनावी वोटों को लेकर कुछ ऐसा कह दिया, जिसने हर किसी का ध्यान खींच लिया है। गडकरी ने मंच से खुलासा किया कि उन्हें चुनाव में शहर के पॉश और पढ़े-लिखे इलाकों के मुकाबले क्रिमिनल, अंडरवर्ल्ड और रेड लाइट एरिया से कहीं ज्यादा वोट मिले थे।

गडकरी के इस बयान का वीडियो सामने आते ही सियासी गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, अपने चिर-परिचित अंदाज में उन्होंने तुरंत यह भी साफ कर दिया कि इसका गलत मतलब कतई न निकाला जाए, क्योंकि वे किसी भी गलत काम या अपराध का समर्थन नहीं करते।

और पढ़ें: बघेल गो बैक के नारों के बाद कांग्रेस का कड़ा एक्शन: पंजाब की कमान अब सचिन पायलट के हाथ, भूपेश को भेजा असम| Punjab politics

पढ़े-लिखे इलाकों में 75% तो अंडरवर्ल्ड इलाकों में 92% वोट| Nitin Gadkari News

नागपुर के कार्यक्रम में गडकरी ने चुनावी आंकड़ों का जिक्र करते हुए कहा कि शहर के बड़े और शिक्षित इलाकों में उन्हें कुल मतदान का लगभग 70 से 75 प्रतिशत वोट मिला था। वहीं दूसरी तरफ, अपराध प्रभावित, अंडरवर्ल्ड और रेड लाइट इलाकों में उन्हें करीब 92 प्रतिशत तक एकतरफा वोट मिले।

मजाकिया अंदाज में गडकरी ने कहा कि नागपुर में 99 फीसदी अंडरवर्ल्ड और सोशल वर्ल्ड, दोनों ही उनके समर्थक हैं। लेकिन उन्होंने फौरन गंभीर होते हुए कहा, “इसका यह अर्थ मत निकालिए कि मेरे उनसे बहुत गहरे संबंध हैं। असल बात यह है कि हमने उन पिछड़े इलाकों में सड़कें बनाईं और सामाजिक काम किए हैं। राजनीति में क्रेडिबिलिटी (विश्वसनीयता) सबसे बड़ी चीज होती है।”

लोकतंत्र में विश्वसनीयता और जनता की समझ जरूरी

केंद्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि वह राजनीति में ‘ट्रांसफॉर्मेशन’ यानी बदलाव के प्रयोग करते हैं। वे राजनीति में सब कुछ देख चुके हैं—अच्छा भी और बुरा भी, और समाज के हर वर्ग से उनका संपर्क रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सबसे अहम यह है कि आम जनता के भीतर लोकतांत्रिक मूल्यों और अधिकारों को लेकर कितनी जागरूकता है।

गडकरी ने कहा, “एजुकेशन ऑफ मासेज (जनता की सही समझ) बहुत ज्यादा जरूरी है। मेरा पक्का मानना है कि चाहे राजनीति हो, व्यापार हो, या कोई कंज्यूमर प्रोडक्ट—अंत में जीत हमेशा आपकी क्रेडिबिलिटी और काम की ही होती है।”

पहले भी वायरल हो चुके हैं गडकरी के दिलचस्प बयान

यह पहली बार नहीं है जब गडकरी के किसी बयान ने सुर्खियां बटोरी हों। इससे पहले भी उनका एक बयान जमकर वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा था कि “1 रुपये का काम करो और 10 रुपये की पब्लिसिटी करो, यही आज की राजनीति का नियम बन चुका है।”

वहीं कुछ समय पहले उनके एक और बयान को लेकर अफवाह उड़ गई थी कि वे सक्रिय राजनीति छोड़ने वाले हैं। तब उन्होंने कहा था कि वे 30 सालों से सार्वजनिक जीवन में हैं और अब नई पीढ़ी को आगे आकर जिम्मेदारी संभालनी चाहिए। हालांकि, बाद में उनके दफ्तर ने साफ किया था कि वह बात राजनीति को लेकर नहीं, बल्कि आदिवासी इलाकों में स्कूल चलाने वाले उनके ‘लक्ष्मणराव मानकर ट्रस्ट’ के संदर्भ में कही गई थी। अब नागपुर में वोटों के गणित पर दिया गया उनका यह ताजा बयान फिर से सुर्खियों में छा गया है।

और पढ़ें: मोदी कैबिनेट में फेरबदल! ब्रिक्स के बाद आ सकती है नई टीम; 24 नए चेहरों की एंट्री और कई की छुट्टी संभव! Modi cabinet reshuffle updates

Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

Recent News

Editor's Picks

Latest News

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds