PM Modi Norway Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों नॉर्वे के आधिकारिक दौरे पर हैं। इस यात्रा के दौरान उन्होंने राजधानी ओस्लो में नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनस गाहर स्टोरे के साथ एक संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग में हिस्सा लिया। दोनों नेताओं के बीच हुई इस अहम बैठक में आतंकवाद, वैश्विक सुरक्षा और कई रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा हुई।
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आतंकवाद और वैश्विक मुद्दों पर सख्त रुख| PM Modi Norway Visit
जॉइंट स्टेटमेंट में दोनों प्रधानमंत्रियों ने हर तरह के आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद की कड़ी निंदा की। इसमें सीमा पार आतंकवाद भी शामिल था। बैठक में यह भी साफ किया गया कि वैश्विक समस्याओं का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए ही संभव है, न कि सैन्य संघर्ष के जरिए। प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान कहा कि भारत और नॉर्वे दोनों ही नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था, संवाद और डिप्लोमेसी में विश्वास रखते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी समस्या का हल युद्ध से नहीं निकल सकता।

पत्रकार के सवाल से उठा नया विवाद
प्रेस ब्रीफिंग खत्म होने के बाद जब प्रधानमंत्री मोदी हॉल से बाहर जा रहे थे, तभी नॉर्वे की एक महिला पत्रकार हेले लिंग ने उनसे सवाल किया कि वह मीडिया से सीधे बातचीत क्यों नहीं कर रहे हैं। यह सवाल सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। इसके बाद हेले लिंग ने अपने ‘X’ (पहले ट्विटर) अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने उनके सवाल का जवाब नहीं दिया। उन्होंने लिखा कि उन्हें इस तरह की उम्मीद नहीं थी।
हेले लिंग ने अपने पोस्ट में नॉर्वे और भारत की प्रेस फ्रीडम रैंकिंग का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नॉर्वे वर्ल्ड प्रेस इंडेक्स में पहले स्थान पर है, जबकि भारत 157वें स्थान पर है। उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि भारत की स्थिति कुछ अन्य देशों के साथ तुलना में चर्चा का विषय है।
भारतीय दूतावास की प्रतिक्रिया
हेले लिंग के इस पोस्ट के बाद नॉर्वे स्थित भारतीय दूतावास ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। दूतावास ने पत्रकार को टैग करते हुए लिखा कि आज शाम 9:30 बजे रेडिसन ब्लू प्लाजा होटल में प्रधानमंत्री की यात्रा को लेकर एक प्रेस ब्रीफिंग आयोजित की जा रही है, जहां सभी पत्रकारों का स्वागत है और वे अपने सवाल पूछ सकते हैं।
राहुल गांधी का बयान भी आया सामने
इस पूरे मामले पर भारत में राजनीतिक प्रतिक्रिया भी देखने को मिली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने हेले लिंग के वीडियो को शेयर करते हुए प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि जब छिपाने के लिए कुछ नहीं होता, तो डरने की कोई बात नहीं होती। उन्होंने यह भी कहा कि अगर दुनिया किसी प्रधानमंत्री को सवालों से बचते हुए देखती है, तो इसका असर देश की छवि पर पड़ता है।
When there is nothing to hide, there is nothing to fear.
What happens to India’s image when the world sees a compromised PM panic and run from a few questions? https://t.co/tOO8vzESpf
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 18, 2026
43 साल बाद नॉर्वे में भारतीय प्रधानमंत्री की यात्रा
यह यात्रा इसलिए भी खास है क्योंकि यह पिछले 43 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की नॉर्वे की पहली आधिकारिक यात्रा है। इससे पहले इतने लंबे अंतराल के बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री इस स्कैंडिनेवियाई देश पहुंचे हैं।
द्विपक्षीय वार्ता में कई अहम मुद्दे
ओस्लो में हुई इस द्विपक्षीय बैठक में प्रधानमंत्री मोदी और जोनस गाहर स्टोरे ने रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव जैसे वैश्विक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि इन संकटों का समाधान केवल बातचीत और कूटनीतिक प्रयासों से ही संभव है।
इसके अलावा भारत और नॉर्वे के बीच क्लीन एनर्जी, क्लाइमेट रेजिलिएंस, ब्लू इकोनॉमी, ग्रीन शिपिंग, डिजिटल टेक्नोलॉजी, स्पेस रिसर्च और आर्कटिक रिसर्च जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी।
भारत–नॉर्वे साझेदारी को नई दिशा
इस दौरे को दोनों देशों के संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस यात्रा से भारत और नॉर्वे के बीच तकनीकी और पर्यावरणीय सहयोग को नई गति मिल सकती है। फिलहाल यह दौरा जितना कूटनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है, उतना ही यह मीडिया सवालों और सोशल मीडिया प्रतिक्रियाओं की वजह से चर्चा में भी बना हुआ है।
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