धार्मिक आदेश पर पंजाब में घमासान भगवंत मान ने वीडियो को नकारा, शिरोमणि अकाली दल पर लगाए गंभीर आरोप – Bhagwant Mann

Shikha Mishra | Nedrick News Punjab Published: 18 Jun 2026, 08:08 AM | Updated: 18 Jun 2026, 08:08 AM

Bhagwant Mann: इस वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि ये शख्स जो सिख गुरुओ का अपमान कर रहा है, उनपर शराब की छिड़क रहा है और उनकी तस्वीरो के सामने पेशाब कर रहा है.. ये शख्स पंजाब के वर्तमान मुख्यमंत्री भगवंत मान है… इतना ही नहीं 15 जून को भगवंत मान पर गुरु द्रोही और खालसा पंथ विरोधी होने का आरोप लगा कर सिख समुदाय से जुड़े सबसे बड़े धार्मिक संस्था श्री अकाल तख्त ने फैसला सुनाते हुए भगवंत मान से गुरु परंपरा से जुड़े किसी भी नियम को मानने के सारे अधिकार निरस्त कर दिये… दो वीडियो और दोनो के कारण सबसे बड़ी गाज गिरी पंजाब सीएम भगवंत मान पर और पंजाब की राजनीति में एक बार फिर से भूचाल आ गया है। लेकिन इस विवाद की शुरुआत कैसे हुई.. और भगवंत मान ने इस वीडियो को लेकर क्या दावा किया.. और क्या है इसकी सच्चाई जानेंगे सबकुछ अपने इस लेख में।

श्री अकाल तख्त ने भगवंत मान को अपना पक्ष रखने को कहा

दरअसल इस विवाद की शुरुआत इसी साल जनवरी महीने में हुई थी.. सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुई.. वीडियो में दिखने वाले शख्स के पंजाब सीएम भगवंत मान होने का दावा किया गया.. और उन पर गुरु परंपरा का अपमान करने और, गुरु द्रोही होने का आरोप लगा। वीडियो की सत्यता को जानने के लिए श्री अकाल तख्त ने सीधा भगवंत मान को अपना पक्ष रखने के लिए पेश होने का आदेश दिया। श्री अकाल तख्त का मानना था कि ये मामला केवल राजनीति विवाद का नहीं बल्कि अब सिख की भावनाओं और धार्मिक आस्था से भी जुड़ चुका है.. इसलिए इस मामले की जांच पूरी तरह स निष्पक्षता के साथ होनी चाहिए, चाहे वो भले ही गुरु परंपरा का अपमान करने वाले पंजाब के सीएम ही क्यों न हो।

विडियो में दिखने वाला शख्स भगवंत मान नहीं

चुंकि भगवंत मान ने खुद इस मामले को तूल पकड़ने से पहले ही 15 जनवरी को श्री अकाल तख्त सचिवालय पहुंच कर अपनी सफाई पेश की। उन्होंने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि वायरल वीडियो असल में फोर्ज की गई है और ये एआई जेनेरेटड है। वहीं वीडियो में दिखने वाला शख्स भी भगवंत मान नहीं है। उन्होंने कहा कि वो कभी भी गुरु परंपरा का अपमान करने के बारे मे सपने में ही नहीं सोच सकते है। श्री अकाल तख्त सिखों के लिए सर्वोच्च है.. ये उनके खिलाफ बड़ी साजिश की जा रही है.. ताकि उन्हें और उनकी पार्टी को पंजाब की राजनीति में कमजोर किया जा सकें। श्री अकाल तख्त ने भी इस मामले में केवल दावों और बयानों के आधार पर कोई जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय गहीनता से जांच करने का फैसला किया.. और भारत की दो प्रतिष्ठित फोरेसिंक जांच करने वाली सरकारी एजेंसी से इस वीडियो की सच्चाई की जांच कराई।

जत्थेदार कुलदीप सिंह गरगज ने किया खुलासा

करीब 5 महीनो तक ये मामला शांत रहा,.. और श्री अकाल तख्त ने अपनी जांच जारी रखी लेकिन 15 जून को श्री अकाल तख्त के वर्तमान जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज ने अमृतसर में एक बैठक में वायरल वीडियो की सच्चाई को पेश किया। जिसके बाद इस विवाद ने फिर से गहरा राजनीतिक और धार्मिक विवादित रंग ले लिया है। जत्थेदार कुलदीप सिंह गरगज ने खुलासा किया है कि दोनों जांच एजेंसी की रिपोर्ट आ गई है, और दोनों की रिपोर्ट लगभग एक जैसी है। रिपोर्ट के मुताबिक ये वायरल वीडियो पूरी तरह से ऑथेंटिक यानि की असली है।

