‘साइबर गुलामी’ में कैसे फंसे 30 हज़ार भारतीय? विदेशों में फंसे ज़्यादातर लोग पंजाबी हैं

👤 vickynedrick@gmail.com | Nedrick News 🕒 Published: 01 अक्टूबर 2024, 12:00 AM 🔄 Updated: 01 अक्टूबर 2024, 12:00 AM
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भारत में बढ़ती बेरोजगारी के कारण कई लोग विदेश में नौकरी पाने और खूब सारा पैसा कमाकर अपना जीवन खुशहाल बनाने की उम्मीद में जाते हैं। वहीं कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो सिर्फ घूमने के लिए विदेश जाते हैं और एक नए अनुभव की तलाश में टूरिस्ट वीजा पर निकल पड़ते हैं। लेकिन अब इन सभी लोगों के लिए एक बेहद हैरान करने वाली और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। मिली जानकारी के मुताबिक भारत से टूरिस्ट वीजा पर गए करीब 30 हजार नागरिकों के लापता होने की खबर सामने आई है, जो साइबर ठगी के एक नए और गंभीर पहलू की ओर इशारा कर रही है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इन लोगों को संभावित रूप से साइबर गुलाम बना लिया गया है और उन पर अपराध करने का दबाव बनाया जा रहा है।

और पढ़ें: नौकरी के लालच में आकर ये कैसे दलदल में फंसते जा रहे हैं भारतीय लोग, ये गरीब देश दे रहा है झांसा

गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाले आव्रजन ब्यूरो (बीओआई) ने एक डेटा तैयार किया है और उसमें पाया गया है कि जनवरी 2022 से मई 2024 के बीच भारत से 73,138 यात्रियों ने कंबोडिया, थाईलैंड, म्यांमार और वियतनाम के लिए विजिटर वीजा पर यात्रा की।

हजारों लोग भारत नहीं लौटे

इनमें से 29,466 भारतीय अभी तक वापस नहीं लौटे हैं। 20-39 आयु वर्ग के लोगों की संख्या लगभग आधी यानी 17,115 है। यह जानकारी इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट से मिली। इनमें से 90 फीसदी लोग पुरुष हैं।

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सबसे ज्यादा लोग पंजाब से गए

भारत वापस न लौटने वालों में सबसे ज़्यादा पंजाब (3,667), महाराष्ट्र (3,233) और तमिलनाडु (3,124) से हैं। दूसरे राज्यों से जाने वालों की संख्या बहुत कम है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आशंका है कि इन लोगों पर दबाव बनाकर भारत में रहने वाले लोगों के साथ साइबर धोखाधड़ी करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इन लोगों को नौकरी का लालच देकर साइबर गुलाम बनाया गया है।

साइबर गुलामी क्या है

साइबर गुलाम के तौर पर काम करने वाले लोग दबाव में रहते हैं। इस मामले में, ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म का इस्तेमाल व्यक्तियों को निशाना बनाने के लिए किया जाता है। कई भारतीय हिंदी और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में पारंगत हैं। कई लोग इन घोटालों का शिकार हो जाते हैं और इस प्रक्रिया में हज़ारों रुपये गँवा देते हैं।

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राज्यों को वेरिफिरेशन करने का कहा 

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि केंद्र सरकार की एक उच्च स्तरीय समिति ने अब सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इन लोगों का विवरण सत्यापित करने और इकट्ठा करने का आदेश दिया है। आपको बता दें कि भारत में हाल ही में साइबर अपराध के कई मामले सामने आए हैं, जहाँ पीड़ितों को विभिन्न धोखाधड़ी योजनाओं का उपयोग करके ठगा जा रहा है।

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए यह जरूरी है कि सभी संबंधित एजेंसियां ​​तत्काल कार्रवाई करें ताकि इन नागरिकों को बचाया जा सके और साइबर अपराधों को रोका जा सके। यह न केवल इन नागरिकों की सुरक्षा के लिए जरूरी है बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी भी है कि साइबर धोखाधड़ी के इस नए रूप से सावधान रहें।

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