MS Dhoni news: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के अगले सीजन के शुरू होने में अभी वक्त है, लेकिन क्रिकेट फैंस के बीच इसे लेकर सुगबुगाहट अभी से तेज हो गई है। सबसे बड़ा और चौंकाने वाला अपडेट चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के पूर्व कप्तान और दुनिया के सबसे सफल कप्तानों में शुमार महेंद्र सिंह धोनी को लेकर सामने आया है। खबर यह है कि धोनी ने खुद ही आईपीएल में ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ (Impact Player) के तौर पर मैदान में उतरने से साफ मना कर दिया था। इस बात का सनसनीखेज खुलासा किसी और ने नहीं, बल्कि सीएसके में लंबे समय तक धोनी के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने वाले पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुब्रमण्यम बद्रीनाथ ने किया है।
आईपीएल 2026 में क्यों मैदान पर नहीं उतरे धोनी? MS Dhoni news
गौरतलब है कि आईपीएल 2026 के पूरे सीजन में फैंस धोनी को पीले रंग की जर्सी में चौके-छक्के लगाते देखने के लिए तरसते रह गए। वे पूरे टूर्नामेंट में टीम के साथ डगआउट में तो मौजूद रहे, लेकिन एक भी मैच खेलने मैदान पर नहीं उतरे। उस समय सामने आया था कि उनके पैर में गंभीर चोट है। फैंस हर मैच में उम्मीद लगाए बैठे रहते थे कि माही आज मैदान में उतरेंगे, मगर चोट के चलते पूरा सीजन ऐसे ही बीत गया। उस दौरान क्रिकेट पंडितों और प्रशंसकों का मानना था कि अगर धोनी 20 ओवर तक विकेटकीपिंग या फील्डिंग करने के लिए पूरी तरह फिट नहीं हैं, तो वे कम से कम इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में आकर आखिरी के कुछ ओवरों में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी तो कर ही सकते हैं। लेकिन वे उस भूमिका में भी नहीं दिखे।
धोनी ने बद्रीनाथ से क्या कहा था?
अब सुब्रमण्यम बद्रीनाथ ने अपने यूट्यूब चैनल पर धोनी से हुई बातचीत का हवाला देते हुए इस रहस्य से पर्दा उठाया है। बद्रीनाथ के अनुसार, जब उन्होंने धोनी से इस बारे में बात की थी, तो धोनी ने साफ लफ्जों में कह दिया था कि वे किसी भी सूरत में इम्पैक्ट प्लेयर बनकर नहीं खेलना चाहते। धोनी का साफ मानना है कि वे एक विशुद्ध और पूर्णकालिक विकेटकीपर-बल्लेबाज हैं। अगर वे मैदान पर कदम रखेंगे, तो पूरे 20 ओवर तक टीम के लिए विकेट के पीछे खड़े रहेंगे और अपनी पूरी जिम्मेदारी निभाएंगे। आधे-अधूरे मन से सिर्फ बल्लेबाजी के लिए मैदान में उतरना उनके स्वभाव और खेल के सिद्धांतों से मेल नहीं खाता।
बद्रीनाथ की अलग राय: ‘इम्पैक्ट प्लेयर बनते तो टीम को मिलता फायदा’
हालांकि बद्रीनाथ का मानना थोड़ा अलग है। उनका कहना है कि अगर धोनी इम्पैक्ट प्लेयर का रोल स्वीकार कर लेते, तो इससे सीएसके को जबरदस्त फायदा होता। बद्रीनाथ ने तर्क दिया कि उम्र के इस पड़ाव पर धोनी के लिए लगातार पूरे 20 ओवर तक मैदान में पसीना बहाना आसान नहीं दिखता। वैसे भी वे मैचों में सिर्फ आखिरी के दो-तीन ओवरों में आकर मैच फिनिश करने के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में अगर वे बतौर इम्पैक्ट प्लेयर सिर्फ स्लॉग ओवर्स में बैटिंग करने आते, तो न केवल उनकी फिटनेस पर दबाव कम होता, बल्कि चेन्नई को उनकी विस्फोटक फिनिशिंग का पूरा फायदा भी मिलता।
इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर खुद बीसीसीआई भी ले रही है राय
इस पूरे घटनाक्रम के बीच यह बात भी गौर करने वाली है कि आईपीएल के आने वाले सीजन में यह ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ नियम रहेगा या नहीं, इस पर भी सस्पेंस बरकरार है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने हाल ही में सभी 10 फ्रेंचाइजियों को चिट्ठी लिखकर इस नियम की उपयोगिता पर उनकी राय मांगी है।
पिछले सीजन के दौरान कई दिग्गज खिलाड़ियों और कप्तानों ने इस नियम पर खुलेआम सवाल उठाए थे और कहा था कि इससे ऑलराउंडर्स की भूमिका खत्म हो रही है। कुछ टीमों ने भी इसका कड़ा विरोध दर्ज कराया था।












































