Who is Ashish Tayal: परिवहन मंत्री अनिल विज और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के बीच बढ़ा विवाद, कलह के बीच उछला आशीष तायल का नाम

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 04 Feb 2025, 12:00 AM | Updated: 04 Feb 2025, 12:00 AM

Who is Ashish Tayal: हरियाणा की राजनीति में उथल-पुथल मची हुई है। राज्य के परिवहन मंत्री अनिल विज और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के बीच मतभेद अब खुलकर सामने आ गए हैं। बीते दिनों विज के एक ट्वीट ने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी। उनके ट्वीट में एक वीडियो शामिल था, जिस पर लिखा था ‘गद्दार, गद्दार, गद्दार’।

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अनिल विज का सीधा हमला- Who is Ashish Tayal

अनिल विज ने इस ट्वीट के जरिए सीएम सैनी के एक करीबी सहयोगी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सीएम के सहयोगी के साथ जो कार्यकर्ता नजर आ रहे हैं, वही लोग बीजेपी विरोधी उम्मीदवार चित्रा सरवारा के साथ भी दिखाई दिए। विज ने कटाक्ष करते हुए पूछा, ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है?’।

विज ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर कुछ तस्वीरें साझा कीं, जिनमें यह दावा किया गया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के करीबी व्यक्ति आशीष तायल को भाजपा विरोधी गुट के साथ देखा गया।

आशीष तायल कौन हैं?

आशीष तायल के बारे में सार्वजनिक रूप से अधिक जानकारी उपलब्ध नहीं है, लेकिन सोशल मीडिया से संकेत मिलता है कि वह हरियाणा के अंबाला जिले में भाजपा के सक्रिय सदस्य हैं और जिला कोषाध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं। विधानसभा चुनाव में उन्हें नारायणगढ़ जिले का प्रभारी बनाया गया था।

विज ने अपने ट्वीट में लिखा, “आशीष तायल जो खुद को नायब सैनी का मित्र बताते हैं, उनकी फेसबुक पर नायब सैनी के साथ अनेक चित्र मौजूद हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान जो कार्यकर्ता उनके साथ थे, वही कार्यकर्ता चित्रा सरवारा के साथ भी नजर आ रहे हैं। यह रिश्ता क्या कहलाता है?”

चित्रा सरवारा का राजनीतिक सफर

चित्रा सरवारा हरियाणा की एक जानी-मानी नेता हैं। 2019 में उन्होंने कांग्रेस से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ा और दूसरे स्थान पर रहीं। 2024 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और भाजपा के खिलाफ अभियान चलाया। अनिल विज का आरोप है कि भाजपा के ही कुछ नेताओं ने उनका समर्थन किया था।

अनिल विज की नाराजगी के पीछे क्या कारण?

अनिल विज ने 31 जनवरी को सार्वजनिक रूप से दावा किया कि अंबाला कैंट सीट से उन्हें चुनाव हराने की साजिश रची गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह साजिश उनके विरोधियों ने की थी और अब तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। विज ने कहा, “मैं सबसे वरिष्ठ नेता हूं और मैं कह रहा हूं कि मुझे हराने की कोशिश की गई। लेकिन 100 दिन बाद भी कुछ नहीं किया गया।”

सीएम सैनी की प्रतिक्रिया

इस पूरे घटनाक्रम पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ज्यादा प्रतिक्रिया नहीं दी। जब पत्रकारों ने उनसे अनिल विज के आरोपों पर सवाल किया, तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा, “अनिल विज हमारे नेता हैं।” उनके इस बयान को टालमटोल करने वाली प्रतिक्रिया माना जा रहा है।

अनिल विज बनाम मनोहर लाल खट्टर

यह पहली बार नहीं है जब अनिल विज किसी मुख्यमंत्री के खिलाफ नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। जब 2014 में हरियाणा में भाजपा सत्ता में आई, तो विज मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदारों में शामिल थे, लेकिन मनोहर लाल खट्टर को सीएम बनाया गया। इसके बाद विज और खट्टर के बीच भी कई बार मतभेद देखने को मिले।

मार्च 2024 में जब भाजपा ने मनोहर लाल खट्टर को हटाकर नायब सिंह सैनी को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया, तब भी विज ने पार्टी नेतृत्व पर नाराजगी जाहिर की थी।

क्या हरियाणा सरकार में फूट पड़ सकती है?

हरियाणा में विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की अंदरूनी कलह गहराती दिख रही है। अनिल विज का नाराजगी भरा बयान भाजपा के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है। उनके बयानों से यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि राज्य में सत्ता संघर्ष तेज हो सकता है।

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