त्रिपुरा में मुसलमानों के साथ ऐसा क्या हो रहा, जो ट्रेंड कर रहा #SaveTripuraMuslim? जानिए क्या है पूरा मामला?

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 28 अक्टूबर 2021, 05:30 AM Updated: 28 अक्टूबर 2021, 05:30 AM
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भारत के उत्तर पूर्वी राज्य और बांग्लादेश से सटे त्रिपुरा के हालात कुछ ठीक नहीं। जानकारी के मुताबिक यहां अल्पसंख्यक यानी मुसलमान निशाने पर हैं। त्रिपुरा में कई जगहों से हिंसा की खबरें सामने आ रही है, जिसमें ये दावा किया जा रहा है यहां मुसलमानों के घरों, दुकानों और मस्जिदों में तोड़फोड़ और आगजनी की जा रही है। यही वजह है कि सोशल मीडिया पर #SaveTripuraMuslims भी काफी ट्रेंड करता हुआ नजर आ रहा है। 

तो ऐसे में सवाल ये उठ रहा है कि आखिर त्रिपुरा में हो क्या रहा है? क्यों यहां मुसलमान करने की बात कही जा रही है? ये पूरा माजरा क्या है, आइए इसके बारे में विस्तार से जान लेते हैं…

बांग्लादेश की आग त्रिपुरा तक आई?

दरअसल, बीते दिनों बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों की खबरें सुर्खियों में बनी रही। वैसे तो बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने और उनके खिलाफ हिंसा की ये कोई नई बात नहीं थीं। वहां अक्सर ही उनको निशाना बनाया जाता रहा है, लेकिन बीते दिनों इसने फिर उस वक्त आग पकड़ ली, जब दुर्गा पूजा के दौरान कुरान का अपमान करने की बात सामने आई। 

इसको लेकर हंगामा खड़ा हो रहा और बांग्लादेश में हिंदुओं पर आफत आ गई। इसके बाद बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हमले तेज हो गए। हिंदू मंदिरों और पंडालों को तहस-नहस किया गया था और साथ ही समुदाय के लोगों के साथ मारपीट भी हुई। अब माना जा रहा है कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हुए इस हमले का असर ही भारत में देखने को मिल रहा है। 

हिंदुओं पर हमले के विरोध में निकाली जा रही थी रैली 

दरअसल 2 दिन पहले यानी मंगलवार 26 अक्टूबर को नॉर्थ त्रिपुरा जिले में विश्व हिंदू परिषद (VHP) के साथ अन्य हिंदू संगठन ने एक रैली निकाली थी। रैली का मकसद बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों का विरोध करना था। लेकिन देखते ही देखते इस विरोध-प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो रैली में शामिल भीड़ ने मस्जिद और दुकानों पर हमला बोल दिया। इस दौरान तोड़फोड़ और आगजनी भी हुई। हालातों को काबू में पाने के लिए वहां पुलिस बल की तैनाती करनी पड़ी। साथ ही साथ धर्मापुर जिले में धारा 144 भी लगाई गई।  

‘मस्जिद जलाने’ के दावे की जानिए सच्चाई

वहीं इस बीच सोशल मीडिया पर एक खबर ऐसी भी काफी फैल रही थीं कि त्रिपुरा में हिंसा के दौरान मस्जिद में आग लगाई गई। लेकिन इस वायरल खबर की सच्चाई क्या है? वो त्रिपुरा पुलिस ने बताई। 

त्रिपुरा पुलिस के अपने ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट के जरिए बताय कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर फेक ID बनाकर फेक न्यूज फैल रहे हैं। ये सूचित किया जाता है कि राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है। नॉर्थ त्रिपुरा के पानीसागर में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान किसी भी मस्जिद में आग नहीं लगाई गई। पुलिस के अनुसार जलती या फिर क्षतिग्रस्त मस्जिद और लाठी-डंडों के ढेर की जो तस्वीरें शेयर की जा रही हैं वो सभी फेक हैं और त्रिपुरा की नहीं हैं। 

पुलिस ने लोगों से इस दौरान सभी समुदायों से अपील की कि वो ऐसी किसी ID का सपोर्ट ना करें और ना इनको सब्सक्राइब ना करें। पुलिस ने फेक तस्वीरें नहीं फैलाने की अपील की और बताया कि इस मामले में केस पहले ही दर्ज हो चुका है। 

एक और ट्वीट में त्रिपुरा पुलिस ने दावा किया कि कुछ लोग त्रिपुरा की शांतिपूर्ण सांप्रदायिक हालात को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए झूठी खबरें और सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ लीगल एक्शन लिया जाएगा। 

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