Cockroach Janata Party: सोशल मीडिया की दुनिया में इन दिनों एक नाम तेजी से वायरल हो रहा है… कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janta Party – CJP)। अपने अजीबोगरीब लेकिन मजाकिया अंदाज वाले नाम और नारे “सेक्युलर, सोशलिस्ट, डेमोक्रेटिक, लेजी” के चलते यह संगठन चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। कोई इसे नया राजनीतिक प्रयोग बता रहा है, तो कोई इसे साफ तौर पर एक सैटायर यानी व्यंग्य मान रहा है।
हालांकि CJP खुद को हल्के में लेने के मूड में नहीं है। पार्टी का दावा है कि यह “युवाओं का, युवाओं के लिए और युवाओं द्वारा बनाया गया राजनीतिक मंच” है। इतना ही नहीं, लॉन्च के महज दो दिन के भीतर ही पार्टी ने ऑनलाइन सदस्यता अभियान चलाकर दावा किया कि उसके 40,000 से ज्यादा सदस्य बन चुके हैं। सोशल मीडिया पर भी इसे हजारों लोग फॉलो कर रहे हैं।
नेताओं की एंट्री से और बढ़ी चर्चा| Cockroach Janta Party
इस “नई पार्टी” की लोकप्रियता तब और बढ़ गई जब तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा और पूर्व क्रिकेटर व नेता कीर्ति आजाद ने मजाकिया अंदाज में इसमें जुड़ने की इच्छा जताई। महुआ मोइत्रा ने CJP की पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि वह भी “एंटी-नेशनल पार्टी” की कार्ड होल्डर सदस्य हैं और इस नए मंच में शामिल होना चाहती हैं।
The wait is finally over…
Presenting you the official election symbol of Cockroach Janta Party.
Join the movement: https://t.co/2BdBYMQhl8#IamNotAfraid #CJP2029✊🏻 pic.twitter.com/Pl6AqnKHnv
— Cockroach Janta Party (@CJP_2029) May 17, 2026
इस पर CJP ने भी उतने ही हल्के-फुल्के अंदाज में जवाब दिया, “लोकतंत्र को आप जैसे फाइटर की जरूरत है, आपका स्वागत है।” वहीं कीर्ति आजाद ने जब पार्टी में शामिल होने की योग्यता पूछी, तो CJP का जवाब और भी वायरल हो गया..“1983 वर्ल्ड कप जीतना ही काफी है।”
नाम के पीछे क्या है कहानी?
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम को लेकर भी सोशल मीडिया पर बहस चल रही है। माना जा रहा है कि यह नाम भारत के मुख्य न्यायाधीश से जुड़ी एक कथित टिप्पणी से प्रेरित है, जिसमें युवाओं की तुलना “कॉकरोच” से की गई थी। हालांकि बाद में इस बयान पर सफाई भी दी गई थी कि इसे गलत तरीके से पेश किया गया। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने इस पूरे विवाद पर व्यंग्यात्मक प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “कॉकरोच जनता पार्टी का संस्थापक होने के नाते मैं इस स्पष्टीकरण की निंदा करता हूं।”
दिलचस्प बात यह है कि अभिजीत दिपके पहले आम आदमी पार्टी से जुड़े सोशल मीडिया कैंपेनिंग का हिस्सा रह चुके हैं और 2020 दिल्ली चुनाव में काम कर चुके हैं।
AI एंथम और Gen-Z सम्मेलन की तैयारी
CJP ने हाल ही में अपना एक AI-जनरेटेड एंथम भी जारी किया है, जिसकी लाइन है—
“We are Cockroach Party, we are children of a burning city.”
इसके साथ ही पार्टी ने अपना पहला वर्चुअल Gen-Z Convention आयोजित करने की घोषणा की है। इसमें युवाओं से भाग लेने और आयोजन में मदद करने की अपील भी की गई है।
सदस्यता के “मजेदार नियम”
CJP ने अपनी सदस्यता की शर्तें भी बेहद अनोखे अंदाज में बताई हैं। उनके मुताबिक सदस्य वही बन सकता है जो बेरोजगार हो, लेजी यानी आलसी हो, हमेशा ऑनलाइन रहता हो और प्रोफेशनल तरीके से शिकायत कर सकता हो। यह पढ़कर सोशल मीडिया पर लोग इसे मजाक और सच के बीच की धुंधली रेखा बता रहे हैं।
गंभीर मुद्दों पर भी आवाज
हालांकि नाम और अंदाज भले ही मजाकिया हो, लेकिन CJP कुछ गंभीर मुद्दों पर भी अपनी बात रख रही है। पार्टी ने NEET और CBSE परीक्षा गड़बड़ियों को लेकर आवाज उठाई है और CBSE की रीचेकिंग फीस खत्म करने की मांग की है। उनका कहना है कि छात्रों से बोर्ड की गलतियों के लिए पैसे लेना गलत है।
इसके अलावा पार्टी के पांच सूत्रीय घोषणापत्र में कई बड़े सुझाव शामिल हैं—
- रिटायरमेंट के बाद किसी मुख्य न्यायाधीश को राज्यसभा सीट न दी जाए
- गलत तरीके से वोट हटाने पर चुनाव आयोग पर सख्त कार्रवाई हो
- संसद और कैबिनेट में 50% महिला आरक्षण
- मीडिया की पूरी स्वतंत्रता
- और दल-बदल करने वाले नेताओं पर 20 साल का चुनावी प्रतिबंध
फिलहाल क्या है भविष्य?
सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि भारद्वाज ने CJP को सुझाव दिया है कि वह पारदर्शिता के साथ काम करे और गुप्त चंदा न ले। इस पर पार्टी ने कहा कि वे सभी सुझाव स्वीकार करते हैं। फिलहाल यह साफ नहीं है कि कॉकरोच जनता पार्टी आगे चलकर एक आधिकारिक राजनीतिक दल बनेगी या सिर्फ सोशल मीडिया पर एक सैटायरिक मूवमेंट बनकर रह जाएगी। लेकिन इतना तय है कि इस “अजीब नाम वाली पार्टी” ने भारतीय राजनीति की गंभीर बहसों के बीच एक नई और हल्की-फुल्की चर्चा जरूर शुरू कर दी है।





























