Lucknow Crime news: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के चिनहट इलाके से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक पिता पर आरोप है कि उसने अपनी ही 16 साल की बेटी की बेरहमी से हत्या कर दी और पहचान छिपाने के लिए उसके चेहरे को तेजाब से जला दिया। इसके बाद उसने शव को ठिकाने लगाने की कोशिश भी की और बाद में पुलिस को गुमराह करने के लिए खुद ही गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करा दी।
जानकारी के मुताबिक, आरोपी ने यह शिकायत IGRS उत्तर प्रदेश पर दर्ज कराई थी, ताकि मामला गुमशुदगी जैसा लगे और जांच दूसरी दिशा में चली जाए।
दादा की समझदारी से खुला शक | Lucknow Crime news
जब पुलिस चिनहट थाना क्षेत्र में शिकायत की जांच के लिए पहुंची, तो आरोपी विजय कुमार चौबे घर से गायब मिला और उसका फोन भी बंद था। इसी दौरान परिवार में मौजूद किशोरी के दादा, जो पूर्व पुलिस इंस्पेक्टर हैं, को बेटे की हरकतों पर शक हुआ।
उन्होंने बिना देर किए वकील के साथ थाने पहुंचकर पूरे मामले की गंभीरता से जांच की मांग की। इसके बाद पुलिस ने केस को संदिग्ध मानकर जांच तेज कर दी।
ऑडियो रिकॉर्डिंग बनी अहम सबूत
जांच के दौरान पुलिस उस युवक तक पहुंची, जिससे किशोरी का पहले संबंध बताया जा रहा था। युवक ने पुलिस को एक ऑडियो रिकॉर्डिंग सौंपी, जिसमें लड़की यह कहती सुनाई दे रही है कि वह अपने पिता के साथ जा रही है और उससे संपर्क न किया जाए। यह ऑडियो पुलिस के लिए एक अहम सुराग साबित हुआ और शक की दिशा पूरी तरह बदल गई।
झाड़-फूंक के बहाने ले जाकर की गई हत्या
डीसीपी पूर्वी डॉ. दीक्षा शर्मा के अनुसार, 16 अप्रैल को आरोपी ने अपनी बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेकिन उससे पहले ही पूरी साजिश रची जा चुकी थी। पुलिस जांच में सामने आया कि 13 अप्रैल को आरोपी अपने साथी अब्दुल मन्नान के साथ कार किराए पर लेकर बेटी को झाड़-फूंक के बहाने बाराबंकी ले गया था।
14 अप्रैल को बड्डूपुर इलाके के पास शारदा नहर के किनारे कार में ही गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई। विरोध के बावजूद दोनों ने तब तक गला दबाए रखा जब तक किशोरी की मौत नहीं हो गई।
पहचान मिटाने की कोशिश
हत्या के बाद आरोपी ने शव को नहर में फेंकने की कोशिश की, लेकिन आसपास लोगों की आवाजाही के कारण वह घबरा गया। इसके बाद उसने शव के चेहरे पर तेजाब डालकर उसकी पहचान मिटाने की कोशिश की और फिर शव को सड़क किनारे छोड़कर फरार हो गया।
गोंडा से गिरफ्तारी और कबूलनामा
पुलिस ने तकनीकी जांच और लगातार तलाश के बाद आरोपी को गोंडा से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने पूरी योजना के तहत पहले हत्या की और फिर जांच को भटकाने के लिए खुद ही गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई, लेकिन उसकी यह चालाकी ही उसके खिलाफ सबसे बड़ा सबूत बन गई।
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की आगे की जांच कर रही है और आरोपी के साथियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
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