भगवंत मान को गुरु द्रोही घोषित किया

पहली रिपोर्ट 27 मई को आई थी, और दूसरी 13 जून को आई थी, मगर दोनो में कहा कि विडियो के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है, न वो एआई से बनाई गई है… यानि की सीएम भगवंत मान की मुश्किले फिर से बढ़ने वाली थी। 15 जून को भगवंत मान को गुरु द्रोही और खालसा पंथ विरोधी घोषित कर दिया, जत्थेदार गरगज ने कहा कि भगवंत मान ने वीडियो के साथ मोर्फिंग होने की बात कह कर श्री अकाल तख्त को गुमराह किया है, उन्होंने पूरे सिख समुदाय को भगवंत मान से किसी भी तरह का धार्मिक, राजनीतिक औऱ सामाजिक संबंध न रखने की बात की है। एक एक्टिव सीएम को लेकर ऐसा फैसला अब पंजाब की राजनीति में बड़ा भूचाल ले आया है, वहीं भगंवत मान ने भी अपना पक्ष रखा है।

मान का करेंट वीडियो सोकल मीडिया पर वायरल

मान अब भी अपने पुराने बयान पर अडिग है। उन्होंने दावा किया कि वायरल वीडियो में दिखने वाला शख्स वो है ही नहीं। इस मुद्दे पर जमकर राजनीति शुरु हो गई गई है.. विपक्ष जहां मान को गुरु द्रोही करार देकर इस्तीफे की मांग कर रही है.. तो वहीं आम आदमी पार्टी ने भी मान का बचाव किया है। आप पंजाब मीडिया प्रभावी बलतेज पन्नू का बयान सामने आया है, उन्होंने कहा कि फोरेंसिक रिपोर्ट को गलत तरीके से पेश किया गया है। ये बात साफ है कि जांच से केवल ये साबित होता है कि वीडियो के साथ छेड़छाड़ नहीं की गई लेकिन वीडियो में दिखने वाला शख्स वाकई में भगवंत मान है, ये कहां लिखा है। सच तो ये है कि धार्मिक संस्थाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि चंद लोगो को राजनीतिक फायदा हो सकें औऱ आप की छवि खराब हो सकें।

वैसे कौन सा पक्ष सहीं और कौन सा गलत.. इसके कोई पुख्ता सबूत नहीं है,.. मगर आप का कहना है कि समय आने पर वो ऐशे सबूत पेश करेंगे जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जायेगा। मगर सबसे बड़ा सवाल ये है कि जहां अगले साल 2027 में पंजाब विधानसभा चुनाव होने है ऐसे में आप और भगवंत मान पर इतना संगीन आरोप का लगना, किसी साजिश का हिस्सा भी हो सकता है। हालांकि हम इस बात को भी नजर अंदाज नहीं कर सकते है कि ये मान ही है जिन्होंने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी औऱ गुरु परंपरा के अपमान करने के मामले में अप्रेल 2026 में जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम 2026 को लागू करके सिख गुरुओं की बेअदबी करने वालों के खिलाफ सख्त सजा का प्रावधान बनाया है। इसलिए मान पर लगे आरोपो को लेकर दो पक्ष का बंटना लाजमी है। अब देखना ये होगा कि आप की तरफ से ऐसे कौन से सबूत पेश किये जाते है जिससे श्री अकाल तख्त की सजा को चुनौती दी सकती है, और इस विवाद का आगानी विधानसभा चुनाव पर क्या असर पड़ेगा। वैसे आपको क्या लगता है क्या ये वाकई में एक राजनीतिक चाल हो सकती है।  

Shikha Mishra

shikha@nedricknews.com

शिखा मिश्रा, जिन्होंने अपने करियर की शुरुआत फोटोग्राफी से की थी, अभी नेड्रिक न्यूज़ में कंटेंट राइटर और रिसर्चर हैं, जहाँ वह ब्रेकिंग न्यूज़ और वेब स्टोरीज़ कवर करती हैं। राजनीति, क्राइम और एंटरटेनमेंट की अच्छी समझ रखने वाली शिखा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और पब्लिक रिलेशन्स की पढ़ाई की है, लेकिन डिजिटल मीडिया के प्रति अपने जुनून के कारण वह पिछले तीन सालों से पत्रकारिता में एक्टिव रूप से जुड़ी हुई हैं।

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