नंदीग्राम मामले पर ममता के वकील ने हाई कोर्ट को लिखा पत्र, जस्टिस चंदा पर बीजेपी से जुड़े होने का आरोप

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 19 जून 2021, 05:30 AM Updated: 19 जून 2021, 05:30 AM
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 में ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस ने प्रदेश की 213 सीटों पर कब्जा जमाया और बेहतरीन जीत हासिल करते हुए राज्य में लगातार तीसरी बार सरकार बनाई। इस चुनाव में ममता बनर्जी ने अपनी पारंपरिक सीट को छोड़कर टीएमसी से बीजेपी में शामिल हुए नेता शुभेंदु अधिकारी को टक्कर देने के लिए नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा। 

चुनाव नतीजों के घोषणा वाले दिन इस सीट पर जमकर बवाल हुआ। खबरों के मुताबिक पहले ममता बनर्जी को विजेता घोषित कर दिया गया। लेकिन कुछ ही देर बाद वोटों की जब दोबारा गिनती हुई तो शुभेंदु अधिकारी को जीत मिली। फिर टीएमसी की ओर से रिकाउंटिंग की मांग की गई लेकिन रिकाउंटिग नहीं हुई। 

जिसका काफी विरोध हुआ था। तब ममता बनर्जी ने कहा था कि वह इस मामले को लेकर आगे जाएंगी। बीते दिन शुक्रवार को कोलकाता हाईकोर्ट में इस मामले पर पहली सुनवाई थी। जो टल गई है और अब 24 जून को होने वाली है।

सीएम बनर्जी के वकील ने हाईकोर्ट को लिखा पत्र

यह मामला जस्टिस कौशिक चंदा की बेंच को दिया गया है। मामले की सुनवाई टलने के बाद सोशल मीडिया पर जस्टिस कौशिक चंदा की कुछ तस्वीरें वायरल हो रही है जिसमें वह बीजेपी नेताओं के साथ दिख रहे हैं। इसी बीच ममता बनर्जी के वकील ने कोलकाता हाईकोर्ट को पत्र लिखकर उनकी याचिका की सुनवाई किसी और जज को देने की मांग की है। हाईकोर्ट में ममता बनर्जी ने नंदीग्राम विधानसभा सीट पर शुभेंदु अधिकारी की जीत को चुनौती दी है और मतगणना में धांधली होने का दावा किया है।

न्याय ने केवल होना चाहिए बल्कि होते हुए दिखना…

ममता बनर्जी के वकील ने कोलकाता हाईकोर्ट को लिखे अपने पत्र में दावा किया है कि ‘पता चला है कि जस्टिस कौशिक चंद्रा, जो कि बनर्जी की याचिका की सुनवाई करने वाले थे, “बीजेपी के सक्रिय सदस्य” थे। चूंकि चुनाव से जुड़ी इस याचिका की सुनवाई के राजनीतिक परिणाम होंगे, ऐसे में इस मामले को किसी अन्य पीठ को सौंपा जाए। इससे पक्षपात की आशंका है।‘

उन्होंने अपने पत्र में कहा कि ममता बनर्जी ने जज कौशिक चंद की कोलकाता हाई कोर्ट में स्थायी नियुक्ति पर भी आपत्ति जताई थी। ऐसे में इस बात की आशंका है कि संबंधित जज की ओर से पूर्वाग्रह रखा जाए। वकील ने अपने पत्र में कहा, ‘न्याय न केवल होना चाहिए, बल्कि होते हुए दिखना भी चाहिए।‘ साथ ही उन्होंने “न्यायपालिका में जनता का विश्वास बनाए रखने” की आवश्यकता पर जोर दिया।

टीएमसी सांसद ने उठाए सवाल

बता दें, टीएमसी के दिग्गज नेता और सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से दो तस्वीरें शेयर की थी। जिसमें जस्टिस चंदा बीजेपी के लॉ एंड लीग अफेयर्स डिपार्टमेंट की बैठक में दिखाई दे रहे हैं। एक तस्वीर में वह बंगाल बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष दिलीप घोष के साथ बैठे दिख रहे हैं। टीएमसी सांसद ने अपने ट्विट में लिखा, ‘दोनों तस्वीरों में घेरे में यह व्यक्ति कौन है? क्या वह कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति कौशिक चंदा हैं? क्या नंदीग्राम चुनाव मामले की सुनवाई उन्हें सौंपी गई है? क्या न्यायपालिका और नीचे गिर सकती है?’

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