आम आदमी केजरीवाल का महल बड़ा बनाने के लिए 8 आम आदमियों के घर कराए गए थे खाली

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 29 अप्रैल 2023, 05:30 AM Updated: 29 अप्रैल 2023, 05:30 AM
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CM Arvind Kejriwal sheesh mahal : मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) का शीशमहल इस समय चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि जो अरविंद केजरीवाल कहते थे कि उन्‍हें 4-5 कमरों से ज्‍यादा के मकान की जरूरत नहीं है उनके पास दो फ्लोर वाले ‘शीशमहल’ में 7 कमरे हैं। दो किचन, एक जिम, आलीशान ड्रॉइंग रूम भी है। ये सभी अत्‍याधुनिक सुविधाओं से लैस हैं और इसी शीशमहल की वजह से मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर कई सरे आरोप लगाए जा रहे हैं. वहीं इस बीच CM केजरीवाल के शीशमहल को लेकर खुलासा हुआ है.

Also Read- क्या है ऑपरेशन शीशमहल, जिसने केजरीवाल की चूलें हिला रखी है?. 

सीएम आवास को बड़ा बनाने के लिए किया गया ये काम 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, केजरीवाल ने अपने घर के रेनोवेशन पर 45 करोड़ रुपये खर्च किए हैं. केजरीवाल के शीशमहल में 4-4 लाख रुपये की टॉयलेट सीट 11 करोड़ रुपये अंदर की सजावट, 6.02 करोड़ रुपये पत्थर और मार्बल फर्श, एक करोड़ रुपये इंटीरियर कंसल्टेंसी, 2.58 करोड़ रुपये बिजली संबंधी फिटिंग और उपकरण, 2.85 करोड़ रुपये अग्निशमन प्रणाली, 1.41 करोड़ रुपये वार्डरोब और एसेसरीज फिटिंग पर और किचन उपकरणों पर 1.1 करोड़ रुपये का खर्च शामिल है. वहीं खुलासा हुआ है कि सीएम आवास को बड़ा बनाने के लिए आसपास के 8 घरों को खाली कराया गया। सीएम आवास कॉम्‍प्‍लेक्‍स को 4.7 एकड़ से बढ़ाकर 7.2 एकड़ किया गया

AAP की प्रति‍क्र‍िया में सवालों का जवाब नहीं

केजरीवाल के बंगले से जुड़े सरकारी डॉक्यूमेंट्स की पड़ताल करने पर यह भी पता चला है कि एक्‍स्‍ट्रा कॉस्ट के नाम पर करोड़ों का पेमेंट बिल में जोड़ा गया। ऑपरेशन शीशमहल के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) की प्रतिक्रिया भी आई। पार्टी ने कहा कि सीएम हाउस का स्ट्रक्चर रहने लायक नहीं था। पानी गिर रहा था। एक वीडियो भी जारी किया। यह शीशमहल जैसा कंस्ट्रक्शन बनने से पहले का है। इसमें दिख रहा है कि घर में सीलन है। हालांकि, इस सवाल का जवाब नहीं दिया कि सीलन थी तो उसे हटाने के लिए 8 करोड़ के पर्दे और वियतनाम के मार्बल की क्‍या जरूरत थी।

वियतनाम से ही मंगाया गया मार्बल

रिपोर्ट के अनुसार, केजरीवाल के सरकारी आवास में मकराना का मार्बल या उसकी ही क्वालिटी का मार्बल लगना था। मकराना संगमरमर की कीमत 750 रुपये प्रति स्कवॉयर फीट तय की गई थी. लेकिन तभी इस फैसले को बदल दिया गया और उसकी जगह वियतनाम से आया इंपोर्टेट मार्बल लगाने पर जोर दिया गया और ये था डियोर पर्ल मार्बल जिसकी कीमत 1 करोड़ 15 लाख है और इस इंपोर्टेड मार्बल को ही घर में लगाना तय किया गया.

टेंडर की शर्तों को भी नहीं माना

केजरीवाल के सरकारी आवास के टेंडर की जो शर्तें होती हैं उसके अनुसार, ठेकेदार नाइट शिफ्ट के साथ दो या दो से ज्यादा लोगों की शिफ्ट लगा सकता है.  इसके लिए ठेकेदार को अलग से पेमेंट नहीं की जाएगी.  शर्तों के अनुसार, घर के रेनोवेशन के लिए या उससे जुड़े किसी भी काम के लिए कोई अलग से भुगतान ठेकेदार को नहीं करना है लेकिन यहां शर्तों को साइड कर केजरीवाल ने अपने सरकारी आवास के रेनोवेशवन के लिए ठेकेदार को एक्सट्रा पेमेंट दी और एक्सट्रा पेमेंट पूरे 50 लाख 29 हजार 900 रुपये दिए गए थे.

Also Read- केजरीवाल ने सीएम बंगले में वियतनाम का ही मार्बल क्यों लगाया?.

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