Top 5 Ghaziabad News: गाजियाबाद की पाँच बड़ी खबरें, जिन्होंने पूरे शहर में हड़कंप मचा दिया है। पहली बड़ी खबर साइबर क्राइम के एक ऐसे खौफनाक जाल की है, जहाँ एक मासूम स्कूल कर्मचारी को ठगों ने 10 दिन तक उसके ही घर में ‘डिजिटल अरेस्ट’ रखा और 15 लाख रुपए ऐंठ लिए।
दूसरी सनसनीखेज खबर मुरादनगर से है, जहाँ एक 80 साल का बुजुर्ग अपनी पत्नी की कुल्हाड़ी से बेरहमी से हत्या करने के बाद खून से सनी कुल्हाड़ी लेकर खुद पुलिस चौकी सरेंडर करने पहुंच गया। तीसरी खबर प्रशासन की उस बड़ी लापरवाही की है, जिसकी वजह से साहिबाबाद, वसुंधरा और ट्रानिका सिटी में खुलेआम कूड़ा जलाया जा रहा है और पूरे गाजियाबाद की हवा जहरीली हो चुकी है।
चौथी खबर देश के लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी है, जहाँ नीट परीक्षा पेपर लीक विवाद को लेकर युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने गाजियाबाद की सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ जोरदार हल्ला बोला। और पाँचवीं खबर इस भीषण गर्मी में आम जनता की सबसे बड़ी मुसीबत की है, जहाँ साहिबाबाद के रिहायशी इलाकों में अघोषित बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की दोहरी मार से लोगों का जीना मुहाल हो गया है।
तो चलिए इस लेख के जरिए इन बड़ी खबरों को पूरे विस्तार से जानते है।
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स्कूल कर्मचारी को ‘डिजिटल अरेस्ट कर ठगे लाखों रुपए
क्या आपने कभी सुना है कि कोई इंसान अपने ही घर में, 10 दिनों तक पुलिस के डर से ‘डिजिटल कैदी’ बन जाए? गाजियाबाद में ऐसा ही एक खौफनाक मामला सामने आया है, जहाँ साइबर अपराधियों ने एक इंटर कॉलेज के क्लास-4 कर्मचारी को अपना शिकार बनाया। ठगों ने पीड़ित को मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे केस में फंसाने और पूरे परिवार को जेल भेजने की धमकी दी।
अपराधियों ने उसे लगातार 10 दिनों तक व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर ‘डिजिटल अरेस्ट’ रखा और इस डर का फायदा उठाकर उसकी जिंदगी भर की गाढ़ी कमाई—यानी करीब पूरे 15 लाख रुपए ऐंठ लिए! तो चलिए जानते हैं इस हैरान करने वाले फ्रॉड की पूरी इनसाइड स्टोरी और वो तरीके जिससे आप खुद को सुरक्षित रख सकते हैं।
मीडिया द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक बताया जा रहा है कि घंटाघर स्थित एक इंटर कॉलेज के चतुर्थ श्रेणी (क्लास-4) कर्मचारी को साइबर अपराधियों ने 10 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखकर 15.20 लाख की ठगी की है। ठगों ने पीड़ित को मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने और पूरे परिवार को जेल भेजने की धमकी देकर डराया था। इस सनसनीखेज मामले की शिकायत मिलने के बाद गाजियाबाद के साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
पीड़ित तुराबनगर निवासी 56 वर्षीय अर्जुन सिंह, जो घंटाघर के एक इंटर कॉलेज में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं। 30 मार्च को पीड़ित के पास एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को एटीएस इंस्पेक्टर राजेंद्र त्रिपाठी बताया। उसने दावा किया कि अर्जुन सिंह के नाम पर कर्नाटक में एक बैंक खाता खोलकर मनी लॉन्ड्रिंग (Hawala/Illegal transaction) की जा रही है। ठगों ने पीड़ित को व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर लिया।
उन्होंने अर्जुन सिंह को डराने के लिए नकली एटीएस (ATS) का लोगो, फर्जी आरबीआई (RBI) के दस्तावेज और सरकारी कागजात दिखाए। उन्होंने धमकी दी कि यदि जांच में सहयोग नहीं किया, तो उनके पूरे परिवार को कस्टडी में ले लिया जाएगा। डर और मानसिक दबाव के कारण पीड़ित अर्जुन सिंह ने तीन अलग-अलग दिनों में बैंक जाकर आरटीजीएस (RTGS) के जरिए ठगों के बताए खातों में पैसे ट्रांसफर किए,
जब 7 अप्रैल को ठगों ने फिर से 10 लाख की मांग की, तब उन्होंने अपने परिवार को पूरी बात बताई। उनके बेटे ने तुरंत भांप लिया कि उनके पिता साइबर फ्रॉड (Digital Arrest) का शिकार हो चुके हैं। इसके बाद पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) और जनसुनवाई पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर खातों को ट्रैक करना शुरू कर दिया है।
डिजिटल अरेस्ट’ ठगी से कैसे बचें?
