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Smart meter Bill: सावधान! कहीं आपके घर का ‘स्मार्ट मीटर’ भी न ले ले किसी की जान? 3 महीने का बिल 1.60 लाख देख चाय वाले को आया हार्ट अटैक!

Shikha Mishra | Nedrick News Uttar Pradesh Published: 19 Mar 2026, 10:57 AM | Updated: 19 Mar 2026, 10:57 AM

Smart meter Bill: घर को रोशन करने की कीमत क्या किसी की जान भी हो सकती है? ज़रा सोचिए, सिर्फ 3 महीने का बिजली बिल 1 लाख 60 हजार रुपये आ जाए, तो एक गरीब परिवार पर क्या गुजरेगी। लोग सच ही कहते हैं ‘खूब देखी खुदा तेरी खुदाई, सारे जमाने को छोड़ बारिश हमारे ही घर आई’। उत्तर प्रदेश के इटावा में ‘स्मार्ट मीटर’ की कुछ ऐसी ही मेहरबानी हुई कि चाय बेचने वाले शिवपाल यह सदमा बर्दाश्त नहीं कर सके और उन्हें हार्ट अटैक आ गया। रोशनी देने वाला महकमा, उनके घर में अंधेरा कर गया। जिसके बाद उत्तर प्रदेश इटावा के भरथना तहसील में गुरुवार को एक दर्दनाक मामला सामने आया, जहां गुस्साए परिजनों ने बिजली विभाग के दफ्तर पर शव रखकर जमकर हंगामा किया।

क्या है पूरा मामला?

मीडिया द्वारा मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि महावीर नगर के रहने वाले 55 वर्षीय शिवपाल सिंह, जो ठेले पर चाय बेचकर अपने परिवार का गुजारा करते थे, उन्हें अचानक करीब 1.60 लाख रुपये का बिजली बिल मिला। बताया जा रहा है कि यह बिल सिर्फ 3 महीने का था। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मृतक के घर में न तो एसी (AC) था और न ही कोई भारी उपकरण, फिर भी इतना बड़ा बिल आना विभाग की बड़ी लापरवाही की ओर इशारा करता है। इस भारी-भरकम राशि को देखकर शिवपाल गहरे सदमे में थे और इसी तनाव के चलते उन्हें हार्ट अटैक आ गया, जिससे उनकी मौत हो गई।

दफ्तरों के लगातार काट रहे थे चक्कर

परिजनों का आरोप है कि ‘स्मार्ट मीटर’ लगने के बाद से ही बिल की रकम आसमान छूने लगी थी। शिवपाल सिंह इसे ठीक करवाने के लिए बिजली विभाग के दफ्तर के अनगिनत चक्कर काट चुके थे, लेकिन अधिकारियों ने उनकी एक न सुनी। इसी मानसिक तनाव और भारी बिल चुकाने की चिंता ने उन्हें अंदर से तोड़ दिया, जिसके चलते उन्हें हार्ट अटैक आया और उनकी जान चली गई।

बेटी ने लगाए गंभीर आरोप

मृतक की बेटी राखी ने आरोप लगाया है कि बिजली विभाग के कर्मचारी उनकी शिकायत सुनने के बजाय सुधार के नाम पर रिश्वत मांग रहे थे। राखी ने रोते हुए बताया कि उनके पिता अपनी चाय की दुकान छोड़कर बार-बार दफ्तर के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन अधिकारी टस से मस नहीं हुए। इसी मानसिक दबाव और बिल भरने की चिंता ने आखिरकार उनकी जान ले ली।

विभाग ने दी सफाई

मामला गरमाता देख बिजली विभाग के एसडीओ दिलीप साहू ने अपनी सफाई दी। उन्होंने कहा कि संभव है कि स्मार्ट मीटर में किसी तकनीकी गड़बड़ी या पुरानी रीडिंग के कारण बिल की राशि इतनी अधिक आई हो। उन्होंने परिजनों को आश्वासन दिया है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और उचित कार्यवाही की जाएगी।

जांच में जुटी पुलिस

भारी हंगामे और शव को दफ्तर पर रखने की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित परिजनों को समझा-बुझाकर और उचित जांच का आश्वासन देकर किसी तरह मामला शांत कराया। फिलहाल पुलिस घटना की रिपोर्ट दर्ज कर मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है।

परिजनों की मांग

पीड़ित परिवार का कहना है कि यह केवल एक ‘तकनीकी गलती’ नहीं बल्कि विभाग की लापरवाही है, जिसने एक हंसते-खेलते परिवार के मुखिया को छीन लिया। परिजनों ने मांग की है कि इस मामले के लिए जिम्मेदार भ्रष्ट कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई हो, गलत बिल को तुरंत रद्द किया जाए और गरीब परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए ताकि उन्हें न्याय मिल सके।

Shikha Mishra

shikha@nedricknews.com

शिखा मिश्रा, जिन्होंने अपने करियर की शुरुआत फोटोग्राफी से की थी, अभी नेड्रिक न्यूज़ में कंटेंट राइटर और रिसर्चर हैं, जहाँ वह ब्रेकिंग न्यूज़ और वेब स्टोरीज़ कवर करती हैं। राजनीति, क्राइम और एंटरटेनमेंट की अच्छी समझ रखने वाली शिखा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और पब्लिक रिलेशन्स की पढ़ाई की है, लेकिन डिजिटल मीडिया के प्रति अपने जुनून के कारण वह पिछले तीन सालों से पत्रकारिता में एक्टिव रूप से जुड़ी हुई हैं।

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