Bihar-UP Bullet Train: दिवाली और छठ जैसे बड़े त्योहारों के मौके पर दिल्ली से उत्तर प्रदेश और बिहार जाने वाले मुसाफिरों को हर साल ट्रेनों में सीट के लिए मारामारी और 12 से 14 घंटे के लंबे थकाऊ सफर से गुजरना पड़ता है। लेकिन अब इस परेशानी का पक्का इलाज होने जा रहा है। केंद्र सरकार पूरे देश में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का दायरा बढ़ाने पर तेजी से काम कर रही है। मुंबई से अहमदाबाद के बीच पहली बुलेट ट्रेन चलाने की तैयारियां जोरों पर हैं, और इसी बीच रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बिहार और यूपी के यात्रियों के लिए बहुत बड़ा अपडेट दिया है।
रेल मंत्री ने साफ किया है कि दिल्ली से कानपुर, लखनऊ, वाराणसी होते हुए पटना तक बुलेट ट्रेन दौड़ाने के प्रस्ताव पर काम तेज रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। दिल्ली और पटना का रेल रूट देश के सबसे व्यस्त और दबाव वाले मार्गों में गिना जाता है। ऐसे में इस रूट पर बुलेट ट्रेन शुरू होने से लाखों यात्रियों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी।
12 घंटे का सफर सिमटकर सिर्फ 4.5 घंटे में| Bihar-UP Bullet Train
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, इस नए हाई-स्पीड कॉरिडोर के तैयार होने के बाद दिल्ली से पटना की दूरी महज साढ़े चार घंटे में तय कर ली जाएगी। मौजूदा समय में राजधानी, वंदे भारत या दुरंतो जैसी देश की सबसे तेज प्रीमियम ट्रेनें भी इस सफर में करीब 12 घंटे का वक्त लेती हैं। यानी जो काम अब तक सुपरफास्ट ट्रेनें नहीं कर पाईं, वो बुलेट ट्रेन कर दिखाएगी। दिल्ली से पटना के बीच यह दूरी लगभग 1,170 किलोमीटर की है, जिस पर बुलेट ट्रेन की औसत रफ्तार करीब 250 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है।
रूट में शामिल होंगे ये बड़े शहर, जानिए कहां कितना समय लगेगा:
प्रस्तावित बुलेट ट्रेन कॉरिडोर दिल्ली को यूपी और बिहार के प्रमुख औद्योगिक, सांस्कृतिक और धार्मिक शहरों से सीधे जोड़ेगा। रेल मंत्री द्वारा साझा किए गए अनुमान के मुताबिक यात्रा समय इस प्रकार घटेगा:
- दिल्ली से आगरा: करीब 200 किलोमीटर का सफर केवल 58 मिनट में तय होगा।
- दिल्ली से कानपुर: 455 किलोमीटर की दूरी में सिर्फ 1 घंटा 50 मिनट का वक्त लगेगा।
- दिल्ली से लखनऊ: 495 किलोमीटर का फासला लगभग 2 घंटे 12 मिनट में सिमट जाएगा।
- दिल्ली से प्रयागराज: 750 किलोमीटर की यात्रा करीब 3 घंटे में पूरी होगी।
- दिल्ली से वाराणसी: लगभग 945 किलोमीटर की दूरी महज 3 घंटे 33 मिनट में तय होगी।
- दिल्ली से पटना: लगभग 1,170 किलोमीटर का पूरा सफर 5 घंटे में पूरा करने का लक्ष्य है।
अर्थव्यवस्था और पर्यटन को लगेगी पंख
रेल मंत्री ने बताया कि मुंबई-अहमदाबाद रूट के बाद यह देश का अगला सबसे बड़ा हाई-स्पीड प्रोजेक्ट साबित होगा। यह पहला ऐसा नेटवर्क होगा जो देश की राजधानी को उत्तर प्रदेश और बिहार के बड़े शहरों से इतनी तेजी से जोड़ेगा। इससे आगरा, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर और पटना जैसे पर्यटन और धार्मिक स्थलों तक पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा। साथ ही, पूरे क्षेत्र में नए निवेश, व्यापार और रोजगार के अवसरों को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा।
वंदे भारत से कितनी आगे होगी बुलेट ट्रेन?
फिलहाल देश में चल रही वंदे भारत जैसी सेमी हाई-स्पीड ट्रेनों की अधिकतम डिजाइन स्पीड 180 किलोमीटर प्रति घंटा है। इसके मुकाबले बुलेट ट्रेन को 350 किमी प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड और 320 किमी प्रति घंटे की परिचालन गति के हिसाब से तैयार किया जा रहा है। मुंबई और अहमदाबाद के बीच पहली बुलेट ट्रेन से यात्रा का समय घटकर 1 घंटा 58 मिनट रह जाएगा। इस पहली परियोजना के तहत अगस्त 2027 तक सूरत से वापी सेक्शन के बीच सेवा शुरू करने की तैयारी है, जिसके बाद यूपी-बिहार के इस कॉरिडोर को धरातल पर उतारा जाएगा।













































