Siya murder case mystery: 18 जून को पुणे के गंहुजे के प्रतिष्ठित रियल एस्टेट कारोबारी विशाल अग्रवाल के घर एक फोन आया.. घर पर तब 20 जून को होने वाली बहू के जन्मदिन की तैयारियां चल रही थी, पूरा परिवार महाबलेश्वर जाने की तैय़ारी कर रहा था.. इसी साल नवंबर में विशाल अग्रवाल के बेटे केतन अग्रवाल की शादी सिया गोयल से होने वाली थी.. पूरा घर शादी की तैयारियों में जुटा हुआ था.. लेकिन इस फोन पर जो खबर आई, इसके बाद ये खुशिया मातम में बदल गई.. फोन की दूसरी तरफ से एक डरी सहमी आवाज आ रही थी।
और साथ ही एक मनहूस खबर.. उनके घर का चिराग.. केतन अग्रवाल लोहगढ़ किले में फोटो खिंचवाने के दौरान 400 फुट गहरी खाई में गिर पड़ा था। परिवार को जैसे मानो सदमा लग गया हो.. केतन जो कि सिया के साथ उसके जन्मदिन को यादगार बनाने के लिए परिवार से पहले ही सिया के साथ चला गया था.. वो खुद ही याद बन गया.. वो कांपती आवाज सिया की थी.. ..
सोशल मीडिया पोस्ट ने खोली पोल
किसी तरह से घर वालो ने खुद को संभाला, और केतन की मौत को एक हादसा मान कर सच्चाई को कबूल भी कर लिया था.. लेकिन इस कहानी में ट्विस्ट तब आया जब सिया ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया.. केतन तुम मेरे जन्मदिन पर मुझे अकेला छोड़ गए, प्लीज वापिस आ जाओं… ये पोस्ट बिल्कुल किसी ऐसे ही पोस्ट की तरह था जो किसी मंगेतर का दुख व्यक्त करने के लिए होना चाहिए। लेकिन यहीं पर सिया ने गलती की.. 21 जून को जब सिया केतन के घर पहुंची तो केतन के बहन ने सिया से एक ही सवाल किया.. उसका भाई एक अच्छा ट्रेकर था.. तो फिर उसका भाई खाई में कैसे गिरा.. लेकिन ये सवाल सुनकर सिया के हाव भाव बदल गए।
केतन को सिया पर शक
केतन की बहन समझ गई कि भाई की मौत के पीछे बहुत बड़ी साजिश है.. जैसा दिख रहा है वैसा कुछ नहीं है.. बस फिर क्या था, केतन की बहन ने तुरंत पिता को अपना शक बताया और विशाल बिना किसी देरी के पुणे पुलिस के पास पहुंचे। उन्होंने होने वाली बहू के खिलाफ बेटे की हत्या का शक जाहिर कर दिया..विशाल ने यहां ये भी खुलासा किया कि केतन ने परिवार को कई बार बताया कि उसे लगता है कि सिया शादी नहीं करना चाहती है, और वो किसी और से फोन पर बात करती है, इतना ही नहीं सिया बार बार केतन को लोहगढ़ किला ले जाने की जिद करती थी.. यहां तक कि 14 जून को भी केतन गिरते गिरते बचा था। पुलिस ने इस जानकारी के आधार पर बिना किसी देरी के सीसीटीवी फुटेज, सिया का फोन कॉल्स की डिटेल और बाकि के सुरागों को खंगालना शुरु किया।
सिया के फोन कॉल्स की डिटेल्स सच
पुलिस को घटना वाले दिन की फुटेज में सबसे अजीब जो लगा वो था जून की इस चिलचिलाती गर्मी में एक शख्स काले रंग की हुडी पहने हुए थे, काले रंग का मास्क लगाये हुए थे.. जैसे कि वो अपनी पहचान छिपाने की कोशिश कर रहा हो.. लेकिन फुटेज में वो कई बार केतन और सिया के आसपास दिखा और कई बार वो इशारों इशारों में सिया के बात करते भी दिखा..और इसी बीच सिया के फोन कॉल्स की डिटेल्स सामने आई, जिसके सबके पैरो तले से जमीन सरका दी.. 20 साल की सिया केतन के अलावा किसी और से बात करती थी.. और जनवरी से केतन की हत्या वाले दिन सुबह 7 बजे तक सिया ने 2004 बार इस नंबर पर कॉल्स की थी, इस दौरान करीब 338 घंटे की बातचीत हुई थी। पुलिस ने जब इस नंबर के ऑनर की जानकारी निकाली तो ये नंबर पुणे के ही एक और व्यापारी के बेटे चेतन चौधरी का था.. जिसका घर पूणे के उसी इलाके में है जहां सिया के पिता का ऑफिस था..पुलिस ने सिया पर शिकंजा कसा.. तो वो टूट गई..और उसके बाद जो सच सामने आया, उसे जानने के बाद किसी के भी रोंगटे खड़े हो जायेंगे।
