Sunanda Sharma live show incident: कलाकार समाज का दर्पण होते हैं, लेकिन जब दर्पण को ही चोट पहुंचने लगे, तो सोचने वाली बात है कि हम किस दिशा में जा रहे हैं। हमारे देश के संस्कारों में सबका सम्मान करना सिखाया जाता है, लेकिन आज के दौर में लोग कलाकारों की गरिमा को भी भूलते जा रहे हैं। पंजाबी और हरियाणवी कलाकारों के साथ हुई बदसलूकी की घटनाएं इस बात का जीता-जागता उदाहरण हैं कि मनोरंजन के नाम पर लोग अपनी मर्यादा कैसे खो रहे हैं। हाल ही में पंजाबी सिंगर सुनंदा शर्मा के सब्र का बांध तब टूट गया, जब लाइव शो के बीच एक युवक की अश्लील हरकतों ने उन्हें अपनी परफॉर्मेंस रोककर उसे कड़ा सबक सिखाने पर मजबूर कर दिया।
युवक पर भड़की सुनंदा शर्मा
सुनंदा के लाइव शो के दौरान युवक की अश्लील हरकत
मीडिया द्वारा मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि सुनंदा शर्मा एक लाइव शो के दौरान एक युवक की अश्लील हरकतों और इशारों पर बुरी तरह भड़क गईं। शो के दौरान जब एक युवक लगातार अभद्र इशारे कर रहा था, तो सुनंदा ने बीच में ही गाना रोक दिया और सीधे उस युवक को टोकते हुए अपना गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने मंच से कहा, “मैं अभी तुम्हें छोड़ रही हूं क्योंकि मैं अपना शो खराब नहीं करना चाहती।” उन्होंने युवक को अपनी हरकतें सुधारने की सख्त हिदायत दी। सिंगर ने साफ किया कि एक कलाकार का सम्मान सर्वोपरि है और ऐसी बदतमीजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जहां लोग उनके स्टैंड लेने और हिम्मत दिखाने की तारीफ कर रहे हैं।
“जरा कंट्रोल में रहो”- प्रांजल दहिया / “ताऊ बेटी की उम्र की हूं”
वहीं मशहूर हरियाणवी आर्टिस्ट प्रांजल दहिया के साथ भी एक लाइव शो के दौरान ऐसी ही घटना हुई थी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था। दिसंबर 2025 के अंत में एक लाइव परफॉर्मेंस के दौरान, भीड़ में मौजूद एक बुजुर्ग व्यक्ति ने प्रांजल पर कथित तौर पर अभद्र टिप्पणियां कीं और गलत इशारे किए। प्रांजल ने तुरंत अपना गाना रुकवाया और उस व्यक्ति को सीधे मंच से जवाब दिया। उन्होंने उस व्यक्ति को टोकते हुए कहा, ताऊ मैं आपकी बेटी की उम्र की हूं, जरा कंट्रोल में रहो। उन्होंने वहां मौजूद दर्शकों से यह भी कहा कि उन्हें यह सोचना चाहिए कि मंच पर उनकी बहन या बेटी खड़ी है, इसलिए शालीनता बनाए रखें। प्रांजल के इस साहसी कदम की सोशल मीडिया पर काफी तारीफ हुई, जहां लोगों ने कलाकारों के सम्मान और सुरक्षा के मुद्दे पर उनका समर्थन किया।
कलाकारों ने मंच से जो अपनाया कड़ा रुख
सुनंदा शर्मा और प्रांजल दहिया जैसी कलाकारों ने मंच से जो कड़ा रुख अपनाया, वह उन लोगों के लिए एक कड़ा सबक है जो भीड़ का फायदा उठाकर महिलाओं के साथ बदसलूकी करते हैं। चुप्पी साधना अब समाधान नहीं है, आवाज उठाना ही एकमात्र रास्ता है। कलाकारों का सम्मान करना सीखिए, क्योंकि वे अपनी कला से आपके जीवन में खुशियां भरते हैं, न कि आपके अपमान सहने के लिए वहां खड़े हैं।
सवाल सिर्फ एक कलाकार की गरिमा का नहीं, बल्कि हमारी मानसिकता का भी है। मनोरंजन और बदतमीजी के बीच एक बारीक सी लकीर होती है, जिसे लांघना किसी भी सभ्य समाज के लिए सही नहीं है। अगर हम अपने कलाकारों को मंच पर सुरक्षा और सम्मान नहीं दे सकते, तो हम अपनी संस्कृति के पतन की ओर बढ़ रहे हैं। अब वक्त आ गया है कि दर्शक अपनी जिम्मेदारी समझें, क्योंकि कला का असली आनंद सम्मान के साथ ही आता है, हुल्लड़बाजी के साथ नहीं।
