अमेरिका-ईरान तनाव के बीच कूदा पाकिस्तान: आसिम मुनीर पहुंचे तेहरान, ईरान बोला— 1 ग्राम यूरेनियम भी बाहर नहीं जाएगा| Asim Munir Iran visit

Nandani | Nedrick News Iran Published: 21 अक्टूबर 2026, 08:45 PM Updated: 21 अक्टूबर 2026, 08:45 PM
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Asim Munir Iran visit: मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव को टालने के लिए एक बार फिर पर्दे के पीछे से कूटनीतिक चालें तेज हो गई हैं। दोनों देशों के बीच मिसाइलों और युद्ध की धमकियों की जगह बातचीत की टेबल सजाने के लिए पाकिस्तान और कतर पूरी ताकत झोंक रहे हैं। मकसद साफ है परमाणु कार्यक्रम पर कोई साझा सहमति बन सके और वर्षों से चला आ रहा आर्थिक टकराव थमे। इस पूरे मसौदे को अमेरिका की हरी झंडी मिलने की खबरें हैं, लेकिन धरातल पर चीजें सुलझने के बजाय और उलझती दिख रही हैं।

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अमेरिका का प्रस्ताव लेकर तेहरान पहुंचे आसिम मुनीर| Asim Munir Iran visit

इस शांति मिशन के केंद्र में एक बार फिर पाकिस्तान की सक्रियता नजर आ रही है। पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और गृह मंत्री मोहसिन नकवी मंगलवार को तेहरान पहुंचे। यह दौरा कितना अहम है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच तनाव भड़कने के बाद मुनीर का यह 5वां ईरान दौरा है।

मुनीर यहां ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान, विदेश मंत्री अब्बास अराघची और सुरक्षा अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय संबंधों के अलावा वॉशिंगटन का संदेश साझा करने पहुंचे थे। सुरक्षा सूत्रों का दावा है कि मुनीर के पास अमेरिका समर्थित एक शांति प्रस्ताव था, जिसका मकसद दोनों मुल्कों के बीच जमी बर्फ को पिघलाना था।

‘एक ग्राम यूरेनियम भी बाहर नहीं जाएगा’: ईरान का दो टूक जवाब

हालांकि, पाकिस्तान की इस मध्यस्थता को ईरान ने सिरे से झटका दे दिया है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी और सिक्योरिटी चीफ मोहसिन रेजाई ने पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल के सामने दो टूक रुख साफ कर दिया। रेजाई ने साफ कहा कि तेहरान अपना एक ग्राम यूरेनियम भी देश से बाहर नहीं भेजेगा। रेजाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी दोहराया कि परमाणु सामग्री ईरानी जनता की राष्ट्रीय धरोहर है और इसका इस्तेमाल सिर्फ देश के भीतर ही होगा। उन्होंने दो टूक कहा कि जब तक अमेरिका भरोसा बहाल नहीं करता और ईरान की आर्थिक व रणनीतिक मांगें पूरी नहीं करता, तब तक सीधी बातचीत का सवाल ही नहीं उठता।

न्यूक्लियर डील और कतर में फंसे 6 अरब डॉलर का पेच

प्रस्ताव के मुताबिक, अमेरिका चाहता है कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) को बिना किसी पूर्व सूचना के ईरानी परमाणु ठिकानों के औचक निरीक्षण की छूट मिले। इसके बदले ईरान को आर्थिक राहत की दरकार है। इस सौदे की धुरी कतर के बैंकों में पड़े ईरान के 6 अरब डॉलर हैं। यह रकम 2023 के कैदी अदला-बदली समझौते के बाद कतर पहुंची थी, जिस पर सख्त पाबंदियां हैं और इसे सिर्फ दवा-भोजन जैसी मानवीय जरूरतों पर ही खर्च किया जा सकता है। रिपोर्टों के अनुसार, अगर ईरान परमाणु मोर्चे पर नरमी दिखाता है, तो अमेरिका इन पाबंदियों में ढील दे सकता है। कतर हमेशा से दोनों मुल्कों के बीच पुल का काम करता रहा है, लेकिन इस बार ईरान की सख्त शर्तों ने बातचीत की राह बेहद कठिन बना दी है।

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Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

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