Akhilesh Yadav news: अयोध्या राम मंदिर दान चोरी मामले की गूंज अब सिर्फ जांच एजेंसियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी इसको लेकर तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे को सोशल मीडिया पर किए गए एक पोस्ट को लेकर खुली चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर विवादित पोस्ट तय समय के भीतर नहीं हटाया गया तो भाजपा सांसद के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। वहीं, इस पूरे मामले पर निशिकांत दुबे ने भी पलटवार करते हुए अदालत जाने की बात कही है।
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सोशल मीडिया पोस्ट पर भड़के अखिलेश यादव| Akhilesh Yadav news
पूरा विवाद राम मंदिर दान चोरी मामले के मुख्य आरोपी रामशंकर उर्फ टीनू यादव से जुड़े एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर शुरू हुआ। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि सत्ता पक्ष के सांसदों की तरह विपक्ष के सांसदों को भी समान विशेषाधिकार प्राप्त हैं। उन्होंने लिखा कि भगवान राम की मर्यादा, सामाजिक शालीनता और संसदीय परंपराओं का सम्मान करते हुए भाजपा सांसद निशिकांत दुबे को विवादित पोस्ट हटाने के लिए 10 मिनट का समय दिया जाता है। ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
जल्दी करिए, इतना परेशान क्यों हैं? प्रश्न ही तो पूछा है? 1990 में राम भक्त पर गोली किसने चलवाई? मैं अदालत जाऊँगा https://t.co/UaufKjKNUy
— Dr Nishikant Dubey (@nishikant_dubey) July 6, 2026
‘झूठे आरोप लगाने वाले माफी मांगें’
अखिलेश यादव ने सिर्फ भाजपा सांसद को ही नहीं, बल्कि उन सभी लोगों को भी चेतावनी दी जिन्होंने इस तरह के पोस्ट सोशल मीडिया पर साझा किए हैं। उन्होंने कहा कि झूठे आरोप फैलाने वाले लोग तुरंत अपनी पोस्ट हटाएं और सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। यदि ऐसा नहीं किया गया तो उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। सपा प्रमुख ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के नेता मुश्किल समय में किसी के साथ खड़े नहीं होते। उन्होंने कहा कि जब अदालतों के चक्कर लगाने पड़ेंगे, तब कोई बचाने नहीं आएगा।
PDA गठबंधन को बदनाम करने का लगाया आरोप
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा और उसके समर्थक समाजवादी पार्टी के पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) गठबंधन को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके मुताबिक, यह पूरा अभियान राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है। उन्होंने यह भी कहा कि “चंदा चोरों का एक गिरोह” जनता के गुस्से से बचने के लिए छिपा हुआ है और अब विपक्ष को निशाना बनाकर झूठ फैलाने में लगा है। अखिलेश यादव ने इस मामले का संज्ञान लेने की अपील दुनिया भर के रामभक्तों, सनातन धर्म के अनुयायियों, अयोध्या के संतों, सुप्रीम कोर्ट, लोकसभा अध्यक्ष और पीडीए समुदाय से भी की।
निशिकांत दुबे का पलटवार
अखिलेश यादव की चेतावनी के बाद भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने भी सोशल मीडिया पर जवाब दिया। उन्होंने उसी पोस्ट को री-पोस्ट करते हुए लिखा, “जल्दी करिए, इतना परेशान क्यों हैं? मैंने सिर्फ एक सवाल पूछा है।” इसके साथ ही उन्होंने 1990 में रामभक्तों पर हुई गोलीबारी का मुद्दा उठाते हुए सवाल किया कि उस समय गोली किसने चलवाई थी। निशिकांत दुबे ने यह भी कहा कि वह इस मामले को अदालत तक ले जाएंगे।
कौन है रामशंकर उर्फ टीनू यादव?
जिस व्यक्ति को लेकर यह पूरा विवाद खड़ा हुआ है, वह रामशंकर उर्फ टीनू यादव है। पुलिस के अनुसार, टीनू यादव अयोध्या राम मंदिर दान चोरी मामले का मुख्य आरोपी है। वह पहले श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का निजी ड्राइवर था। बाद में उसे मंदिर प्रशासन से जुड़ी जिम्मेदारियां भी दी गईं।
जांच में सामने आया है कि उसके पास दान गिनने वाले कक्ष की चाबियों तक अनधिकृत पहुंच थी। पुलिस का आरोप है कि इसी पहुंच का फायदा उठाकर उसने दान राशि में हेराफेरी की। इसी मामले में उसकी भूमिका की जांच चल रही है।
राजनीतिक विवाद ने बढ़ाई मामले की गर्मी
दान चोरी का मामला पहले ही संवेदनशील माना जा रहा था, लेकिन अब इसमें नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू होने से राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। एक ओर समाजवादी पार्टी इसे अपने खिलाफ साजिश बता रही है, तो दूसरी ओर भाजपा सवाल उठाने के अपने अधिकार की बात कर रही है।





























