मुजफ्फरनगर की टॉर्चर फैक्ट्री का खुलासा! मजदूरों को बनाते थे बंधक, भागने पर छोड़ते थे पिटबुल| Muzaffarnagar Factory Case

Nandani | Nedrick News Muzaffarnagar Published: 24 Jun 2026, 06:12 PM | Updated: 24 Jun 2026, 06:12 PM

Muzaffarnagar Factory Case: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक दोना-पत्तल फैक्ट्री में मजदूरों को कथित तौर पर बंधक बनाकर रखा गया था और उनसे जबरन काम कराया जाता था। आरोप है कि जो मजदूर विरोध करता या घर जाने की बात करता, उसे बेल्ट, डंडे, लोहे की रॉड और हंटर से पीटा जाता था। इतना ही नहीं, कुछ मजदूरों ने दावा किया कि उन्हें गर्म भाले से दागा गया और भागने की कोशिश करने वालों पर पिटबुल कुत्ता छोड़ दिया जाता था।

पुलिस ने 22 जून की शाम छापेमारी कर फैक्ट्री से 13 मजदूरों को मुक्त कराया। मजदूरों की हालत देखकर पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए। कई मजदूरों के शरीर पर चोट और यातना के गंभीर निशान मिले हैं।

पुलिस की छापेमारी में खुला पूरा मामला| Muzaffarnagar Factory Case

पुलिस को सूचना मिली थी कि तितावी थाना क्षेत्र के माड़ी गांव में संचालित एक दोना-पत्तल फैक्ट्री में मजदूरों को बंधक बनाकर रखा गया है। इसके बाद एसएसपी संजय कुमार वर्मा के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। इस टीम में एसपी देहात अक्षय संजय महाडिक, सीओ फुगाना विश्वजीत सिंह, सहायक श्रम आयुक्त देवेश सिंह, तहसीलदार राधेश्याम गौड़ और स्थानीय पुलिस अधिकारी शामिल थे। सोमवार शाम फैक्ट्री पर छापेमारी की गई, जहां से 13 मजदूरों को मुक्त कराया गया। कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री मालिक अंकित बालियान का पिता प्रदीप बालियान और सुपरवाइजर शिवा त्यागी गिरफ्तार कर लिए गए, जबकि मुख्य आरोपी अंकित बालियान फरार बताया जा रहा है।

“पुलिस हमारे लिए भगवान बनकर आई”

फैक्ट्री से छुड़ाए गए मजदूरों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए गंभीर आरोप लगाए। सीतापुर निवासी जगदीश ने बताया कि उन्हें करीब 11 महीने से बंधक बनाकर रखा गया था। उन्होंने कहा कि जब भी वह घर जाने या काम छोड़ने की बात करते थे, तो उन्हें बेल्ट से पीटा जाता था। उनकी मासिक तनख्वाह 12 हजार रुपये तय थी, लेकिन उन्हें कभी वेतन नहीं मिला। लगातार काम कराया जाता था और सोने तक की इजाजत नहीं दी जाती थी। जगदीश ने आरोप लगाया कि मारपीट की वजह से उनका एक कान भी प्रभावित हो गया। उन्होंने पुलिस का धन्यवाद करते हुए कहा कि अधिकारियों ने उन्हें नई जिंदगी दी है।

मजदूरों ने सुनाई दर्दनाक कहानी

औरैया निवासी शिवम जाटव ने बताया कि उन्हें छह महीने से कैद करके रखा गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके हाथ को पीछे मोड़कर तोड़ दिया गया था। वहीं नैनीताल के रहने वाले रामू ने कहा कि उन्हें ठीक से खाना तक नहीं दिया जाता था। मजदूरों को केवल चोकर की सूखी रोटी खिलाई जाती थी। उन्होंने बताया कि उनका आधार कार्ड जला दिया गया था और मोबाइल फोन भी छीन लिया गया था। रामू का दावा है कि फैक्ट्री मालिक पिस्तौल दिखाकर धमकाता था और कहता था कि अगर किसी से कुछ कहा तो जान से मार दिया जाएगा।

पिटबुल छोड़कर रोकी जाती थी भागने की कोशिश

जांच में सामने आया है कि मजदूरों को 10 से 12 हजार रुपये मासिक वेतन का लालच देकर उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हरियाणा, छत्तीसगढ़ और नेपाल से लाया गया था। लेकिन फैक्ट्री पहुंचने के बाद न तो उन्हें वेतन दिया गया और न ही वापस घर जाने की अनुमति मिली। पुलिस के मुताबिक, जो मजदूर भागने की कोशिश करता था, उस पर पिटबुल कुत्ता छोड़ दिया जाता था।

पूछताछ में गिरफ्तार सुपरवाइजर शिवा त्यागी ने भी कथित तौर पर स्वीकार किया कि मजदूरों को नियमित वेतन नहीं दिया जाता था।

तीन मजदूरों के गायब होने का भी मामला

जांच के दौरान एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। फैक्ट्री से जुड़े तीन मजदूर लापता बताए जा रहे हैं। इनमें नेपाल के रहने वाले अर्जुन नामक मजदूर की लाश नवंबर 2025 में बोरे में मिली थी। पुलिस अब इस मामले की भी जांच कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि अन्य दो लापता मजदूरों के साथ भी कोई गंभीर घटना हुई हो सकती है। अधिकारियों का कहना है कि मुख्य आरोपी अंकित बालियान की गिरफ्तारी के बाद कई और अहम खुलासे हो सकते हैं।

मजदूरों का सम्मान, पुलिस टीम को इनाम

मंगलवार को मुजफ्फरनगर पुलिस लाइन में मुक्त कराए गए मजदूरों को बुलाया गया। यहां एसएसपी संजय वर्मा ने उन्हें भोजन और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराया। अधिकारियों ने मजदूरों का हौसला बढ़ाते हुए उन्हें नए जीवन की शुभकामनाएं भी दीं। इसके साथ ही सफल रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम देने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की गई है।

फिलहाल पुलिस फरार मुख्य आरोपी की तलाश में जुटी हुई है। वहीं मजदूरों के आरोपों और लापता लोगों के मामलों की भी गहन जांच की जा रही है। यह मामला सामने आने के बाद इलाके में भारी आक्रोश है और लोग दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

 

Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

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