तारक मेहता का उल्टा चश्मा
(TMKOC) छोटे पर्दे का सबसे मशहूर कॉमेडी सीरियल है। पिछले कई सालों से ये सीरियल
लोगों को खूब हंसाता हुआ नजर आ रहा है। इस सीरियल का हर किरदार चाहे वो दया का हो,
जेठालाल का या फिर बबीता जी का…लोगों को खूब भाता है। मुनमुन दत्ता ने सीरियल
में बबीता जी के तौर पर एक बेहद ही खास पहचान बनाई। इसी नाम से उनको घर घर में
जाने जाना लगा।
जेठालाल जो बबीता जी के साथ
मस्ती करते नजर आते हैं, वो लोगों को काफी पसंद है। मुनमुन दत्ता एक्टिंग के साथ
कई लोग उनकी खूबसूरती के भी कायल हैं। अब भले ही वो अपना एक अलग नाम और पहचान बना
चुकी हो। लेकिन मुनमुन को यहां तक पहुंचने में काफी मेहनत करनी पड़ी। उनको कई बार
यौन शोषण का भी शिकार होना पड़ा, जिसका खुलासा खुद उन्होनें साल 2017 में सोशल
मीडिया के जरिए किया था।
जब मुनमुन ने साझा किया था अनुभव
मुनमुन ने लिखा था- ‘हैरान हूं मैं कुछ ‘अच्छे’ मर्द, उन महिलाओं की संख्या
देखकर स्तब्ध हैं जिन्होनें आगे आकर #Metoo
अनुभवों को साझा किया। ये आपके ही घर में, आपकी ही बहन, बेटी, मां, पत्नी और यहां तक कि आपकी
नौकरानी के साथ हो रहा है। उनके भरोसे को हासिल करें और उनसे पूछें। उनके जवाबों से
आप हैरान हो जाएंगे। उनकी कहानियां आपको आश्चर्यचकित करेगीं।‘
मुनमुन ने अपनी पोस्ट में
लिखा था- ‘ऐसा कुछ भी लिखते हुए मेरी आंख में आंसू आ जाते हैं। मैं जब छोटी थीं, तो
पड़ोस के अंकल की घूरती नजरों से डरती थीं। जो मौका पाकर कभी भी मुझे देखतीं थीं
और ऐसा लगना था मानो धमकाती थीं कि ये बात किसी को नहीं बतानी। या तो मेरे बड़े
कजिन, जो मुझे अपनी बेटियों की तरह नहीं देखते थे, या फिर वो शख्स जिसने अस्पताल
में मुझे पैदा होते देखा और 13 साल बाद उसको लगा कि वो मेरे शरीर के अंगों को छू
सकता है, क्योंकि मेरे शरीर में बदलाव हो रहे थे।‘
‘नहीं पता होता कैसे माता-पिता को कैसे बताएं’
उन्होनें आगे लिखा था- ‘या फिर वो ट्यूशन टीजर
जिसने मेरे अंडरपैंट में हाथ डाला, या वो दूसरा टीजर जिसको मैनें राखी बांधी थी,
जो लड़कियों को डांटने के लिए ब्रा की स्ट्रैप खींचता था और स्तनों पर थप्पड़
मारना था। या फिर ट्रेन स्टेशन पर वो व्यक्ति जो यूं ही छू लेता था, क्यों? क्योंकि तब आप काफी छोटे थे
और ये बताने से डरते थे। आप इतना डरे हुए होते हैं कि आपके पेट में मरोड़ उठ रहा
है। आपका दम घुट रहा होता है। आपको लेकिन ये नहीं मालूम होता कि इस बात को कैसे
अपने माता पिता के सामने रखेंगे? या फिर आपको इसके बारे में किसी से भी एक शब्द कहने में
शर्म आएगी। फिर आपको अंदर से ही मर्दों के लिए नफरत पैदा होने लगती हैं। ये लोग ही
दोषी होते हैं, जो आपको ऐसा महसूस करवाने को मजबूर करते हैं।’
‘…तो उसे चीर दूंगी’
पोस्ट में मुनमुन ने लिखा
था कि उनको इस भावना को खुद से दूर करने में सालों का वक्त लग गया। इसलिए मैं इस
आंदोलन में शामिल होकर एक आवाज बनने के लिए खुश हूं, जो लोगों को ये एहसास करता है
कि उनको छोड़ा नहीं जाएगा। मुझ में आज इतनी हिम्मत है कि कोई मुझे कुछ करने की
कोशिश करेगा, तो मैं उसे चीर दूंगी। आज मुझे खुद पर गर्व है।













