भारत की कोई भी जांच एजेंसी (जैसे CBI, ED, पुलिस या ATS) व्हाट्सएप, स्काइप या किसी भी वीडियो कॉल पर किसी को गिरफ्तार या ‘डिजिटल अरेस्ट’ नहीं करती है। पुलिस या जज कभी भी व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए अदालती कार्यवाही या बयान दर्ज नहीं करते। यदि कोई अधिकारी बनकर आपसे वेरिफिकेशन के नाम पर किसी खाते में पैसे ट्रांसफर करने या एफडी (FD) तोड़ने को कहे,
तो समझ जाएं कि वह ठग है। ऐसी कोई भी धमकी भरी कॉल आने पर तुरंत कॉल काटें और अपने परिवार या नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करें। यदि आपके या आपके किसी परिचित के साथ ऐसा कोई साइबर फ्रॉड होता है, तो तुरंत केंद्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या Cyber Crime Official Website पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
कत्ल करने के बाद पति सीधे पहुंचा पुलिस चौकी Top 5 Ghaziabad News
क्या कोई हत्यारा खुद अपने हाथ में खून से सनी कुल्हाड़ी लेकर पुलिस स्टेशन पहुंच सकता है? गाजियाबाद के मुरादनगर में आज एक ऐसा ही दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक 80 साल के बुजुर्ग ने अपनी ही 72 वर्षीय पत्नी को उस वक्त कुल्हाड़ी से काट डाला जब वह चारपाई पर सो रही थी।
इतना ही नहीं, कत्ल करने के बाद वो सीधे पुलिस चौकी पहुंचा और बोला- ‘मैंने अपनी पत्नी की हत्या कर दी है, मुझे गिरफ्तार कर लो।’ पुलिस भी यह सुनकर सन्न रह गई। आखिर इस उम्र में इस खौफनाक वारदात के पीछे की क्या वजह थी? चलिए जानते हैं इस पूरी घटना की इनसाइड स्टोरी।
मीडिया रिपोर्टस से अनुसार गाजियाबाद के मुरादनगर में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहाँ एक 80 वर्षीय व्यक्ति ने अपनी 72 वर्षीय पत्नी की कथित तौर पर हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपी ने स्वयं पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। यह घटना मुरादनगर थाना क्षेत्र के रावली कला गांव की है। आरोपी की पहचान 80 वर्षीय हरपाल के रूप में हुई है, और मृतक उनकी 72 वर्षीय पत्नी उर्मिला थीं।
जानकारी के अनुसार, दंपति रावली गांव में अपनी बेटी के घर रह रहे थे। शनिवार तड़के जब उर्मिला सो रही थीं, तब उन पर हमला किया गया। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी खुद रावली पुलिस चौकी पहुंचा और अपना अपराध स्वीकार किया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
फिलहाल हत्या के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और यह समझने का प्रयास कर रही है कि क्या यह किसी घरेलू विवाद का परिणाम था या इसके पीछे कोई अन्य कारण था।
खुलेआम (NGT) के नियमों की उड़ाई धज्जियां
गाजियाबाद की तीसरी खबर बड़ी लापरवाही की है, जहां ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। साहिबाबाद, वसुंधरा सेक्टर-8 और ट्रानिका सिटी जैसे बड़े रिहायशी व औद्योगिक इलाकों में रोजाना भारी मात्रा में कचरा खुले में जलाया जा रहा है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) के मुताबिक शहर की लगभग 40 फीसदी वायु प्रदूषण की शिकायतें इसी लापरवाही से जुड़ी हैं। स्थानीय नगर निगम और अधिकारियों की इस अनदेखी के कारण पूरे जिले की हवा जहरीली हो चुकी है, जिससे स्थानीय निवासियों, खासकर बच्चों और बुजुर्गों का दम घुट रहा है।
मीडिया द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक बताया जा रहा है कि गाजियाबाद के साहिबाबाद, वसुंधरा (सेक्टर-8), डासना और ट्रानिका सिटी जैसे रिहायशी व औद्योगिक इलाकों में खुले में कूड़ा जलाने से प्रदूषण का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है।