शादी के बुक किया उदयपुर का प्लेस बुक
सिया और केतन की सगाई इसी साल फरवरी में हुई थी, ये रिश्ता रिश्तेदारों ने करवाया था। लेकिन सिया ये शादी नहीं करना चाहती थी, सिया चेतन चौधरी नाम के एक शख्स के साथ पिछले एक साल से रिश्ते में थी, लेकिन परिवार वालो के डर से उसने बिना किसी विरोध के केतन की सगाई कर ली.. सिया ने सगाई के दौरान किसी को ये शक तक होने नही दिया था कि वो इससे खुश नहीं है.. केतन जो कि अपने पिता की कंपनी सक्सेस ग्रुप डायरेक्टर और चीफ मार्केटिंग ऑफिसर था, उसने सिया के साथ खूबसूरत जीवन के सपने सजाये थे। शादी के लिए उसने उदयपुर का प्लेस बुक किया था.. शुरुआत में सब अच्छा था। सिया ने केतन की हत्या की प्लानिंग पहले नहीं थी, लेकिन 31 मई को जब वो केतन के साथ लोनावला के पास लोहगढ़ किला घूमने गई थी, तब वो गहरी खाई के किनारे दीवार पर बैठा था, जिसे देखने बाद सिया के दिमाग में ये भयानक प्लान आया।
केतन की हत्या को हादसा बनाने की साजिश
सिया ने फिर से लोहगढ़ जाने की जिद की थी, जिसके बाद 14 जून को वो दोनो फिर गए थे, जहां केतन पहाड़ी से गिरते गिरते बचा था.. मगर वो सिया की ही चाल थी, केतन की हत्या को हादसा बनाने की.. जिसके बाद जब केतन और सिया, सिया का जन्मदिन मनाने के लिए महाबलेश्वर जाने वाले थे, उससे पहले 18 जून के सिया ने प्री वेडिंग शूट की लोकेशन चेक करने के लिए फिर से लोहगढ़ किला जाने की मांग की.. जिसे केतन मना नहीं कर सका.. और वहां सिया की चाल इस बार काम कर गई.. उसने केतन को किले से गहरी खाई में धक्का दे दिया, औऱ उस हत्या को हादसा बनाने की कोशिश की। सिया ने बताया कि अगर इस बार भी वो बच जाता तो उसे सड़क हादसे में मारने का प्लान बी बनाया था.. पुलिस ने सिया और चेतन को अपने गिरफ्त में ले लिया और 7 दिन की रिमांड पर भेजा गया है।
केतन का पासपोर्ट भी गायब
हैरानी की बात है कि सिया की हरकतों से पहले ही केतन को शक हो गया था, उसने अपने घरवालो को इसके बारे में बताया भी था.. खास कर जब 4 जून को केतन और सिया को शूट के लिए बाली जाना था, तब सिया ने चोरी छिपे फूड मॉल में केतन का पासपोर्स गायब कर दिया था, और उसे फाड़ कर फ्लश कर दिया.. सिर्फ केतन के पासपोर्ट के गायब होने से शक और बढ़ गया था, लेकिन वो 20 जून को आने वाले सिया के जन्मदिन को खराब नहीं करना चाहता था, इसलिए वो चुप रहा था। यहां तक कि सिया के जन्मदिन के लिए केतन ने महाबलेश्वर के एक फाइव-स्टार होटल में 70 कमरे बुक किए थे.. वो अपनी होने वाली पत्नी के साथ हर एक पल को बेहद खूबसूरती से जीना चाहता था, लेकिन सिया ने उसे ही एक याद बना दिया। पूरा परिवार एक गहरे सदमें में है.. इस हाई प्रोफाइल मर्डर को हादसा बनाने की अच्छी कोशिश की गई, लेकिन कानून की नजरो से सच्चाई छिप नहीं सकी.. और इस गहरी साजिश का फंडा फूट गया। एक 26 साल का नौजवान… जिसके बड़ा सपने थे.. जो बड़ा करना चाहता था.. वो बेगुनाह होते हुए भी किसी की गहरी साजिश का शिकार हो गया.. आज केतन की मां और बहन केवल यहीं सवाल कर रहे है कि इन सब में आखिर उनके बेटे का क्या कसूर था। केतन अग्रवाल मर्डर केस सोचने पर मजबूर करता है कि आखिर क्यों किसी की अय्याशियों की सजा बेगुनाह को भुगतनी पड़ी.. केतन का परिवार इस दुख से कभी उबर पायेगा।






























