kharge calls Modi Terrorist: तमिलनाडु में चुनावी माहौल के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के एक बयान ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। चेन्नई में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर विवादित टिप्पणी कर दी, जिसके बाद सियासी गर्मा गया।
खड़गे ने आरोप लगाया कि मोदी बराबरी के सिद्धांत में विश्वास नहीं करते और उनकी पार्टी समता और न्याय के मूल्यों से दूर है। इसी दौरान उन्होंने एक ऐसा माहौल शब्द इस्तेमाल किया, जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया।
बाद में दी सफाई, बोले—गलत मतलब निकाला गया | kharge calls Modi Terrorist
बयान के बाद बढ़ते विवाद को देखते हुए खड़गे ने तुरंत सफाई दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने “आतंकवादी” शब्द का इस्तेमाल नहीं किया, बल्कि उनका मतलब था कि प्रधानमंत्री लोगों को “आतंकित” करते हैं। उन्होंने कहा, “मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि मोदी लोगों को डराने का काम करते हैं। IT, ED जैसी संस्थाएं उनके नियंत्रण में हैं और उनका इस्तेमाल विपक्षी नेताओं पर दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है।”
BJP-AIADMK गठबंधन पर भी उठाए सवाल
खड़गे ने इस दौरान AIADMK और भारतीय जनता पार्टी के बीच गठबंधन को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन लोकतंत्र को कमजोर करने वाला है और यह पेरियार, डॉ. भीमराव आंबेडकर और करुणानिधि जैसे नेताओं के विचारों के खिलाफ है। उनका कहना था कि इस तरह के गठबंधन से सामाजिक न्याय और बराबरी के मूल सिद्धांतों को नुकसान पहुंचता है।
केंद्र सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
अपने संबोधन में खड़गे ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले 11 सालों में केंद्र सरकार ने कई चुनी हुई राज्य सरकारों को गिराने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि विधायकों और सांसदों की खरीद-फरोख्त की गई और सत्ता में बने रहने के लिए धनबल और दबाव का इस्तेमाल किया गया।
उन्होंने CBI, ED और इनकम टैक्स विभाग जैसी संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि इनका इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है।
बीजेपी का पलटवार
खड़गे के बयान पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इसे बेहद आपत्तिजनक बताते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी का स्तर गिरता जा रहा है।उन्होंने कहा, “एक लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए प्रधानमंत्री को इस तरह संबोधित करना न सिर्फ उनका अपमान है, बल्कि देश की जनता का भी अपमान है।” गोयल ने खड़गे से माफी की मांग करते हुए कहा कि इस तरह के बयान लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ हैं।
चुनाव से ठीक पहले बढ़ा विवाद
यह पूरा विवाद ऐसे समय सामने आया है जब तमिलनाडु में चुनावी प्रचार अपने अंतिम दौर में है। राज्य में 23 अप्रैल को मतदान होना है और एक ही चरण में पूरे प्रदेश में वोट डाले जाएंगे। चुनाव प्रचार खत्म होने से ठीक पहले इस तरह का बयान सामने आने से राजनीतिक माहौल और ज्यादा गरमा गया है।





























