16 महीने बाद मोदी-ट्रंप की मुलाकात में क्या हुआ? 45 मिनट की बातचीत से मिले बड़े संकेत| G7 Summit 2026

Nandani | Nedrick News France Published: 18 Jun 2026, 07:09 AM | Updated: 18 Jun 2026, 07:09 AM

G7 Summit 2026: फ्रांस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान दुनिया की निगाहें जिस मुलाकात पर सबसे ज्यादा टिकी थीं, वह थी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बैठक। करीब 16 महीने बाद दोनों नेताओं की आमने-सामने मुलाकात हुई और इसे भारत-अमेरिका संबंधों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पिछले कुछ महीनों में दोनों देशों के रिश्तों में कुछ मुद्दों को लेकर आई दूरी के बीच यह मुलाकात एक सकारात्मक संदेश लेकर आई है।

करीब 45 मिनट तक चली इस वार्ता में व्यापार, वैश्विक सुरक्षा, पश्चिम एशिया की स्थिति, समुद्री मार्गों की सुरक्षा, भारतीय नाविकों की सुरक्षा और भविष्य की रणनीतिक साझेदारी जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। कूटनीतिक विशेषज्ञ इसे भारत-अमेरिका संबंधों के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत के तौर पर देख रहे हैं।

और पढ़ें: अमेरिका ने इंडो हटाया तो क्यों बढ़ गई भारत और QUAD की चिंता? पीछे क्या है बड़ा खेल? US Indo Pacific Command

मोदी ने शांति और नाविकों की सुरक्षा पर दिया जोर| G7 Summit 2026

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और अमेरिका के संबंधों में नई गति आई है और दोनों देश मिलकर साझा लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) का जिक्र करते हुए कहा कि यह मार्ग पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और इसे खुला तथा सुरक्षित बनाए रखना जरूरी है। प्रधानमंत्री ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा भी मजबूती से उठाया। बातचीत के दौरान उन्होंने “पश्चिम एशिया” का कई बार उल्लेख किया और शांति बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका कहना था कि समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा केवल क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक जिम्मेदारी है।

ट्रंप ने मोदी को बताया मजबूत नेता

बैठक के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने भी प्रधानमंत्री मोदी की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मोदी लंबे समय से उनके मित्र रहे हैं और दोनों देशों के संबंध हमेशा मजबूत रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि भारत अमेरिका में बड़े पैमाने पर निवेश कर रहा है और दोनों देश एक महत्वपूर्ण व्यापार समझौते पर काम कर रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को शांत, संयमित लेकिन बेहद मजबूत नेता बताया। ट्रंप के मुताबिक मोदी भारत के हितों की रक्षा के लिए हमेशा मजबूती से खड़े रहते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में स्थिरता बनाए रखने में भारत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और जब तक वह राष्ट्रपति हैं, भारत-अमेरिका संबंध मजबूत बने रहेंगे। ट्रंप ने जल्द भारत दौरे की इच्छा भी जताई।

वैश्विक तनाव के बीच खास रही मुलाकात

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब दुनिया कई क्षेत्रों में संघर्ष और अस्थिरता का सामना कर रही है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव, वैश्विक व्यापार को लेकर अनिश्चितता और कई सुरक्षा चुनौतियों के बीच मोदी और ट्रंप की मुलाकात को विशेष महत्व दिया जा रहा है। व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान में भी कहा गया कि दोनों नेता मिलकर द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

ट्रंप का बड़ा भरोसा

बैठक के दौरान ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनके प्रधानमंत्री रहते यदि भारत किसी चुनौती का सामना करता है तो अमेरिका उसके साथ खड़ा रहेगा। इसे दोनों देशों के बीच रणनीतिक विश्वास का संकेत माना जा रहा है। G7 में यह प्रधानमंत्री मोदी की लगातार सातवीं भागीदारी रही, जबकि भारत कुल 13वीं बार इस मंच पर शामिल हुआ है। यह दर्शाता है कि वैश्विक मुद्दों पर भारत की भूमिका लगातार मजबूत होती जा रही है।

ग्रुप फोटो ने भी दिया कूटनीतिक संदेश

G7 की आधिकारिक समूह तस्वीर भी चर्चा का विषय बनी रही। तस्वीर में प्रधानमंत्री मोदी को मेजबान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बीच स्थान मिला। कूटनीतिक प्रोटोकॉल में ऐसी स्थिति को विशेष महत्व दिया जाता है। विश्लेषकों का मानना है कि यह संकेत है कि भारत अब केवल आमंत्रित देश नहीं, बल्कि वैश्विक चर्चाओं का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है।

व्यापार और तकनीक पर भी बढ़ी सहमति

बैठक के बाद ऐसे संकेत मिले हैं कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक तथा रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में सकारात्मक प्रगति हुई है। सूत्रों के अनुसार व्यापार, टैरिफ, तकनीक हस्तांतरण, रक्षा उपकरणों की खरीद, लड़ाकू विमान इंजन तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर सहमति बनने की दिशा में काम आगे बढ़ा है। हालांकि इन चर्चाओं का पूरा विवरण आने वाले समय में सामने आ सकता है।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली मुलाकात

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद मोदी और ट्रंप की यह पहली मुलाकात थी। हाल के महीनों में टैरिफ और व्यापार से जुड़े कुछ मुद्दों पर दोनों देशों के बीच जो तनाव देखने को मिला था, वह इस मुलाकात के बाद काफी हद तक कम होता नजर आया। प्रधानमंत्री मोदी ने G7 मंच से समुद्री व्यापार मार्गों की स्वतंत्रता और सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया, जिसे कई विशेषज्ञ चीन के लिए रणनीतिक संदेश के रूप में देख रहे हैं।

भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा भी उठाया

प्रधानमंत्री मोदी ने G7 सम्मेलन और ट्रंप के साथ बातचीत दोनों में भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि वैश्विक समुद्री व्यापार को आगे बढ़ाने वाले नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी देशों की जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में शांति प्रयासों का स्वागत करते हुए कहा कि क्षेत्र में संघर्ष के कारण कई देशों को नुकसान उठाना पड़ा है और भारत के नागरिकों ने भी इसकी कीमत चुकाई है।

ओमान की खाड़ी में हुए हमलों का जिक्र

हाल के दिनों में ओमान की खाड़ी में तीन भारतीय जहाजों पर हमले हुए थे। एक जहाज के चालक दल को बचा लिया गया, जबकि दूसरे हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी। इन घटनाओं को लेकर भारत पहले भी चिंता जता चुका है। अब G7 के मंच पर प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इस मुद्दे को उठाने को भारत की सक्रिय कूटनीति और अपने नागरिकों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है।

और पढ़ें: ईरान-अमेरिका समझौते में किसने मारी बाजी और किसे करना पड़ा समझौता? जानिए अंदर की कहानी| Iran-US Peace Talk

Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

Latest News

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds