BRICS Trade Report: ब्रिक्स देशों पर बढ़ती भारत की निर्भरता बनी चिंता, 224 अरब डॉलर पहुंचा व्यापार घाटा

👤 Nandani | Nedrick News 📍 Ghaziabad 🕒 Published: 18 मई 2026, 10:25 AM 🔄 Updated: 18 मई 2026, 10:25 AM
Google News
Follow Us on Google News
Prefer Nedrick News
on Google

BRICS Trade Report: भारत और ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ा है। बढ़ते कारोबार ने जहां भारत के लिए नए बाजारों और ऊर्जा आपूर्ति के रास्ते खोले हैं, वहीं दूसरी तरफ एक बड़ी आर्थिक चुनौती भी सामने ला दी है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिक्स देशों के साथ भारत का व्यापार घाटा लगातार बढ़ रहा है और देश आयात के लिए इन देशों पर पहले से ज्यादा निर्भर होता जा रहा है।

रूबिक्स डेटा साइंसेज की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 तक भारत और बाकी 10 ब्रिक्स देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार बढ़कर 416 अरब डॉलर तक पहुंच गया। साल 2021 से 2025 के बीच इस व्यापार में औसतन 10 फीसदी सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि, व्यापार बढ़ने के साथ-साथ घाटा भी तेजी से बढ़ा है, जिसने आर्थिक विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है।

और पढ़ें: अब नहीं संभले तो पीढ़ियां चुकाएंगी कीमत – नीदरलैंड्स में PM मोदी की चेतावनी| PM Modi Netherlands Visit

पांच साल में लगभग दोगुना हुआ व्यापार घाटा| BRICS Trade Report

रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिक्स देशों के साथ भारत का गुड्स ट्रेड डेफिसिट यानी माल व्यापार घाटा पांच साल में लगभग दोगुना हो गया। साल 2021 में यह घाटा 117 अरब डॉलर था, जो 2025 में बढ़कर 224 अरब डॉलर यानी करीब 21.49 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। विशेषज्ञों का कहना है कि इसका सबसे बड़ा कारण आयात में तेज उछाल है। साल 2025 में भारत ने ब्रिक्स देशों से करीब 320 अरब डॉलर का आयात किया। इस दौरान आयात में 12 फीसदी की CAGR यानी सालाना चक्रवृद्धि वृद्धि दर दर्ज की गई। यही वजह है कि भारत के कुल आयात में ब्रिक्स देशों की हिस्सेदारी 2021 के 36 फीसदी से बढ़कर 2025 में 43 फीसदी हो गई।

रूस, यूएई और ब्राजील से बढ़ा व्यापार

ब्रिक्स समूह के भीतर रूस भारत के सबसे तेजी से बढ़ते आयात साझेदारों में शामिल हो गया है। रिपोर्ट के अनुसार, रूस से आयात में 61 फीसदी CAGR की बढ़ोतरी हुई है। इसकी सबसे बड़ी वजह रूस से सस्ते कच्चे तेल की भारी खरीद मानी जा रही है। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और ब्राजील के साथ भी भारत का व्यापार लगातार मजबूत हुआ है। दोनों देशों के साथ व्यापार में करीब 12 फीसदी की सालाना वृद्धि दर्ज की गई। ऊर्जा, कृषि उत्पाद और औद्योगिक सामानों की मांग ने इन देशों के साथ व्यापार को बढ़ावा दिया है।

निर्यात की रफ्तार रही धीमी

जहां आयात तेजी से बढ़ा, वहीं भारत का निर्यात उसी गति से आगे नहीं बढ़ पाया। रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 में ब्रिक्स देशों को भारत का कुल निर्यात 96 अरब dollar रहा। 2021 से 2025 के बीच इसमें केवल 3 फीसदी CAGR की बढ़ोतरी हुई। भारत के कुल निर्यात में ब्रिक्स देशों की हिस्सेदारी करीब 22 फीसदी रही। इनमें यूएई को होने वाले निर्यात में सबसे तेज 11 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। इसके बाद रूस को निर्यात में 8 फीसदी और मिस्र को निर्यात में 5 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई।

चीन बना सबसे बड़ा चिंता का कारण

रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन अब भी भारत के लिए सबसे बड़ा व्यापार असंतुलन वाला देश बना हुआ है। साल 2025 में चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा 100 अरब डॉलर के पार पहुंच गया। इसके बाद रूस का स्थान रहा, जहां व्यापार घाटा 55 अरब डॉलर तक पहुंच गया। इसके अलावा सऊदी अरब, यूएई और इंडोनेशिया के साथ भी भारत को बड़े व्यापार घाटे का सामना करना पड़ा। हालांकि, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के साथ भारत का व्यापार अपेक्षाकृत संतुलित बना रहा।

वैश्विक व्यापार में मजबूत हो रहा BRICS

रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिक्स देश अब वैश्विक व्यापार की एक बड़ी ताकत बन चुके हैं। साल 2025 में इस समूह ने कुल 6.1 ट्रिलियन डॉलर का निर्यात और 4.9 ट्रिलियन डॉलर का आयात दर्ज किया। इस तरह ब्रिक्स देश मजबूत उत्पादन क्षमता वाले ‘नेट एक्सपोर्टर’ के रूप में उभरे हैं। साल 2021 से 2025 के बीच वैश्विक निर्यात में ब्रिक्स की हिस्सेदारी करीब 25 फीसदी और वैश्विक आयात में 20 फीसदी बनी रही। आज दुनिया की लगभग 49.5 फीसदी आबादी, 40 फीसदी वैश्विक GDP और करीब 26 फीसदी वैश्विक व्यापार पर ब्रिक्स देशों का प्रभाव माना जा रहा है।

आर्थिक जानकारों का मानना है कि भारत को बढ़ते व्यापार घाटे को कम करने के लिए निर्यात बढ़ाने और घरेलू उत्पादन को मजबूत करने पर तेजी से काम करना होगा, ताकि आयात पर निर्भरता कम की जा सके।

और पढ़ें: अमेरिका से अडानी को बड़ी राहत! खत्म हो सकता है अरबों डॉलर के कथित फ्रॉड का मामला| Gautam Adani US Case

Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

Latest News

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds