जब एसिड अटैक के बाद पूरी तरह से बिखर गई थी रंगोली की जिंदगी, योग से यूं मिली नई लाइफ…कंगना ने शेयर किया पूरा किस्सा!

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 21 जून 2021, 05:30 AM Updated: 21 जून 2021, 05:30 AM
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7वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर कंगना रनौत अपनी फैमिली की कुछ खास स्टोरीज फैंस के साथ सोशल मीडिया पर शेयर कर रही हैं। वो सोशल मीडिया के जरिए बता रही हैं कि कैसे योग ने उनके परिवारवालों की जिंदगी बदल दी। एक्ट्रेस ने बताया था कि उनकी मां की हार्ट सर्जरी होनी थीं। योग की वजह से वो एकदम ठीक हो गई। कंगना ने कहा था कि मैंने अपने परिवार को जो सबसे बड़ा गिफ्ट दिया, वो योग ही है।

इसके अलावा कंगना ने अपनी बहन रंगोली से जुड़ा किस्सा भी फैंस के साथ शेयर किया। उन्होंने बताया कि कैसे योग ने रंगोली को एसिड अटैक के बाद एक नई जिंदगी दीं। इसको लेकर एक्ट्रेस ने एक लंबी चौड़ी पोस्ट लिखीं। 

जब एसिड अटैक का शिकार हुई 

कंगना ने बताया कि एसिड अटैक के बाद रंगोली एकदम टूट गई थीं, लेकिन इस दौरान योग ने उनको एक नई लाइफ दी और फिर उसमें जीने की उम्मीद जगी। कंगना ने अपनी पोस्ट में लिखा- ‘रंगोली की योग स्टोरी सबसे ज्यादा प्रेरित करने वाली है। एक रोडसाइड रोमियो ने रंगोली पर एसिड फेंक दिया था, जब वो केवल 21 साल की थीं। वो थर्ड डिग्री जल गई थीं, आधा फेस जल गया था, एक आंख की रोशनी चली गई, एक कान पिघल गया और ब्रेस्ट को भी गंभीर रूप से नुकसान हुआ।’ 

‘सगाई टूट गई, लेकिन एक आंसू नहीं बहाया’

कंगना ने लिखा- ‘दो-तीन सालों में रंगोली की 53 सर्जरी हुई, लेकिन ये सब काफी नहीं था। मैं सबसे ज्यादा चिंतित उनके मानसिक स्वास्थ्य को लेकर थी क्योंकि उन्होंने बोलना छोड़ दिया था। चाहे जो भी हो जाए वो एक शब्द नहीं बोलती थीं, बस सबकुछ देखती रहती थीं। उनकी सगाई एक एयर फोर्स के ऑफिसर से हुई थीं, लेकिन जब उसने एसिड अटैक के बाद उनका चेहरा देखा, वो उन्हें छोड़कर चला गया और कभी लौटकर नहीं आया। तब भी उन्होंने एक शब्द नहीं बोला, एक आंसू नहीं बहाया।’

योग से ऐसे बदल गई पूरी जिंदगी

एक्ट्रेस ने आगे बताया- ‘डॉक्टर ने हमें बताया कि वो सदमे में हैं। उन्होंने उनको थेरेपी दी और मेंटर हेल्थ को लेकर भी दवाई दी, लेकिन इसका कुछ असर उन पर नहीं हुआ। तब मैं भी महज 19 साल की थीं। तब से मैं अपने शिक्षक सूर्य नारायण के साथ योग करती थीं। मुझे नहीं मालूम था कि योग से जले हुए और मानसिक अवसाद के रोगियों को मदद मिलती हैं और इससे आंखों की रोशनी वापस लाने में भी मदद मिलती हैं।’

कंगना ने लिखा- ‘मैं चाहती थीं कि वो मुझसे किसी भी तरह बात करें। इसलिए मैं उन्हें अपने साथ हर जगह लेकर जाती थीं, अपनी योगा क्लास में भी। उन्होंने योग करना शुरू किया, जिसके बाद मैंने उनमें एक गजब का परिवर्तन देखा। सिर्फ उन्होंने अपने दर्द को लेकर और मेरे बुरे जोक्स को लेकर रिस्पॉन्स करना शुरू किया, बल्कि उनकी एक आंख की खोई हुई रोशनी भी वापस आने लगी।’ वो आगे लिखती हैं- ‘योग हर कष्ट का एक ही जवाब है। क्या आपने कभी इसे एक मौका दिया?’

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