Shehbaz Sharif SCO photo controversy: किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के 26वें शिखर सम्मेलन के बाद एक अजीबोगरीब कूटनीतिक विवाद खड़ा हो गया। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी हरकतों की वजह से अक्सर चर्चा में रहने वाले पाकिस्तान ने इस बार एक ग्रुप फोटो के साथ ऐसी छेड़छाड़ कर दी, जिससे उसकी दुनिया भर में किरकिरी हो गई।
दरअसल, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ पर सम्मेलन की एक ग्रुप फोटो शेयर की थी। हैरानी की बात यह रही कि इस तस्वीर से भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके बगल में खड़े ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन को कथित तौर पर क्रॉप करके यानी काटकर पूरी तरह गायब कर दिया गया था।
सोशल मीडिया पर थू-थू, फिर शहबाज शरीफ का डैमेज कंट्रोल| Shehbaz Sharif SCO photo controversy
जैसे ही पाकिस्तान के पीएमओ द्वारा पोस्ट की गई यह कांट-छांट वाली तस्वीर सामने आई, सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय हलकों में इसकी तीखी आलोचना शुरू हो गई। लोगों ने तुरंत भारतीय पक्ष की ओर से जारी मूल तस्वीर और पाकिस्तान द्वारा शेयर की गई फोटो की तुलना करते हुए पाकिस्तान की इस संकीर्ण सोच पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।
Today, I was honoured to address the SCO Council of Heads of State Meeting in Bishkek as Pakistan assumed the SCO Chairmanship for 2027. I congratulated the Kyrgyz Republic on successfully hosting the Summit and steering the Organization with distinction.
Guided by the Shanghai… pic.twitter.com/1mvRW85klD
— Shehbaz Sharif (@CMShehbaz) September 1, 2026
मामला बढ़ता देख और चौतरफा फजीहत होते देख खुद पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को डैमेज कंट्रोल के लिए आगे आना पड़ा। उन्होंने अपने निजी एक्स अकाउंट से बिना किसी काट-छांट वाली पूरी असली ग्रुप फोटो शेयर की, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य सभी नेता अपनी-अपनी जगह साफ तौर पर खड़े नजर आ रहे थे।
फोटो सेशन में क्या हुआ था?
शिखर सम्मेलन की परंपरा के अनुसार सभी सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों का एक साझा ग्रुप फोटो सेशन हुआ था।
- भारतीय प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और अन्य देशों द्वारा जारी मूल तस्वीर में प्रधानमंत्री मोदी समेत सभी नेता स्पष्ट रूप से मौजूद थे।
- वहीं, पाकिस्तान के पीएमओ हैंडल से पोस्ट की गई तस्वीर में फ्रेम को इस तरह बदला गया था कि पीएम मोदी और उनके साथ खड़े ईरानी राष्ट्रपति उसमें से गायब दिखे।
किसी बहुपक्षीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की आधिकारिक तस्वीर के साथ ऐसी छेड़छाड़ को राजनयिक मर्यादाओं के पूरी तरह खिलाफ माना जा रहा है। कूटनीतिक जानकारों का कहना है कि एक वैश्विक मंच पर इस तरह की बचकानी हरकत करना किसी भी देश के शीर्ष दफ्तर को शोभा नहीं देता।
बिश्केक में पीएम मोदी का कूटनीतिक दबदबा
सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वैश्विक कूटनीति के केंद्र में रहे। उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग सहित कई प्रमुख वैश्विक नेताओं के साथ अहम द्विपक्षीय बातचीत की। वहीं ग्रुप फोटो के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ मंच पर एक-दूसरे से काफी दूरी पर खड़े नजर आए। दोनों नेताओं के बीच किसी भी तरह की औपचारिक बातचीत या द्विपक्षीय बैठक नहीं हुई। ऐसे में पाकिस्तान की तरफ से फोटो को एडिट कर पीएम मोदी को फ्रेम से हटाने की कोशिश को उसकी कूटनीतिक हताशा और असहजता से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, भारी ट्रोलिंग के बाद पाकिस्तान को बैकफुट पर आना पड़ा और असली तस्वीर सार्वजनिक करनी पड़ी।













































