India vs Ireland: भारतीय क्रिकेट टीम को आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में ऐसा झटका लगा है, जिसकी शायद ही किसी ने कल्पना की होगी। अपने घरेलू मैदान पर खेल रही आयरलैंड ने दो मैचों की टी20 सीरीज में भारत का 2-0 से सफाया कर इतिहास रच दिया। यह पहला मौका है जब आयरलैंड ने टीम इंडिया के खिलाफ किसी द्विपक्षीय सीरीज में जीत हासिल की है। इससे पहले वह भारत को किसी भी अंतरराष्ट्रीय सीरीज में नहीं हरा पाया था।
लोर्कन टकर की कप्तानी में आयरलैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मौजूदा टी20 विश्व चैंपियन भारत को दोनों मुकाबलों में रन चेज करते हुए हराया। इस हार के साथ भारत की लगातार 16 टी20 सीरीज जीतने का सिलसिला भी खत्म हो गया। खास बात यह रही कि दूसरे मुकाबले में भारतीय टीम 155 रन का साधारण लक्ष्य भी हासिल नहीं कर सकी।
बल्लेबाजी पूरी तरह रही नाकाम| India vs Ireland
सीरीज में भारतीय बल्लेबाज उम्मीदों पर बिल्कुल खरे नहीं उतरे। आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करने वाले कई खिलाड़ी इस बार पूरी तरह फ्लॉप साबित हुए। शुरुआती बल्लेबाजों से लेकर मध्यक्रम तक कोई भी बड़ी पारी नहीं खेल सका, जिसका सीधा असर टीम के प्रदर्शन पर पड़ा।
कप्तान श्रेयस अय्यर नहीं दिखा पाए दम
पहली बार टी20 सीरीज में कप्तानी कर रहे श्रेयस अय्यर के लिए यह दौरा बेहद निराशाजनक रहा। बल्लेबाजी में वह पूरी तरह संघर्ष करते नजर आए। पहले मैच में उनके बल्ले से सिर्फ तीन रन निकले, जबकि दूसरे मुकाबले में वह केवल 10 रन ही बना सके। आईपीएल में शानदार फॉर्म के दम पर टीम में वापसी करने वाले अय्यर से बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन वह टीम को मजबूत शुरुआत या स्थिरता देने में सफल नहीं रहे।
संजू सैमसन का बल्ला भी रहा खामोश
ओपनिंग की जिम्मेदारी संभाल रहे संजू सैमसन भी इस सीरीज में असर छोड़ने में नाकाम रहे। टी20 विश्व कप के नॉकआउट मुकाबलों में शानदार बल्लेबाजी करने वाले सैमसन यहां पूरी तरह संघर्ष करते दिखे। दो मैचों में वह कुल पांच रन ही बना सके। पहले मुकाबले में उन्होंने पांच रन बनाए, जबकि दूसरे मैच में भारतीय मूल के गेंदबाज जय मूंदड़ा ने उन्हें पहली ही गेंद पर आउट कर दिया। उनकी खराब शुरुआत ने भारत पर अतिरिक्त दबाव बना दिया।
ईशान किशन भी नहीं निभा सके जिम्मेदारी
तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे ईशान किशन का प्रदर्शन भी उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। उन्होंने दोनों मुकाबलों में मिलाकर केवल 13 रन बनाए। पहले मैच में वह सिर्फ एक रन बनाकर लौट गए, जबकि दूसरे मुकाबले में 12 रन बनाकर आउट हो गए। हालांकि उन्होंने शुरुआत में कुछ अच्छे शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं हो सके। मध्यक्रम का यह लगातार विफल प्रदर्शन भारत की हार की अहम वजह बना।
पहले मैच में महंगे साबित हुए गेंदबाज
भारतीय टीम की हार केवल बल्लेबाजी की वजह से नहीं हुई। पहले टी20 मुकाबले में गेंदबाज भी प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे। ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर ने सिर्फ एक ओवर गेंदबाजी की, जिसमें उन्होंने 19 रन खर्च कर दिए। बल्लेबाजी में भी वह सिर्फ नौ रन बना सके। उनसे टीम को जिस संतुलन की उम्मीद थी, वह नहीं मिल सका। वहीं तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा का प्रदर्शन भी बेहद निराशाजनक रहा। उन्होंने चार ओवर में बिना कोई विकेट लिए 57 रन लुटा दिए। उनकी महंगी गेंदबाजी का फायदा आयरलैंड के बल्लेबाजों ने जमकर उठाया।
बदलाव के बाद भी नहीं बदली किस्मत
पहले मैच के बाद टीम प्रबंधन ने दूसरे मुकाबले में वॉशिंगटन सुंदर और प्रसिद्ध कृष्णा को प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया। हालांकि इन बदलावों का भी टीम के प्रदर्शन पर कोई खास असर नहीं पड़ा। भारतीय बल्लेबाजी एक बार फिर बिखर गई और टीम 155 रन का लक्ष्य हासिल करने में भी नाकाम रही।






























