Telegram Banned in India: NEET 2026 परीक्षा विवाद के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए टेलीग्राम पर एक सप्ताह के लिए अस्थायी प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। सरकार का कहना है कि री-एग्जाम से पहले कुछ टेलीग्राम ग्रुप्स के जरिए संदिग्ध गतिविधियों और कथित पेपर शेयरिंग की जानकारी सामने आई थी। इसी को देखते हुए आईटी कानूनों के तहत यह कार्रवाई की गई है।
हालांकि इस फैसले के बाद टेलीग्राम के संस्थापक और CEO पावेल ड्यूरोव ने सरकार के निर्णय पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि किसी परीक्षा के पेपर लीक होने के लिए केवल एक ऐप को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है, क्योंकि ऐसी सामग्री किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से साझा की जा सकती है।
टेलीग्राम CEO ने उठाए सवाल| Telegram Banned in India
पावेल ड्यूरोव ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति लीक हुई जानकारी साझा करना चाहता है, तो उसके पास कई ऑनलाइन विकल्प होते हैं। ऐसे में केवल टेलीग्राम को निशाना बनाना समस्या के मूल कारण का समाधान नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में टेलीग्राम के करोड़ों यूजर्स हैं और इस तरह का प्रतिबंध उन लोगों को प्रभावित करता है, जिनका किसी भी गलत गतिविधि से कोई संबंध नहीं है। ड्यूरोव के मुताबिक किसी प्लेटफॉर्म को बंद करना आसान समाधान जरूर लग सकता है, लेकिन इससे वास्तविक दोषियों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।
रिलायंस पर लगाए गंभीर आरोप
विवाद तब और बढ़ गया जब ड्यूरोव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए रिलायंस इंडस्ट्रीज पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि रिलायंस ऐसी तकनीक का उपयोग कर रही है, जिससे टेलीग्राम की इंटरनेट कनेक्टिविटी प्रभावित हो रही है। ड्यूरोव के अनुसार इस तकनीक को BGP Hijacking कहा जाता है। इंटरनेट की दुनिया में BGP यानी Border Gateway Protocol डेटा को एक नेटवर्क से दूसरे नेटवर्क तक पहुंचाने का काम करता है। यदि इसमें हस्तक्षेप किया जाए तो इंटरनेट ट्रैफिक को दूसरे रास्तों पर मोड़ा जा सकता है या किसी सेवा तक पहुंच प्रभावित हो सकती है। टेलीग्राम प्रमुख का आरोप है कि इसी तकनीक के जरिए प्लेटफॉर्म की पहुंच में बाधा डाली जा रही है।
भारत से बाहर भी असर का दावा
ड्यूरोव ने दावा किया कि यह समस्या केवल भारत तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार संयुक्त अरब अमीरात (UAE) समेत कुछ अन्य देशों में भी यूजर्स को टेलीग्राम सेवाओं तक पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि इस विषय में कई शिकायतें और रिपोर्ट्स सामने आने के बावजूद कथित तौर पर आवश्यक कदम नहीं उठाए गए। ड्यूरोव ने इसे जानबूझकर किया गया हस्तक्षेप बताया और मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की।
कारोबारी प्रतिस्पर्धा का भी जिक्र
टेलीग्राम CEO ने इस पूरे विवाद को कारोबारी प्रतिस्पर्धा से भी जोड़कर देखा है। उन्होंने कहा कि रिलायंस और Meta के बीच व्यावसायिक संबंध हैं। Meta, WhatsApp, Facebook और Instagram जैसे बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की मालिक कंपनी है। ड्यूरोव ने संकेत दिया कि टेलीग्राम को कमजोर करने के पीछे प्रतिस्पर्धात्मक हित भी हो सकते हैं। हालांकि उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई सार्वजनिक तकनीकी प्रमाण पेश नहीं किया है।
सरकार का पक्ष
दूसरी ओर अधिकारियों का कहना है कि यह कदम असाधारण परिस्थितियों में उठाया गया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के अनुसार NEET री-एग्जाम से पहले कुछ टेलीग्राम ग्रुप्स में संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली थी। इसके बाद परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया। सरकारी सूत्रों का कहना है कि छात्रों के भविष्य और परीक्षा की विश्वसनीयता को देखते हुए यह कार्रवाई अंतिम विकल्प के तौर पर की गई है।
फिलहाल इस पूरे विवाद पर रिलायंस इंडस्ट्रीज की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं टेलीग्राम लगातार अपने ऊपर लगे आरोपों और प्रतिबंध के फैसले का विरोध कर रहा है।



























