Who Is Sharnanandji Maharaj: हाल ही में सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों के बीच जब वृंदावन के प्रसिद्ध संत बाबा प्रेमानंद महाराज से मिलने रमणरेती महावन के पूज्य गुरु शरणानंद महाराज पहुँचे, तो दो संतों का यह मिलन एक बेहद भावुक और अविस्मरणीय दृश्य बन गया। इस मुलाकात ने न सिर्फ भक्तों का दिल छू लिया बल्कि उन अफवाहों पर भी विराम लगा दिया जो प्रेमानंद जी के स्वास्थ्य को लेकर फैल रही थीं।
केली कुंज आश्रम में जैसे ही बाबा प्रेमानंद ने गुरु शरणानंद महाराज को आते देखा, वह बिना देर किए गद्दी से उठ खड़े हुए और साष्टांग दंडवत प्रणाम कर उनके स्वागत में आगे बढ़े। प्रेम से ओतप्रोत इस दृश्य में दोनों संतों की आंखों से आंसू बह रहे थे। बाबा प्रेमानंद ने अपनी गद्दी पर गुरु शरणानंद जी को बैठाया, उनके चरण पखारे और फिर अपने दुपट्टे से उन्हें पोंछा। इसके बाद उन्होंने आरती उतारकर अपने प्रेम और श्रद्धा का अद्भुत उदाहरण दिया।
पहली बार किसी और को दी गद्दी पर बैठने की इजाजत- Who Is Sharnanandji Maharaj
यह पहला मौका था जब बाबा प्रेमानंद महाराज ने किसी अन्य संत को अपनी निजी गद्दी पर बैठने दिया।
मुलाकात के दौरान गुरु शरणानंद महाराज ने प्रेमानंद जी से कहा कि उनका एक भक्त अपनी किडनी उन्हें दान करना चाहता है। इस पर प्रेमानंद महाराज ने विनम्रता से जवाब दिया,
“जब तक राधा रानी जी की कृपा बनी रहेगी, मैं अपनी मौजूदा किडनी से ही जीवन यापन करूंगा।”
उनकी इस बात ने उनके भक्तों और शिष्यों को भाव-विभोर कर दिया।
कौन हैं शरणानंद जी महाराज?
शरणानंद जी महाराज वृंदावन के एक प्रतिष्ठित आध्यात्मिक संत हैं। प्रेमानंद महाराज के समकालीन और आध्यात्मिक साथी माने जाते हैं। दोनों संत वर्षों से एक-दूसरे के साथ भक्ति मार्ग पर सत्संग और सेवा कार्य करते आ रहे हैं। उनकी गिनती उन गिने-चुने संतों में होती है, जो परंपरा, प्रेम और सरलता को साथ लेकर चलते हैं।
जब सोशल मीडिया पर प्रेमानंद महाराज की सेहत को लेकर अफवाहें उड़ने लगीं कि वो अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी हालत नाजुक है, तब खुद शरणानंद महाराज उनका हालचाल लेने आश्रम पहुंचे। उन्होंने डॉक्टरों से जानकारी ली कि महाराज लंबे समय से किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं, जिसमें नियमित डायलिसिस चल रही है और अब ट्रांसप्लांट की जरूरत जताई गई है।
अफवाहों पर लगा विराम
आपको बता दें, इस मुलाकात से पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें दावा किया गया था कि बाबा प्रेमानंद अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी तबीयत बेहद खराब है। इन अफवाहों को तब और बल मिला जब सुबह 4 बजे की उनकी नियमित पदयात्रा कुछ दिनों से बंद कर दी गई थी।
लेकिन अब इन सभी अफवाहों को केलि कुंज आश्रम और मथुरा पुलिस ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। आश्रम ने एक आधिकारिक एडवाइजरी जारी कर बताया कि
“गुरुदेव श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी पूरी तरह स्वस्थ हैं। केवल स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रातःकालीन पदयात्रा अस्थायी रूप से स्थगित की गई है। दर्शन और वार्ताएं पूर्ववत चल रही हैं।”
मथुरा पुलिस ने भी इस बात की पुष्टि करते हुए बाबा प्रेमानंद और गुरु शरणानंद महाराज की भेंट का वीडियो जारी किया है ताकि किसी भी तरह की भ्रांति न रहे।
भावुक हुए संत और शिष्य
दोनों संतों की यह आत्मीय मुलाकात देखकर वहां मौजूद संत और शिष्य भी खुद को रोक नहीं पाए और उनकी आंखों से भी आंसू छलक पड़े। आश्रम में मौजूद भक्तों को काजू, किशमिश और बादाम का प्रसाद भी वितरित किया गया, जो कि गुरु शरणानंद जी ने स्वयं दिया।
वहीं, भक्तों से भी अपील की गई है कि किसी भी भ्रामक खबर या सोशल मीडिया अफवाह पर ध्यान न दें, और केवल आधिकारिक सूत्रों पर ही भरोसा करें।
क्या है प्रेमानंद जी की बीमारी?
आपको बता दें, प्रेमानंद महाराज 2006 से एक आनुवंशिक बीमारी – ऑटोसोमल डोमिनेंट पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज (PKD) से पीड़ित हैं। इस बीमारी में किडनी में धीरे-धीरे सिस्ट बन जाते हैं, जो काम करना बंद कर देते हैं। आज भी वह रोज करीब 5 घंटे डायलिसिस पर रहते हैं, फिर भी अपनी दिनचर्या, भजन और सत्संग में कोई कमी नहीं आने देते।
कुछ समय पहले राज कुंद्रा और फलाहारी बाबा जैसे अन्य भक्तों ने भी उन्हें किडनी डोनेट करने की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने हर बार ईश्वर की इच्छा को सर्वोपरि मानकर इन प्रस्तावों को विनम्रता से ठुकरा दिया।












































