UP Chunav 2022: कहीं BJP की मुश्किलें ना बढ़ा दें Aparna Yadav की पार्टी में ज्वॉइनिंग, ये है वजह…

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 19 जनवरी 2022, 05:30 AM Updated: 19 जनवरी 2022, 05:30 AM
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उत्तर प्रदेश में चुनावी (Uttar Pradesh Election) जंग दिन पर दिन दिलचस्प मोड़ लेती जा रही हैं। बड़े बड़े नेता एक पार्टी से दूसरी पार्टी में जा रहे हैं। बीते दिनों बीजेपी (BJP in Uttar Pradesh Election) के कई मंत्रियों और नेताओं ने बीजेपी को बड़ा झटका दिया और सपा ज्वॉइन कर लीं। इसके बाद अब मतदान से पहले बीजेपी ने बड़ा सियासी दांव चला और पार्टी मुलायम सिंह (Mulayam Yadav) की छोटी बहू अपर्णा यादव (Aparna Yadav Joins BJP) को अपने पाले में ले आई। बुधवार को अपर्णा यादव ने बीजेपी ज्वॉइन कर  ली।

यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) और यूपी BJP चीफ स्वतंत्र देव सिंह (Swatantra Dev Singh) की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। चुनाव से ठीक पहले ये सपा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। इससे पहले 2017 के विधानसभा चुनावों में अपर्णा ने सपा की टिकट पर चुनाव लड़ा था। इस दौरान उन्होंने लखनऊ कैंट सीट (Lucknow Cantt Seat) से बीजेपी की रीता बहुगुणा जोशी को टक्कर देने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान उनकी हार हुई। 

भले ही सपा को बड़ा झटका देते हुए बीजेपी ने अपर्णा यादव को पार्टी में शामिल कराया जा रहा हो, लेकिन अब अपर्णा के बीजेपी में शामिल होने से बीजेपी को नुकसान भी हो सकता है। दरअसल बीजेपी सांसद रीता बहुगुणा जोशी लखनऊ कैंट की इसी सीट से अपने बेटे को उम्मीदवार बनाने की मांग कर रही है। बीते दिन तो उन्होंने ये तक कह दिया कि अगर पार्टी उनके बेटे मयंक जोशी को टिकट दे देगी, तो इसके लिए वो सांसद पद तक छोड़ देगी।  

लेकिन अब अगर बीजेपी लखनऊ कैंट सीट से अपर्णा यादव को टिकट देती है, तो मयंक जोशी को टिकट ना मिलने से इस पर रीता बहुगुणा जोशी की नाराजगी भी पार्टी के सामने आ सकती है। 

बता दें कि कैंट सीट ब्राह्मण बाहुल्य है। सीट पर एक लाख वोटर ब्राह्मण है। यहां सिंधी-पंजाबी वोटर की संख्या तकरीबन 65 हजार, मुस्लिम आबादी 25 हजार के करीब है। इसके अलावा यादव जाति के वोट करीब 20 हजार और ठाकुर जाति के वोट करीब 15 हजार हैं। इस सीट को बीजेपी का गढ़ माना जाता है। 2017 में लखनऊ कैंट सीट से रीता बहुगुणा जोशी जीतीं थीं। इसके बाद उपचुनाव में बीजेपी के सुरेश तिवारी एक बार फिर यहां से विधायक बनें। सुरेश तिवारी यहां से तीन बार(1996, 2002 और 2007) में बीजेपी का परचम लहरा चुके हैं। 

लखनऊ कैंट सीट से टिकट के लिए बीजेपी के पास कई दावेदार हैं, जिसमें विधायक सुरेश तिवारी का नाम है। इसके बाद रीता बहुगुणा जोशी के बेटे मयंक जोशी, डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा, कैबिनेट मंत्री महेंद्र सिंह, महापौर संयुक्ता भाटिया की पुत्रवधू भी इस सीट से दावेदारी कर रही हैं। अब अपर्णा तिवारी के बीजेपी में आने से पार्टी इस सीट से किस उम्मीदवार को मैदान में उतारती है, ये देखने वाली बात होगी। 

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