मिलिए उस महिला से जिसने अंबेडकर से ली बौद्ध धर्म की दीक्षा, बताया 1956 में क्या हुआ था?
13 अक्तूबर 1935 को भीमराव अंबेडकर ने महाराष्ट्र के येवला में कहा था, “मैं हिंदू के रूप में पैदा हुआ हूं, लेकिन हिंदू के रूप में मरूंगा नहीं, कम से कम यह तो मेरे वश में है।” दरअसल, अंबेडकर जाति व्यवस्था के इतने खिलाफ हो गए थे कि अपने जीवन के आखिरी चरण में उन्होंने...
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