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, शहर में प्रदूषण से जुड़ी कुल शिकायतों में से लगभग 40 प्रतिशत शिकायतें अकेले कूड़ा जलाने (Garbage Burning) के कारण होती हैं। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के सख्त प्रतिबंध और नियमों के बावजूद नगर निगम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही के चलते लोग खुलेआम कचरे में आग लगा रहे हैं। जिसकी वजह से कार्बन मोनोऑक्साइड और डाइऑक्सिन जैसी जहरीली गैसें निकलती हैं।
इससे बच्चों और बुजुर्गों में सांस की बीमारियां, अस्थमा और आंखों में गंभीर जलन की समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नगर निगम और UPPCB को बार-बार लिखित शिकायतें और जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत देने के बाद भी धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती।
रिहायशी इलाकों में बिजली की लचर व्यवस्था Top 5 Ghaziabad News
गाजियाबाद से पांचवी खबर इस भीषण गर्मी में आम जनता की सबसे बड़ी मुसीबत से जुड़ी है। साहिबाबाद और उसके आसपास के बड़े रिहायशी इलाकों में बिजली की लचर व्यवस्था के कारण स्थानीय नागरिकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। राजेंद्र नगर, श्याम पार्क और शालिमार गार्डन में अघोषित बिजली कटौती के साथ-साथ गंभीर रूप से लो-वोल्टेज की समस्या बनी हुई है।
बिजली के कम वोल्टेज के कारण घरों में पानी की सप्लाई प्रभावित हो रही है और कीमती उपकरण भी खराब हो रहे हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद विद्युत विभाग के अधिकारी कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं।
मीडिया द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक बताया जा रहा है कि गाजियाबाद के साहिबाबाद और आसपास के रिहायशी इलाकों में भीषण गर्मी के बीच अघोषित बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या ने स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल कर दिया है। साहिबाबाद के राजेंद्र नगर, श्याम पार्क, शालिमार गार्डन और लाजपत नगर जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से लगातार वोल्टेज के उतार-चढ़ाव (Fluctuation) के कारण लोगों के घरों के कीमती इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे एसी, फ्रिज और पानी की मोटरें फुंक रही हैं।
यहाँ दिन में कई-कई बार बिना किसी पूर्व सूचना के 2 से 3 घंटे की अघोषित कटौती की जा रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि लो-वोल्टेज के कारण स्टेबलाइजर भी काम नहीं कर रहे हैं, जिससे रेफ्रिजरेटर, इन्वर्टर और एसी जैसी मशीनें खराब हो रही हैं। बिजली न होने और लो-वोल्टेज के कारण सोसायटियों और घरों में पानी की टंकियां नहीं भर पा रही हैं, जिससे गर्मी में पानी की किल्लत भी शुरू हो गई है।
वहीं बिजली विभाग (PVVNL) के अधिकारियों का कहना है कि गर्मी के कारण अचानक लोड बहुत ज्यादा बढ़ गया है। इसके चलते ट्रांसफार्मर गर्म होकर ट्रिप हो रहे हैं। विभाग का दावा है कि जर्जर तारों को बदलने और लोड बैलेंस करने का काम किया जा रहा है।
Ghaziabad में लगातार बढ़ती साइबर ठगी, घरेलू अपराध, प्रशासनिक लापरवाही से फैलता प्रदूषण और लचर बिजली व्यवस्था यह साफ दर्शाती है कि धरातल पर अभी बहुत सुधार की जरूरत है। जहाँ एक तरफ पुलिस को साइबर अपराधों और गंभीर वारदातों पर तुरंत नकेल कसने की आवश्यकता है, वहीं नगर निगम और बिजली विभाग को भी जनता की बुनियादी समस्याओं को लेकर गंभीर होना होगा। इन सभी मुद्दों पर शासन-प्रशासन की आगामी कार्रवाई और हर बड़े अपडेट के लिए हमारी वेबसाइट को फॉलो करते रहें।




























