Ankit Baliyan murder case: हरियाणवी सिंगर और यूट्यूबर अंकित बालियान हत्याकांड में शामिल दो शूटरों को यूपी पुलिस ने सोमवार सुबह एक मुठभेड़ में मार गिराया। इस कार्रवाई के बाद उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारों में जुबानी जंग तेज हो गई है। एनकाउंटर और यूपी पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की भूमिका पर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के विवादित बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने मोर्चा खोल दिया है।
अखिलेश यादव द्वारा यूपी एसटीएफ को ‘स्वजातीय टास्क फोर्स’ कहे जाने पर बीजेपी नेताओं ने सपा सरकार के पुराने दौर के ‘जंगलराज’, जातिवादी भर्तियों और अपराधियों को मिले कथित संरक्षण की याद दिलाते हुए चौतरफा हमला बोला है।
संवैधानिक संस्थाओं और पुलिस पर भरोसा नहीं करता विपक्ष: पंकज चौधरी| Ankit Baliyan murder case
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने सपा प्रमुख पर निशाना साधते हुए कहा कि अखिलेश यादव और पूरे विपक्ष को देश या प्रदेश की किसी भी संवैधानिक संस्था या सुरक्षा बल पर जरा भी यकीन नहीं है। उन्होंने साफ किया कि यूपी एसटीएफ का गठन भाजपा ने नहीं किया था, बल्कि यह एक पहले से स्थापित और बेहद पेशेवर फोर्स है, जो लंबे समय से अपराधियों और आतंकवादियों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के निष्पक्ष कार्रवाई करती आ रही है।
सपा राज में डीजीपी ऑफिस में आते थे अपराधी: मंत्री दयाशंकर सिंह
योगी सरकार में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने सपा शासनकाल की अराजकता का जिक्र करते हुए कहा कि अखिलेश यादव के राज में हालात ऐसे थे कि लखनऊ में एसएसपी के बंगले के सामने डिप्टी एसपी (सीओ) को घसीटा जाता था और पुलिस लाचार तमाशा देखती थी। उन्होंने कहा कि उस वक्त जेल से छूटकर अपराधी सीधे डीजीपी दफ्तर में आकर मिलते थे। दयाशंकर सिंह ने कहा, “आज वही पुलिस और वही प्रदेश है, लेकिन अब कानून का राज है और अपराधियों में खौफ का माहौल है।”
सपा नेताओं को सोने का मुकुट पहनाने वाले डकैतों को एसटीएफ ने ही खत्म किया: पूर्व डीजीपी बृजलाल
राज्यसभा सांसद और यूपी के पूर्व डीजीपी बृजलाल ने अखिलेश यादव को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उन्हें उस एसटीएफ का हिस्सा रहने पर गर्व है, जिसने दुर्दांत अपराधियों और आतंकियों का खात्मा किया। बृजलाल ने आरोप लगाया कि अखिलेश सरकार ने सत्ता में आते ही आतंकियों के मुकदमे वापस लेने की कोशिश की थी। उन्होंने याद दिलाया कि इसी एसटीएफ ने मुंबई में मुख्तार अंसारी के शूटरों और सपा नेताओं को सोने का मुकुट पहनाने वाले कुख्यात डकैत निर्भय गुर्जर का सफाया किया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सपा के दौर में 70 फीसदी थानों में एक ही खास जाति के थानेदार तैनात किए जाते थे।
’86 में 56′ की भर्ती करने वाले अपराधियों का सफाया देख बौखलाए
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव झूठा नैरेटिव गढ़ने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि योगी सरकार में कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं हो रहा और माफियाओं पर सख्त एक्शन जारी है। वहीं, भाजपा विधायक राजेश चौधरी ने हमला बोलते हुए कहा कि सपा का इतिहास ’86 में 56′ एक ही जाति के लोगों की भर्ती करने और जाति-धर्म देखकर दंगे भड़काने का रहा है। इसके विपरीत, मौजूदा सरकार में अपराधी को सिर्फ अपराधी माना जाता है। प्रदेश उपाध्यक्ष पूजा पाल ने भी कहा कि सपा राज में खुला जंगलराज था, जबकि आज अपराधियों को सजा और पीड़ितों को पूरा न्याय मिल रहा है।














































