क्या है कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर जमीन घोटाले का केस 

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 26 सितम्बर 2024, 05:30 AM Updated: 26 सितम्बर 2024, 05:30 AM
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कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को MUDA लैंड स्कैम में हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. इस मामले में हाई कोर्ट से गवर्नर के खिलाफ उनकी याचिका खारिज कर दी गई है. कर्नाटक हाईकोर्ट के जस्टिस एम. नागप्रसन्ना ने कहा- ‘याचिका में जिन बातों का जिक्र है, उसकी जांच जरूरी है. केस में मुख्यमंत्री का परिवार शामिल है, इसलिए याचिका खारिज की जाती है.’ बता दें कि इस मामले में राज्यपाल ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के खिलाफ जांच के आदेश दिये हैं. ताकि सीबीआई निष्पक्ष जांच कर पाए.

क्या है MUDA लैंड स्कैम जानें

दरअसल, ये मामला जमीन के एक टुकड़े का है. जिसकी लम्बाई चौड़ाई 3.14 एकड़ में है, जो सिद्धारमैया की पत्नी पार्वती के नाम पर है. बीजेपी इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पर लगातार हमलावर है और उन्होंने सीएम सिद्धारमैया के इस्ताफे की मांग की है. वही  कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने 16 अगस्त को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 17A और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 218 के तहत सिद्धारमैया के खिलाफ केस चलाने की परमिशन दी थी. राज्यपाल के आदेश को CM सिद्धारमैया ने 19 अगस्त को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी.

अब हाईकोर्ट में याचिका खारिज होने पर सिद्धारमैया ने कहा कि उनका सच जरूर सबके सामने आएगा. सिद्धारमैया ने कहा, “मैं कानून और संविधान में विश्वास करता हूं. आखिर में सच सामने आएगा. सच की ही जीत होगी.” उन्होंने ये भी कहा कि PM मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार बदले की भावना से राजनीति कर रही है. हाँलांकि, सिद्धारमैया का कहना है कि यह जमीन उनकी पत्नी पर्वती के भाई ने उन्हें गिफ्ट में दी है. MUDA ने इस जमीन को अधिग्रहण किए बिना ही देवनूर स्टेज 3 लेआउट विकास किया था.

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साल 1992 में अर्बन डेवलपमेंट संस्थान Urban Development Institute मैसूर अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MUDA) ने किसानों से कुछ जमीन रिहायशी इलाके में डेवलप करने के लिए ली थी. इसके बदले MUDA की इंसेंटिव 50:50 स्कीम के तहत अधिग्रहीत भूमि मालिकों को विकसित भूमि में 50% साइट या एक वैकल्पिक साइट दी गई. इस बीच 1992 में MUDA ने इस जमीन को डीनोटिफाई कर कृषि भूमि से अलग कर दिया.

सिद्धारमैया पर कई आरोप भी लगे हैं कहा तो ये भी जा रहा कि सिद्धारमैया की पत्नी को MUDA की ओर से मुआवजे के तौर पर मिले विजयनगर के प्लॉट की कीमत केसारे गांव की उनकी जमीन से बहुत ज्यादा है. वही स्नेहमयी कृष्णा ने सिद्धारमैया के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई इसमें उन्होंने सिद्धारमैया पर MUDA साइट को पारिवारिक संपत्ति का दावा करने के लिए डॉक्युमेंट्स में जालसाजी का आरोप लगाया गया है. इसके अलावा 1998 से लेकर 2023 तक सिद्धारमैया कर्नाटक में डिप्टी CM के पद पर रहे. भले ही सीधे तौर पर वे इस घोटाले से न जुड़े हों, लेकिन उन्होंने अपने पावर का इस्तेमाल कर करीबी लोगों की मदद की. सिद्धारमैया की पत्नी पार्वती के भाई मल्लिकार्जुन ने साल 2004 में डेनोटिफाई 3 एकड़ जमीन अवैध रूप से खरीदी थी.

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सिद्धारमैया ने आरोपों पर क्या कहा

बता दें, यह पूरा मामला जमीन से जुड़ा हुआ है. जो की CM की पत्नी ने नाम पर है. इस मामले पर लगातार BJP सरकार कर्नाटक सरकार पर तंज कास रही है. और सिद्धारमैया पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा रही है. इन्ही आरोपों पर अब सिद्धारमैया ने कहा- 2014 में जब मैं CM था तो पत्नी ने मुआवजे के लिए आवेदन किया था. मैंने पत्नी से कहा था कि जब तक मैं CM हूं तब तक मुआवजे के लिए आवेदन ना किया जाए 2020-21 में जब भाजपा की सरकार थी, तब पत्नी को मुआवजे की जमीन आवंटित की गई भाजपा सिर्फ मेरे खिलाफ झूठे आरोप लगाने की कोशिश कर रही है.

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