Rahul Gandhi on RSS: दिल्ली के कंस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित ‘रचनात्मक कांग्रेस’ के राष्ट्रीय अधिवेशन में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अभिव्यक्ति की आजादी के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि भारत में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने और अपने विचार खुलकर व्यक्त करने का अधिकार होना चाहिए। राहुल ने साफ कहा कि हिंदू, मुस्लिम, सिख, जैन समेत किसी भी धर्म और समुदाय के व्यक्ति की आवाज नहीं दबाई जानी चाहिए।
राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसी की अभिव्यक्ति को रोकने के पक्ष में नहीं है। यहां तक कि अगर कभी RSS की अभिव्यक्ति को देश से बाहर करने या उसकी आवाज दबाने की कोशिश होगी, तो वह उसकी भी रक्षा करेंगे, क्योंकि अभिव्यक्ति की आजादी उसका भी अधिकार है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में नई बहस शुरू हो गई है।
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‘किसी को दूसरे की आवाज दबाने का अधिकार नहीं’| Rahul Gandhi on RSS
राहुल ने कहा कि कांग्रेस का मानना है कि हर व्यक्ति अपने मन की बात कह सकता है, लेकिन किसी को दूसरे व्यक्ति की अभिव्यक्ति पर रोक लगाने का अधिकार नहीं है। उन्होंने मौजूदा माहौल को लेकर कहा कि देश में कई लोग डर के कारण खुलकर बोलने से बच रहे हैं। उनके मुताबिक भारत को आज के भारत को समझने की जरूरत है और लोगों को अपनी बात कहने का भरोसा दिया जाना चाहिए।
उन्होंने जंतर-मंतर का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां छात्र अपनी समस्याएं और परेशानियां बताना चाहते थे, लेकिन उन्हें अपनी बात रखने से रोका जा रहा था। राहुल ने एक महिला का जिक्र भी किया, जो उनके पास आई थी। उन्होंने बताया कि महिला की बेटी के साथ करीब चार साल पहले उत्तराखंड में दुष्कर्म के बाद हत्या हुई थी और वह अपनी पीड़ा बताने के लिए रो रही थी। राहुल के मुताबिक, व्यवस्था की ओर से उसे भी यह कहकर रोक दिया गया कि इससे अव्यवस्था फैल सकती है।
मोदी-शाह पर भी साधा निशाना
कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार को अब समझ आ गया है कि देश के लोग अपनी बात कहने से पीछे नहीं हटेंगे। राहुल ने दावा किया कि उन्हें इन दिनों प्रधानमंत्री कार्यालय के अंदर से भी सूचनाएं मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि जब तक नरेंद्र मोदी और अमित शाह इस्तीफा नहीं देंगे, विपक्ष उन्हें चैन से नहीं बैठने देगा।
राहुल ने अमित शाह को लेकर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि शाह को कभी ‘चाणक्य’ जैसे नामों से जाना जाता था, लेकिन अब वह गायब हो गए और करीब 20 दिनों तक संसद में नहीं आ पाए।
विदेश नीति और पाकिस्तान का मुद्दा
राहुल गांधी ने अमेरिका-ईरान युद्ध का जिक्र करते हुए भारत की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर ऐसे समय में देश का नेतृत्व इंदिरा गांधी जैसी सरकार के हाथ में होता, तो भारत इस पूरे घटनाक्रम में अहम भूमिका निभा सकता था। उनका आरोप है कि भारत ने यह मौका गंवा दिया और इसका फायदा पाकिस्तान को मिला।
उन्होंने चीन को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। राहुल ने दावा किया कि चीन ने भारत को अपनी जमीन पर पेट्रोलिंग करने से रोक दिया है। वहीं, कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित के साथ हल्के-फुल्के अंदाज में बातचीत करते हुए राहुल ने प्रधानमंत्री की विदेश नीति पर तंज कसा। उन्होंने संदीप दीक्षित को गले लगाते हुए कहा कि ‘ये हग करने को विदेश नीति कहते हैं।’ इसके बाद संदीप दीक्षित ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के संदर्भ का जिक्र किया, जिसको लेकर पहले भी राजनीतिक आलोचना होती रही है।













































